जब मंत्री के बंगले के पास हुई कचरा फेंकने की अपील और गंदगी का ढेर हो गया चुटकियों में साफ, क्या फिर होगा ऐसा?
जब बीते साल एक लड़की ने बस इतनी सी अपील की कि इस कचरे को कौन मंत्री के बंगले के पास फेंकने में मदद करेगा...चंद घंटे में कचरे का ढेर साफ हो गया. आपको बताएं कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच इसी तरह के कदम की फिर से मांग की जा रही है.
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इस कचरे को मंत्री के बंगले के सामने फेंकने में कौन-कौन मदद करेगा…एक लड़की ने किया एक ट्वीट और सड़क किनारे जमा कचरे का बड़ा ढेर घंटों में साफ हो गया. ऐसे वक्त में, जब दिल्ली-NCR देश के सबसे दूषित इलाकों में कीर्तिमान गढ़ रहा है, कोने-चौराहों, पब्लिक प्लेस और सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हैं. गाजीपुर लैंडफिल की चर्चा दुनिया भर में होती है. इसी बीच एक लड़की का पुराना पोस्ट फिर से जमकर वायरल हो रहा है. प्रदूषण, कचरा और गंदगी से निपटने का यह एक अनोखा तरीका था.
दरअसल यह पोस्ट साल 2025 का है, जब अनुराधा तिवारी नाम की लड़की ने सोशल मीडिया पर गुरुग्राम के एक कचरे के ढेर की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था कि इसे मंत्री के घर के सामने डंप करने में मदद करें. बस फिर क्या था, इस पोस्ट ने ऐसी बहस छेड़ दी कि महीनों-कई दिनों से पड़ा कचरा घंटों में साफ हो गया. इसने गुरुग्राम में स्थानीय प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया.
यह सिटिजन गवर्नेंस और जवाबदेही का एक नायाब उदाहरण था. दरअसल सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अनुराधा तिवारी सड़क किनारे जमा कचरे से परेशान थीं. उन्होंने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके कुछ ही घंटों के भीतर संबंधित इलाके की सफाई कर दी गई. दिल्ली सहित NCR में बढ़ते प्रदूषण के मामलों के बीच इस घटना की चर्चा फिर से होने लगी है. लोग कह रहे हैं कि कैसे सोशल मीडिया को दोबारा समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी जरिया बनाया जा सकता है.
कैसे एक सोशल मीडिया पोस्ट से साफ हो गया कचरे का ढेर!
बीते साल दिल्ली की रहने वाली अनुराधा तिवारी ने गुरुग्राम के एक गंदे इलाके की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट की और लिखा, “मैं गुरुग्राम में ऐसे लोगों की तलाश कर रही हूं जो मेरे साथ मिलकर इस तरह का कचरा उठाएं और उसे मंत्रियों के बंगलों के सामने डाल दें… कौन-कौन इच्छुक है?”
उनका यह पोस्ट देखते ही देखते लोगों की भावनाओं से जुड़ गया. कई यूजर्स ने उनका समर्थन किया और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की. एक यूजर ने तो मुफ्त में JCB मशीन उपलब्ध कराने की पेशकश भी कर दी और पूछा कि इसे कहां भेजना है.
जब सोशल मीडिया पोस्ट से हरकत में आ गया प्रशासन!
फिर क्या था, पोस्ट तेजी से वायरल हो गया. इसके बाद गुरुग्राम नगर निगम (MCG) हरकत में आ गया. कुछ ही घंटों के भीतर संबंधित इलाके की सफाई कर दी गई. इसके बाद नगर निगम ने साफ किए गए स्थान की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और लिखा, “सम्मानित नागरिक, इस स्थान से नियमित रूप से कचरा उठाने का कार्य #TeamMCG द्वारा किया जा रहा है. धन्यवाद.”
I’m looking for volunteers in Gurgaon to help me pick up this kind of garbage and dump it right in front of the ministers' bungalows.
— Anuradha Tiwari (@talk2anuradha) August 6, 2025
Who’s interested? pic.twitter.com/pNFrplYPHo
प्रदूषित शहरों की लिस्ट में दिल्ली टॉप में!
ऐसे समय में, जब दिल्ली प्रदूषण संकट से जूझ रही है, जनवरी में भी वायु प्रदूषण का संकट जारी रहा. दिल्ली-NCR का हाल और भी खराब था. सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के लगभग आधे निगरानी वाले शहरों में PM2.5 का स्तर राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों से ऊपर दर्ज किया गया.
CREA की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां PM2.5 का स्तर 184 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय सीमा से तीन गुना अधिक है. वहीं गाजियाबाद के बाद दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा देश के सबसे प्रदूषित शहर रहे. दिल्ली में जनवरी के महीने में 27 दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ श्रेणी में रही.
सोशल मीडिया गवर्नेंस की फिर से हो रही है मांग!
ऐसे में अपने शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन की ही नहीं, आम लोगों की भी है. अगर अधिकारी कान में तेल डालकर सो रहे हैं, तो उन्हें जगाने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है. और इसमें अनुराधा का तरीका बेहद क्रांतिकारी साबित हो सकता है. यह तरीका लीक से हटकर जरूर है, दिक्कतें हैं, लेकिन असंभव कुछ भी नहीं.
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रेलवे में सोशल मीडिया के जरिए समस्याओं के त्वरित समाधान हम सभी के लिए एक उदाहरण हैं, एक कॉल या एक पोस्ट और चार्जिंग प्वाइंट, पानी, वॉशरूम, सुरक्षा जैसी तमाम समस्याओं का झटपट समाधान. आप इस पर क्या सोचते हैं, कमेंट कर बताइए. साथ ही यह भी बताइए कि क्या आपने कभी ऐसा किया है?
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