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अब ट्रैफिक पुलिस ही नहीं, लोकल पुलिस भी काटेगी चालान! दिल्ली में बदलने वाला है नियम
Delhi Traffic New Rules: दिल्ली पुलिस ने ऐसी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत ड्यूटी या गश्त पर मौजूद स्थानीय पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की तस्वीर खींचकर ई-चालान जारी कर सकेंगे. यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार को भेजा गया है. सरकार से हरी झंडी मिलते ही इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में काम शुरू किया जा सकता है.
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Delhi Traffic New Rules: दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के लिए आने वाले दिनों में मुश्किल बढ़ सकती है. अब सिर्फ ट्रैफिक पुलिस ही नहीं, बल्कि थानों और दूसरी यूनिट्स में तैनात लोकल पुलिसकर्मी भी नियम तोड़ने वाली गाड़ियों पर नजर रख सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने ऐसी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत ड्यूटी या गश्त पर मौजूद स्थानीय पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की तस्वीर खींचकर ई-चालान जारी कर सकेंगे. यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार को भेजा गया है. सरकार से हरी झंडी मिलते ही इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में काम शुरू किया जा सकता है.
अभी सिर्फ ट्रैफिक पुलिस के पास है चालान का अधिकार
फिलहाल दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होने पर चालान करने की मुख्य जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस के पास है. लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद तस्वीर कुछ बदल सकती है.अगर कोई स्थानीय पुलिसकर्मी गश्त के दौरान किसी वाहन को रेड लाइट तोड़ते, गलत दिशा में चलते या नो-पार्किंग में खड़े देखता है, तो वह उसकी फोटो लेकर ई-चालान ऐप पर अपलोड कर सकेगा. इसके बाद नियम तोड़ने वाले वाहन का चालान उसके रजिस्टर्ड मालिक के नाम पर भेजा जाएगा.
इस कदम का सबसे बड़ा मकसद सड़कों पर निगरानी बढ़ाना और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कम करना है. साथ ही इससे ट्रैफिक पुलिस पर पड़ने वाला काम का दबाव भी कुछ कम हो सकता है.
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सड़कों पर बढ़ेंगी ‘निगरानी वाली आंखें’
दिल्ली जैसे बड़े शहर में हर सड़क, गली और बाजार में हर समय ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी संभव नहीं है. ऐसे में स्थानीय पुलिस की भागीदारी से निगरानी का दायरा बढ़ सकता है. बीट पर तैनात पुलिसकर्मी, पीसीआर और दूसरी यूनिट्स के कर्मचारी भी अगर नियम तोड़ने वाले वाहनों को रिकॉर्ड कर सकेंगे, तो वाहन चालकों में चालान का डर बढ़ सकता है. गलत दिशा में गाड़ी चलाना, रेड लाइट जंप करना, फुटपाथ पर वाहन खड़ा करना या नो-पार्किंग में गाड़ी लगाने जैसे मामले अक्सर स्थानीय पुलिस की नजर में भी आते हैं. नई व्यवस्था इन घटनाओं को दर्ज करने का एक अतिरिक्त माध्यम बन सकती है.
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लेकिन गलत चालान का खतरा भी रहेगा
नई व्यवस्था से निगरानी बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं. सबसे बड़ी चिंता गलत चालान को लेकर है. सिर्फ फोटो के आधार पर चालान किया जाएगा, इसलिए यह जरूरी होगा कि तस्वीर साफ हो, वाहन का नंबर सही दिखाई दे और उसमें नियम का उल्लंघन भी स्पष्ट नजर आए.
अगर इन चीजों की ठीक से जांच नहीं हुई तो वाहन मालिक को बिना गलती के भी चालान मिल सकता है. मनमानी कार्रवाई या एक ही तरह के उल्लंघन पर अलग-अलग तरीके से कार्रवाई होने की आशंका भी बनी रह सकती है. इसलिए नई व्यवस्था में पुलिसकर्मियों को स्पष्ट नियम और उचित ट्रेनिंग देना बेहद जरूरी होगा.
कमिश्नर का ट्रैफिक सुधार पर जोर
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दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की ओर से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर खास जोर दिया जा रहा है. ऐसे में लोकल पुलिस को ई-चालान की पावर देने का प्रस्ताव ट्रैफिक नियमों की निगरानी को और मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. अब निगाहें दिल्ली सरकार की मंजूरी पर हैं. अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पहले के मुकाबले ज्यादा नजर रखी जा सकेगी.