मदरसों में 'वंदे मातरम्' अनिवार्य, घुसपैठियों पर भी बड़ा ऐलान... CM सुवेंदु अधिकारी ने बताया बंगाल सरकार का पूरा एजेंडा
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के स्कूलों और पंजीकृत मदरसों में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य किया गया है. उन्होंने घुसपैठियों को वापस भेजने और राज्य की सीमाओं की सुरक्षा का भी दावा किया.
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार के कई अहम फैसलों और योजनाओं का जिक्र किया. नेशनल लाइब्रेरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूलों के साथ पंजीकृत मदरसों में भी राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का गायन अनिवार्य किया गया है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब वंदे मातरम् के पूरे छह अंतरे गाने और इसे लेकर कानूनी प्रावधानों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.
मदरसों में वंदे मातरम् को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के स्कूलों और पंजीकृत मदरसों में वंदे मातरम् के गायन को अनिवार्य किया है. इससे पहले मई 2026 में पश्चिम बंगाल सरकार ने स्कूलों में सुबह की सभा के दौरान वंदे मातरम् के गायन को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था.वहीं इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई भी महत्वपूर्ण है. 22 सितंबर की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा था कि धार्मिक विश्वास या अंतरात्मा के आधार पर वंदे मातरम् नहीं गाने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. अदालत ने छह अंतरों वाले संस्करण से जुड़े मामले में केंद्र से जवाब भी मांगा है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अभी यह तय नहीं किया है कि राष्ट्रगीत के कितने अंतरे आधिकारिक रूप से गाए जाने चाहिए.
घुसपैठ के मुद्दे पर भी अधिकारी का हमला
कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने पिछली ममता बनर्जी सरकार पर घुसपैठियों को राज्य में आने देने और इससे पश्चिम बंगाल की जनसांख्यिकी प्रभावित होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य की सीमाओं को सुरक्षित रखने और अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने के लिए प्रतिबद्ध है. यह आरोप मुख्यमंत्री ने राजनीतिक संदर्भ में लगाया है और इसे लेकर पूर्ववर्ती सरकार की ओर से अलग-अलग समय पर विरोध भी सामने आता रहा है.
गौशालाओं को सरकारी मदद का ऐलान
सुवेंदु अधिकारी ने राज्यभर में गौशालाओं की स्थापना और संचालन के लिए सरकार की ओर से सहयोग देने की बात भी कही. उन्होंने गौ संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और संगठनों से अधिक संख्या में गौशालाएं स्थापित करने का आग्रह किया. अधिकारी ने कहा कि सरकार इस काम में सहायता उपलब्ध कराएगी और गोहत्या को लेकर अपनी नीति को लेकर प्रतिबद्ध है.
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UCC को लेकर भी बड़ा दावा
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर भी सरकार की योजना स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति के परामर्श की प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य में UCC लागू किया जाएगा. समिति को अपनी प्रक्रिया पूरी करने में कुछ महीने लगने की बात भी कही गई है.
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बताते चलें कि इस तरह पश्चिम बंगाल सरकार के एजेंडे में वंदे मातरम्, घुसपैठ, गौ संरक्षण और UCC जैसे मुद्दे एक साथ सामने आए हैं. अब इन फैसलों और घोषणाओं का प्रशासनिक स्तर पर किस तरह क्रियान्वयन होता है, इस पर नजर रहेगी.