चलती ट्रेन में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, क्या रेलवे कराता है मुफ्त इलाज? जानें नियम
Indian Railways: जब कोई गर्भवती महिला (Pregrant Women) सफर कर रही हो और अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो जाए, तो उसके साथ मौजूद परिवार के लोग घबरा जाते हैं. ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर मदद कहां से मिलेगी और मां-बच्चे को सुरक्षित अस्पताल कैसे पहुंचाया जाएगा.
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Indian Railways: रेलवे एक ऐसा साधन है जिसको अमीर से अमीर और गरीब से गरीब इस्तेमाल करते है, लेकिन ट्रेन में सफर के दौरान कई बार ऐसी परिस्थितियां सामने आ जाती हैं, जिनके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं होता. खासकर जब कोई गर्भवती महिला (Pregrant Women) सफर कर रही हो और अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो जाए..., तो उसके साथ मौजूद परिवार के लोग घबरा जाते हैं. ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर मदद कहां से मिलेगी और मां-बच्चे को सुरक्षित अस्पताल कैसे पहुंचाया जाएगा. हाल ही में बिहार के बक्सर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन में एक महला ने बच्चे को जन्म दिया....जानकारी के मुताबिक, महिला अपने पति के साथ पटना के दानापुर लौट रही थी, तभी उसे अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी. स्थिति को देखते हुए बक्सर स्टेशन के मैनेजर ने मेडिकल मदद का इंतजाम किया.इस घटना के बाद लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि अगर ट्रेन में किसी महिला की डिलीवरी हो जाए, तो क्या भारतीय रेलवे उसका इलाज मुफ्त में कराता है...?
ट्रेन में अचानक डिलीवरी होने लगे तो क्या करें?
ट्रेन में सफर के दौरान अगर किसी गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो जाए, तो सबसे जरूरी है कि घबराने के बजाय तुरंत मदद मांगी जाए...महिला के साथ मौजूद व्यक्ति को इसकी जानकारी ट्रेन में मौजूद रेलवे कर्मचारियों (Railway Staff) और टीटीई (TTE) को देनी चाहिए... अगर आसपास कोई रेलवे कर्मचारी नहीं मिल रहा है, तो रेलवे हेल्पलाइन नंबर (Railway Helpline Number) 139 पर संपर्क करके स्थिति की जानकारी दी जा सकती है... समय पर सूचना मिलने से रेलवे अगले स्टेशन पर मेडिकल सहायता का इंतजाम करने की कोशिश कर सकता है... जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या मेडिकल टीम को बुलाने और महिला को अस्पताल पहुंचाने में भी मदद की जा सकती है... ऐसी स्थिति में महिला को अकेला छोड़ने के बजाय उसके साथ रहना और मेडिकल कर्मचारियों की सलाह के अनुसार काम करना जरूरी है, ताकि मां और बच्चे को सुरक्षित सहायता मिल सके.
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क्या रेलवे महिला की डिलीवरी का पूरा खर्च उठाता है?
यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में आता है कि अगर ट्रेन में बच्चे का जन्म हो जाए, तो क्या रेलवे इलाज का पूरा खर्च देता है...? इसका जवाब समझना जरूरी है.. रेलवे की ओर से मेडिकल मदद दिलाने या अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करने का मतलब यह नहीं है कि हर मामले में इलाज और दवाइयों का पूरा खर्च रेलवे ही उठाएगा..महिला और नवजात बच्चे के इलाज का खर्च अस्पताल के नियमों, उपलब्ध सुविधाओं और संबंधित परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है.. इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि ट्रेन में डिलीवरी होने पर इलाज पूरी तरह मुफ्त मिलेगा...
मां और बच्चे की सुरक्षा सबसे जरूरी
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गर्भावस्था के दौरान ट्रेन से सफर करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी ह... अगर यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा शुरू हो जाए, तो बिना देर किए रेलवे कर्मचारियों को सूचना दें और मेडिकल मदद मांगें...ऐसी परिस्थिति में समय पर डॉक्टर की सहायता मिलना मां और नवजात बच्चे, दोनों के लिए बेहद अहम होता है..., भारतीय २रेलवे जरूरत के मुताबिक मदद पहुंचाने की व्यवस्था कर सकता है, लेकिन यात्रियों को यह भी समझना चाहिए कि मेडिकल सहायता मिलना और इलाज का पूरा खर्च मुफ्त होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं..