'गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं...', CM फडणवीस ने शिंदे का नाम लेकर दिया संजय राउत पर तगड़ा जवाब
शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि उनकी पार्टी 10 मिनट में मुंबई बंद करा सकती है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे गीदड़ भभकी बताते हुए खारिज किया और कहा कि जब पहले भी ऐसी धमकी दिया जा चुका है.
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महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत के मुंबई बंद कराने के दावे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखा पलटवार किया है. फडणवीस ने राउत के बयान को गीदड़ भभकी बताते हुए साफ कहा कि अब हालात बदल चुके हैं. 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले यह बयानबाजी सियासी माहौल को और गर्म कर रही है.
10 मिनट में मुंबई बंद करा सकते हैं: संजय राउत
एक टीवी चैनल क कार्यक्रम में संजय राउत ने दावा किया था कि उनकी पार्टी आज भी महज 10 मिनट में मुंबई बंद करा सकती है. उन्होंने इसे संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताया और यहां तक कहा कि इसे धमकी ही समझा जाए. इस बयान के कुछ समय बाद उसी चैनल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहुंचे और उन्होंने राउत के दावे को सिरे से खारिज कर दिया.
CM फडणवीस ने किया पलटवार
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वे गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने राउत को याद दिलाया कि जब एकनाथ शिंदे मुंबई आए थे, तब चुनौती दी गई थी कि उन्हें शहर में घुसने नहीं दिया जाएगा. लेकिन हकीकत यह रही कि शिंदे न सिर्फ मुंबई आए, बल्कि 50 विधायकों के साथ उसी रास्ते से चलते हुए राजभवन पहुंचे और सरकार बनाई. फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि मुंबई बंद करना तो दूर, ये लोग अपने घर के आसपास भी कुछ बंद नहीं करा पाए. मुख्यमंत्री ने शिवसेना के पुराने दौर और मौजूदा हालात की तुलना भी की. उन्होंने कहा कि दिवंगत बाला साहब ठाकरे के समय में शिवसेना की ताकत ऐसी थी कि एक इशारे पर दो घंटे में मुंबई बंद हो जाती थी. लेकिन आज की स्थिति में वैसा दम किसी में नहीं बचा है. उनके इस बयान को सीधे तौर पर उद्धव ठाकरे गुट की कमजोर होती पकड़ से जोड़कर देखा जा रहा है.
BMC चुनाव को लेकर मची है सियासी हलचल
बीएमसी चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल इसलिए भी तेज है क्योंकि इस बार ठाकरे परिवार एक साथ नजर आ रहा है. राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच गठबंधन ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं. इस गठबंधन पर संजय राउत ने कहा कि उद्धव और राज भाई हैं और यह पूरी तरह पारिवारिक मामला है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके एक होने में उनकी कोई भूमिका रही है, तो वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं.
बताते चलें कि महाराष्ट्र की राजनीति को करीब जानने वाले जानकारों का मानना है कि बीएमसी चुनाव से पहले इस तरह के बयान वोटरों को साधने की कोशिश हैं. एक तरफ संजय राउत संगठन की ताकत दिखाने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ देवेंद्र फडणवीस विपक्ष की कमजोरियों को उजागर कर रहे हैं. साफ है कि मुंबई की सियासत में आने वाले दिनों में बयानबाजी और तेज होगी और इसका असर सीधे बीएमसी चुनाव पर देखने को मिलेगा.
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