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सीमा पार भी जान बचाता है भारत...20 ईरानियों को मौत के मुंह से निकाल लाई भारतीय नौसेना, ईरान बोला-थैंक्यू इंडिया

बीच समंदर में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे 20 ईरानियों को मौत के मुंह से निकालने वाली भारतीय नौसेना के जज्बे को दुनिया सलाम कर रही है. ईरान ने भारतीय सशस्त्र बलों के प्रोफेशनलिज्म और साहस और कॉर्डिनेशन की तारीफ की है.

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03 Nov 2026
( Updated: 03 Nov 2026
01:11 PM )
सीमा पार भी जान बचाता है भारत...20 ईरानियों को मौत के मुंह से निकाल लाई भारतीय नौसेना, ईरान बोला-थैंक्यू इंडिया
Image Source- IANS
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सिर्फ देश में नहीं, समंदर पार भी भारत का डंका बजता है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है भारतीय नौसेना का वो बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन, जिसमें भारतीय नौसेना ने 20 ईरानी सेलर्स को मौत के मुंह से बचा लिया. इस पर ईरान ने इंडिया को शुक्रिया कहा है.

बता दें कि भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अदम्य साहस का सबूत देते हुए मछली पकड़ने वाली जहाज 'अजिनी' को समुद्री लुटेरों से बचाया. इसमें सवार सभी 20 ईरानी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया. मंगलवार को अपने नाविकों के सफल रेस्क्यू पर नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भारत का आभार जताया. 

भारतीय नौसेना ने बचाई 20 ईरानी नाविकों की जान

ईरान ने इस पर कहा कि हम भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा दिखाए गए व्यावसायिकता, साहस और प्रभावी समन्वय की अत्यधिक सराहना करते हैं. यह मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही सीमाओं के पार लोगों की जान बचाने में भारत की भूमिका को भी उजागर करता है.

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तेहरान ने जताया भारत का आभार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी किया गया. आभार जताते हुए ईरान ने कहा, "नई दिल्ली में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का दूतावास, भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना का हार्दिक आभार व्यक्त करता है. उन्होंने मछली पकड़ने वाले जहाज 'अजिनी' के 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को समुद्री लुटेरों से बचाने के लिए एक सफल अभियान चलाया."

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों के पेशेवर अंदाज, साहस और बेहतरीन तालमेल की ईरान भरपूर सराहना करता है. यह मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, और यह भी दिखाता है कि भारत सीमाओं के पार लोगों की जान बचाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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दूतावास ने इसे "मानवीय अभियान ईरान और भारत के बीच दोस्ती, एकजुटता और सहयोग की भावना का एक बड़ा उदाहरण" बताया. अंत में एक बार फिर आभार जताते हुए कहा, "हम उन सभी लोगों का दिल से धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने ईरानी चालक दल को सुरक्षित बचाने में अपना योगदान दिया."

कहां चला रेस्क्यू ऑपरेशन?

बता दें, नौसेना ने 02 नवंबर 26 को अरब सागर में 20 चालक दल सदस्यों को समुद्री लुटेरों से बचाया था. 48 घंटे का यह अभियान मुंबई से 3000 किलोमीटर से अधिक दूर चला था. इस ऑपरेशन में वायुसेना ने भी सहयोग दिया था.

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सफल ऑपरेशन की सराहना रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोशल मीडिया पर की. उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा, "यह कार्रवाई हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, लोगों की जान बचाने और स्थिरता बनाए रखने के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है." इस अभियान में भारतीय युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने भी अहम भूमिका निभाई थी.

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