भारत-अमेरिकी ट्रेड डील से चमकेगी बाइक लवर्स की किस्मत, हार्ले डेविडसन पर 0 टैरिफ, जानें दामों पर कितना होगा असर
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लग्जरी बाइक और कारों के शौकीन लोगों को बड़ी राहत देगा. अमेरिका से आने वाली Harley Davidson बाइक पर इम्पोर्ट ड्यूटी जीरो होने वाली है.
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भारत-अमेरिका के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील दोनों देशों के आम लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है. भारत ने अमेरिका के कुछ प्रोडेक्ट पर टैरिफ कम किए हैं तो अमेरिका ने भारत के कुछ प्रोडेक्ट पर टैरिफ जीरो कर दिया है. इसी कड़ी में अमेरिका से आने वाली लग्जरी बाइक पर भी इम्पोर्ट ड्यूटी जीरो होने वाली है.
इस लिस्ट में ज्यादातर लोगों की पसंद और रॉयल बाइक हार्ले डेविडसन भी है. जिस पर जीरो टैरिफ होगा. ये खबर उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो हार्ले डेविडसन के शौकीन हैं. हालांकि इस छूट में यह शर्त है कि यह केवल 800 सीसी से 1600 सीसी के बीच की क्षमता वाली बाइक पर ही लागू होगी. अगर इससे कम क्षमता वाली बाइक मंगाने पर ड्यूटी चार्ज रहेगा.
हार्ले डेविडसन के इन मॉडल्स पर लागू होंगे नए नियम
440 CC मॉडल: कीमत- 2.5 लाख से शुरू
पुराना टैक्स जारी
1252 CC मॉडल: मौजूदा कीमत- 18.20 लाख के करीब
इम्पोर्ट ड्यूटी होगी खत्म, कम होंगे दाम
1923 CC मॉडल: मौजूदा कीमत- 45 लाख से ज्यादा
इम्पोर्ट ड्यूटी खत्म होने के बाद कम होंगे दाम
मौजूदा समय में अमेरिका से आने वाली लग्जरी मोटरसाइकिल पर 30% से 40% टैक्स लगता है. 800 CC से 1600 CC की क्षमता वाली बाइक पर 30 फीसदी इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है. जबकि 1600 CC से ज्यादा पर 40 फीसदी.
हालांकि एक जरूरी बात ये भी है कि भारत में हार्ले डेविडसन की वो बाइक ज्यादा बिकती हैं. जिन पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम नहीं होगी. यानी भारत में 440 सीसी क्षमता वाली मोटरसाइकिल का ज्यादा क्रेज है.
कारों पर भी घटेगा टैक्स
बाइक ही नहीं लग्जरी कारों के शौकीन लोगों के बजट पर भी ट्रेड डील का असर होगा. 2500 CC से ज्यादा और 3000 CC से ज्यादा क्षमता वाली पेट्रोल कारों पर लगने वाला 66% आयात शुल्क घटकर 50% हो जाएगा.
समझौते से क्या बदला?
कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने शनिवार 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बारे में बताया था. उन्होंने कहा- यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपये) के बाजार को खोलेगा. भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही व्यापार वार्ता अब निर्णायक मुकाम पर पहुंच चुकी है. दोनों देशों के बीच हुए बड़े ट्रेड डील ऐलान के बाद अब एक संयुक्त बयान तैयार किया जा रहा है, जिसमें इस समझौते की पूरी रूपरेखा सामने आएगी. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने साफ संकेत दिए हैं कि यह संयुक्त बयान अगले चार से पांच दिनों में या उससे पहले भी जारी हो सकता है. इसके बाद अमेरिका की ओर से एक अहम एग्जीक्यूटिव ऑर्डर आने की उम्मीद है, जिससे भारतीय सामानों पर लगने वाला भारी टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत रह जाएगा.
यह वही हाई-प्रोफाइल ट्रेड डील है, जिसका ऐलान हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया था. इस समझौते को लेकर भारत और अमेरिका के बीच करीब एक साल से बातचीत चल रही थी. अब जब बातचीत अपने अंतिम चरण में है, तो इसे भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है.
चार-पांच दिन में आएगा संयुक्त बयान
नई दिल्ली में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के अधिकारियों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पीयूष गोयल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति के अनुसार व्यापार समझौते की पहली किस्त लगभग तैयार है. उन्होंने कहा कि संयुक्त बयान जारी होते ही आगे की पूरी प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ेगी. मंत्री के अनुसार, इस बयान के आधार पर ही अमेरिका भारत पर लगाए गए कुल 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाने का फैसला करेगा. गौरतलब है कि अभी भारतीय उत्पादों पर अमेरिका ने 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ और 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ लगाया हुआ है. यह पेनल्टी टैरिफ रूस से तेल खरीद को लेकर लगाया गया था. अब इस संयुक्त बयान के बाद कुल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत किया जाना तय माना जा रहा है.
यह भी पढ़ें- भारत-अमेरिका ट्रेड डील का काउंटडाउन शुरू, पीयूष गोयल ने बता दी साइनिंग की पूरी टाइमलाइन
वहीं, भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपये) के प्रोडेक्ट खरीदने पर सहमति जताई है. भारत और अमेरिका ने 6 फरवरी को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया था. इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है. रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है.
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