चेहरा दिखाइए और पहचान कराइए! आधार की 5 नई पहल से बदल जाएगा सिस्टम
SWIK Portal 2.0: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI ने आधार से जुड़ी 5 नई पहल शुरू करने का ऐलान किया है.इनमें सबसे खास है फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम, जिसके जरिए चेहरे की पहचान से आधार का सत्यापन किया जा सकेगा.
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SWIK Portal 2.0: देश में आधार कार्ड (Aadhaar Card) से जुड़ी सेवाओं को अब और ज्यादा आसान और आधुनिक बनाने की तैयारी है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI ने आधार से जुड़ी 5 नई पहल शुरू करने का ऐलान किया है.इनमें सबसे खास है फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम, जिसके जरिए चेहरे की पहचान से आधार का सत्यापन किया जा सकेगा. खास तौर पर मुफ्त या रियायती राशन बांटने वाली व्यवस्था में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका मकसद उन मामलों में प्रमाणीकरण को आसान बनाना है, जहां फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन में परेशानी आती है.
राशन लेने में फेस से होगा वेरिफिकेशन
नई व्यवस्था के तहत राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने ई-पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम यानी ePDS में फेस ऑथेंटिकेशन को जोड़ सकते हैं... इसका फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जिनका फिंगरप्रिंट सही तरीके से मैच नहीं होता या बायोमेट्रिक सत्यापन में बार-बार दिक्कत आती है. चेहरे के जरिए पहचान होने से राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों पर भी रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
SWIK पोर्टल 2.0 से सरकारी काम आसान
UIDAI ने SWIK पोर्टल 2.0 भी पेश किया है. इसके जरिए सरकारी और अन्य पात्र संस्थानों के लिए आधार ऑथेंटिकेशन की मंजूरी लेने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा.. इसका सीधा फायदा उन सरकारी योजनाओं में मिल सकता है, जहां लाभार्थियों की पहचान आधार के जरिए सत्यापित की जाती है.. यानी संस्थानों के लिए प्रक्रिया आसान होगी और लोगों तक सेवाएं पहुंचाने में भी मदद मिलेगी.
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अब आधार से जुड़े कार्यालयों में टोकन सिस्टम
आधार से संबंधित UIDAI के कार्यालयों में लोगों की आवाजाही और विजिट को व्यवस्थित करने के लिए नया टोकन मैनेजमेंट सिस्टम भी शुरू किया गया है.. इससे लोगों को कार्यालय में अपनी बारी का इंतजार करने और विजिट को मैनेज करने में सुविधा मिल सकती है. साथ ही अधिकारियों के लिए भी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना आसान होगा.
सरकारी और निजी संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल
UIDAI ने आधार ऑथेंटिकेशन को लेकर एक नया फ्रेमवर्क भी तैयार किया है.. इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों और पात्र गैर-सरकारी या निजी संस्थानों के बीच आधार आधारित सत्यापन को बेहतर बनाना है.. इससे जहां जरूरत होगी, वहां आधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल किया जा सकेगा.
नई वेबसाइट और ऐप में मिलेंगे आसान फीचर
आधार की वेबसाइट और ऐप को भी नए तरीके से डिजाइन किया गया है... इसमें स्क्रीन रीडर सपोर्ट, फॉन्ट का आकार बदलने और कीबोर्ड से नेविगेशन जैसे फीचर शामिल किए गए हैं.. खासकर दिव्यांग यूजर्स के लिए ये बदलाव काफी उपयोगी हो सकते हैं। यानी कोशिश यही है कि आधार की सेवाएं सिर्फ तकनीकी रूप से आधुनिक ही नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए इस्तेमाल करने में भी आसान बनें.
23 भाषाओं में बढ़ेगी पहुंच
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UIDAI ने आधार से जुड़ी जानकारी और सेवाओं को देश की 23 भाषाओं में उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करने की बात कही है. इससे अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोगों के लिए आधार से जुड़ी जानकारी समझना और सेवाओं का इस्तेमाल करना आसान हो सकता है.. इन बदलावों का फोकस आधार को ज्यादा आसान, डिजिटल और लोगों के लिए सुविधाजनक बनाने पर है. खासकर राशन और सरकारी योजनाओं में फेस ऑथेंटिकेशन आने से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जिन्हें पारंपरिक बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी होती है.