टैरिफ का दबाव और ग्रीनलैंड की रणनीति... ट्रंप के खिलाफ लामबंद होने लगे दोस्त देश, EU की अध्यक्ष ने दी सीधी चेतावनी

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की टैरिफ धमकी पर ईयू अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने चेतावनी देते हुए इसे बड़ी गलती बताया और कहा कि इससे यूरोप-अमेरिका की साझेदारी व भरोसा कमजोर हो सकता है.

टैरिफ का दबाव और ग्रीनलैंड की रणनीति... ट्रंप के खिलाफ लामबंद होने लगे दोस्त देश, EU की अध्यक्ष ने दी सीधी चेतावनी
Donald Trump (File Photo)

यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी एक बार फिर तनाव के दौर से गुजर रही है. इसकी वजह बना है ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी. इसी मुद्दे पर मंगलवार को यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने खुलकर अपनी बात रखी और ट्रंप के प्रस्तावित कदम को बड़ी गलती करार दिया. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे फैसले दोस्ती और भरोसे पर आधारित रिश्तों को कमजोर कर सकते हैं.

यूरोपीय संघ की अध्यक्ष ने क्या कहा?

विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए उर्सुला ने कहा कि यूरोपीय संघ और अमेरिका के रिश्ते सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह साझेदारी साझा मूल्यों और सुरक्षा हितों पर आधारित है. उन्होंने याद दिलाया कि जुलाई में दोनों पक्ष एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए थे. राजनीति में भी, व्यापार की तरह, एक डील का मतलब होता है. जब दोस्त हाथ मिलाते हैं, तो उस समझौते का सम्मान किया जाना चाहिए. उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अमेरिका को यूरोप का सहयोगी ही नहीं, बल्कि मित्र बताया. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर दोनों पक्ष एक-दूसरे को कमजोर करने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो इसका सीधा फायदा उन ताकतों को मिलेगा जिन्हें यूरोप और अमेरिका मिलकर वैश्विक मंच से बाहर रखना चाहते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ का रुख अटल और पूरी तरह एकजुट है.

क्यों तेज हुआ यह विवाद?

दरअसल, यह विवाद उस समय तेज हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी. ट्रंप ने कहा था कि जब तक ग्रीनलैंड पर कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक वह यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की अपनी योजना को पूरी तरह आगे बढ़ाएंगे. उनके इस बयान ने यूरोपीय राजधानियों में चिंता बढ़ा दी. ट्रंप ने यह भी घोषणा की थी कि 1 फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका को निर्यात होने वाले सभी सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है.

ग्रीनलैंड में यूरोपीय संघ दिखा रहा सक्रियता 

ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते तनाव के बीच उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अमेरिका के साथ सहयोग का रास्ता भी खुला रखा. उन्होंने आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर वाशिंगटन के साथ मिलकर काम करने की पेशकश की. साथ ही यह संकेत भी दिया कि यूरोपीय संघ ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ाने की दिशा में सक्रियता से काम कर रहा है. उनके मुताबिक, व्यापक आर्कटिक सुरक्षा यूरोप और अमेरिका दोनों के साझा हित में है.उर्सुला ने इन घटनाक्रमों को बदलते वैश्विक परिदृश्य से जोड़ते हुए कहा कि दुनिया स्थायी रूप से बदल चुकी है और यूरोप को भी उसी गति से खुद को ढालना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि यूरोप अब अपनी स्वतंत्र सुरक्षा रणनीति तैयार कर रहा है और आर्कटिक नीति को अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि भविष्य की चुनौतियों का मजबूती से सामना किया जा सके. डेनमार्क और ग्रीनलैंड के समर्थन में बोलते हुए यूरोपीय संघ की अध्यक्ष ने कहा कि ईयू इन दोनों के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है. इस बीच जर्मनी में यूरोपीय संसद के वरिष्ठ सदस्य मैनफ्रेड वेबर ने भी चेतावनी दी है कि ट्रंप की टिप्पणियां पिछले साल हुए व्यापार समझौते पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि ग्रीनलैंड को लेकर उठा यह विवाद केवल एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह यूरोप और अमेरिका के रिश्तों की दिशा तय करने वाला अहम मोड़ बनता जा रहा है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों पक्ष टकराव के रास्ते पर आगे बढ़ते हैं या बातचीत और साझेदारी से समाधान निकालते हैं.

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

LIVE
Advertisement
Podcast video
Arunachal पर कब्जा करने की कोशिश करने वाले ‘घुसपैठियों’ को उठाकर फेंक देने की सीधी धमकी | Taro Sonam
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें