“हमारा मुसलमान के साथ कोई रिश्ता नहीं हो सकता…”, निशिकांत दुबे ने मुस्लिमों और ओवैसी पर जो कहा, वो वायरल है
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में नेहरू, गांधी परिवार और कांग्रेस पर जो कहा उसकी खूब चर्चा हो रही है. इस दौरान उन्होंने मुस्लिम के साथ रिश्ते पर जो कहा वो सोशल मीडिया पर वायरल है.
Follow Us:
लोकसभा में बीते दिन स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के धुआंधार भाषण की खूब चर्चा हो रही है. इस दौरान उन्होंने हिंदू-मुस्लिम, ओवैसी और मुस्लिमों के साथ रिश्तों को लेकर जो कहा वो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
आपको बताएं कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कि ये लोग कह रहे हैं कि हिंदू, मुस्लिम को मार रहा है-यहां ओवैसी साहब नहीं हैं, ये जो मैं पैजामा-कुर्ता पहन कर आया हूं, सर; ये ओवैसी साहब ने मुझे ईद पर दिया है…”.
उन्होंने ओवैसी और दूसरे मुस्लिम नेताओं में अंतर और सोच पर कहा कि ओवैसी साहब मुझे टोपी पहनाने की कोशिश नहीं करते हैं और मैं उनको टीका पहनाने की कोशिश नहीं करता हूं. दुबे ने दो टूक कहा कि ना टोपी पहनने से मैं मुसलमान नहीं हो जाऊंगा और ना ही टीका लगाने से ओवैसी जो हैं वो हिंदू हो जाएंगे.
मुसलमान के साथ नहीं हो सकता कोई ‘रिश्ता’: निशिकांत दुबे
दुबे ने आगे कहा कि हम दोनों नदी की दो अलग धाराएं हैं. मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का कट्टर आदमी हूं, हमारा मुसलमान के साथ किसी प्रकार का कोई रिलेशन नहीं हो सकता. लेकिन जब देश की बात आती है, जब 'ऑपरेशन सिंदूर' की बात आई, तो हम और ओवैसी एक साथ थे. और हमने और ओवैसी ने देश के बारे में जो बात कही, वो सबसे इंपॉर्टेंट है सर.
जब ओवैसी और निशिकांत दुबे ने मिलकर पाकिस्तान पर लिया स्टैंड!
इस दौरान निशिकांत दुबे ने कहा जब हम लोग सऊदी अरब पहुंचे और वहां के विदेश मंत्री ने जब हम लोगों से कहा कि 'आपको पाकिस्तान के साथ बात करनी चाहिए', और जब ओवैसी साहब उन्हें समझाने में नाकामयाब हो गए, तो उन्होंने कहा कि 'निशिकांत जी, अब आपको बोलना चाहिए.' तब मैंने कहा कि 'यह वह सरकार नहीं है. हम आपको सुनाने आए हैं, हम आपकी बात सुनने के लिए नहीं आए हैं.
कॉम्प्रोमाइज क्या होता है निशिकांत दुबे ने बता दिया!
उन्होंने आगे कहा कि यह मनमोहन सिंह की सरकार नहीं है कि 2008 में मुंबई बम ब्लास्ट हो गया और आपके कहने पर, इसी सऊदी अरब के दबाव में और इसी अमेरिका के दबाव में शर्म-अल-शेख में जाकर आपने समझौता कर लिया.' उस एग्रीमेंट के जरिए पहली बार भारत सरकार ने कॉम्प्रोमाइज करते हुए यह बता दिया कि बलूचिस्तान में जो कुछ हो रहा है, उसमें भारत सरकार का योगदान है.
गांधी परिवार पर निशिकांत दुबे का बड़ा हमला
उन्होंने इस दौरान गांधी परिवार पर अभी तो प्रियंका जी (सदन से) चली गईं, मैं कहने वाला था सर कि गांधी परिवार में जो आदमी पैदा होता है, वो 'प्राइम मिनिस्टर इन वेटिंग' होता है. वह LOP (लीडर ऑफ अपोजिशन) नहीं होता है, वह 'लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा' नहीं होता है सर, वह सीधे प्रधानमंत्री होता है.
प्रियंका के बेटे की शादी पर दुबे का तंज!
अभी उनके बेटे की शादी होने वाली है, मैं उनसे रिक्वेस्ट करूँगा कि अपने बेटे के साथ मेरा फोटो खिंचवा दीजिएगा, क्योंकि लड़ाई तो वही है ना वो राजा हैं सर, हम रंक हैं. गांधी परिवार में कोई पैदा हो गया, तो उसे इस देश पर राज करने का अधिकार है. स्पीकर बनाना, राष्ट्रपति बनाना, उपराष्ट्रपति बनाना, सीबीआई डायरेक्टर, सीएजी या चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनानासब वही तय करेंगे.
ये है गांधी परिवार की छटपटाहट की वजह: निशिकांत दुबे
और ये जो 12 साल से सत्ता नहीं बना पा रहे हैं, इसी छटपटाहट में वे माननीय ओम बिरला जी के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं सर. जय हिंद!
नेहरू-एडविना के रिश्तों पर दुबे ने उठाया सवाल!
यह भी पढ़ें
इस दौरान दुबे ने नेहरू के बहाने कांग्रेस पर ऐसा हमला बोला कि विपक्ष के लोग हल्ला मचाने लगे. उन्होंने आगे कहा कि आज भी मैं एक किताब लेकर आया हूं. यह एडविना माउंटबेटन की बेटी की किताब है, सर. वह कहती है कि 30 जनवरी 1948 को जब महात्मा गांधी की हत्या हो गई, उसके बाद गम मनाने के बजाय नेहरू जी, एडविना माउंटबेटन के साथ एक कमरे में अलग से बंद थे. मैं तो सिर्फ किताब कोट कर रहा हूँ, यह उनकी बेटी की ही किताब है सर…प्लीज, आप देश बेचने की बात कर रहे हो? मैं तो सिर्फ तथ्यों की बात कर रहा हूँ."
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें