शिखर ध्वज जलने के बाद गरुड़ की दस्तक, जगन्नाथ धाम से शुभ-अशुभ संकेत?

अबकी बार गरुड़ राज के दर्शन कहीं और से नहीं, बल्कि नाथों के नाथ प्रभु जगन्नाथ की अलौकिक दुनिया से हुए हैं…धरती के बैकुंठ लोक में आकर गरुड़ का प्रभु जगन्नाथ के ऊपर आकर बैठना…क्या किसी अनहोनी का इशारा है या फिर खुलने हैं हिंदू राष्ट्र के बंद कपाट? देखिये धर्म ज्ञान की स्पेशल रिपोर्ट में.

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