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यूपी बोर्ड को लेकर योगी सरकार का सख्त आदेश, अब जूते-मोजे उतरवाकर नहीं होगी परीक्षा

UP Board Exam: सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी परीक्षार्थी से जूते या मोजे उतरवाकर परीक्षा नहीं ली जाएगी. यह आदेश छात्रों की गरिमा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है.

Image Source: Social Media

UP Board: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर योगी सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी परीक्षार्थी से जूते या मोजे उतरवाकर परीक्षा नहीं ली जाएगी. यह आदेश छात्रों की गरिमा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है. सरकार का मानना है कि सुरक्षा और जांच जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर छात्रों के साथ किसी तरह का गलत या अपमानजनक व्यवहार नहीं होना चाहिए.

परीक्षा केंद्र के गेट पर ही होगी पूरी जांच

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों की पूरी जांच परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर ही की जाएगी. यानी छात्रों को क्लासरूम में प्रवेश से पहले ही जांच प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इससे परीक्षा कक्ष के अंदर किसी तरह की अव्यवस्था नहीं होगी और छात्रों को मानसिक तनाव भी नहीं झेलना पड़ेगा. जांच के दौरान अनुशासन और मर्यादा का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं.

छात्राओं की तलाशी सिर्फ महिला शिक्षिकाएं ही करेंगी

सरकार ने छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी सख्त नियम बनाए हैं. आदेश में साफ कहा गया है कि किसी भी छात्रा की तलाशी पुरुष शिक्षक नहीं करेंगे. छात्राओं की जांच केवल महिला शिक्षिकाओं द्वारा ही की जाएगी. यह नियम सभी परीक्षा केंद्रों पर सख्ती से लागू होगा और इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है.

सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर से होगी हर गतिविधि पर नजर

यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर पूरी तरह से चालू हालत में होना अनिवार्य किया गया है. अगर किसी केंद्र पर कैमरा या रिकॉर्डर खराब मिलता है, तो इसकी सूचना तुरंत डीआईओएस और कंट्रोल रूम को देनी होगी. सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर के किसी भी कीमत पर परीक्षा नहीं कराई जाएगी. इससे नकल और गड़बड़ी पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी.

शिक्षकों की ड्यूटी और व्यवहार को लेकर सख्त निर्देश

जिस विषय की परीक्षा हो रही है, उस विषय के शिक्षक की ड्यूटी उसी केंद्र पर नहीं लगाई जाएगी. इसके अलावा केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी हालत में परीक्षार्थियों से अभद्र व्यवहार नहीं करेंगे. परीक्षा केंद्र पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहेगी और परीक्षा के दौरान न तो फोटोग्राफी होगी और न ही मीडिया को किसी तरह की ब्रीफिंग दी जाएगी.

नकल पर कड़ी नजर, डीआईओएस को खास जिम्मेदारी

अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा ने सभी मंडलों के अधिकारियों और डीआईओएस को साफ निर्देश दिए हैं कि नकल पर पूरी तरह से लगाम लगाई जाए. यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेंगी. इस दौरान डीआईओएस की जिम्मेदारी होगी कि खराब सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर तुरंत ठीक कराए जाएं. अब तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर नकल कराना आसान नहीं होगा.

30 दिन तक सुरक्षित रहेगी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग

सरकार ने यह भी आदेश दिया है कि सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर की डीवीआर रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाए. परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट रोजाना जिलाधिकारी और डीआईओएस को दी जाएगी. इसके साथ ही 50 प्रतिशत बाहरी कक्ष निरीक्षकों द्वारा जांच भी की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान रहेगा बाहर

परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के बाहर ही जमा कराने होंगे. परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर की निगरानी में पैक कर संकलन केंद्र भेजा जाएगा. संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी.

उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर लिखना होगा रोल नंबर

यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक और जरूरी नियम बनाया गया है. अब परीक्षार्थियों को अपनी उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर अपना रोल नंबर और उत्तर पुस्तिका क्रमांक लिखना होगा. केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्र हर पेज पर यह जानकारी जरूर लिखें, ताकि उत्तर पुस्तिकाओं में किसी तरह की गड़बड़ी न हो.

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