Uttarakhand: भूमि शर्मा बनकर रह रही थी बांग्लादेशी मुस्लिम महिला, पुलिस ने कसा शिकंजा, डिपोर्ट की तैयारी
भारत आने के बाद उसने हिंदू महिला भूमि शर्मा के नाम से अपने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और इस तरह बबली खातून भूमि शर्मा बन कर देहरादून में रहने लगी. उसने यहां एक हिंदू लड़के से शादी भी कर ली.
उत्तराखंड (Uttarakhand) की धामी सरकार उत्तराखंड में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ एक्शन मोड़ में है. इसी कड़ी में देहरादून में अवैध रूप से रह रहीं दो महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है. ये महिलाएं बांग्लादेश की हैं. पुलिस को इनके पास से फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं.
जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं फर्जी दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से देहरादून में रह रहीं थी. पुलिस ने इन पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. पुलिस इन दोनों के सहयोगियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है. वो लोग जिन्होंने महिलाओं को फर्जी दस्तावेज मुहैया करवाने समेत कई तरह से मदद की है. दस्तावेजों के साथ-साथ किन लोगों ने किस तरह से महिलाओं की मदद की है. इसकी भी जांच की जा रही है.
नकली आधार और पैन बरामद
पुलिस को एक महिला के पास से फर्जी आधार, पेन कार्ड जैसे दस्तावेज मिले हैं. जल्द ही बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा. वहीं पुलिस के मुताबिक, हिरासत में ली गई बांग्लादेशी महिला साल 2023 में अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस कर भारत आई थी. जो यहां मजदूरी का काम करती है. महिला को भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार जल्द बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा.
एक महिला कोविड के दौरान अवैध रूप से बार्डर क्रॉस कर भारत आई थी. भारत आने के बाद उसने हिंदू महिला भूमि शर्मा के नाम से अपने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और इस तरह बबली खातून भूमि शर्मा बन कर देहरादून में रहने लगी. उसने यहां एक हिंदू लड़के से शादी भी कर ली.
ऑपरेशन कालनेमि के तहत कार्रवाई
दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने राज्य में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया है. इसके तहत देहरादून में अवैध रूप से रह रहे 17 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. ये लोग नकली दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रहे हैं. इनमें से 8 बांग्लादेशियों को अभी तक जेल भेजा जा चुका है.
इससे पहले सितंबर 2025 में भी ऑपरेशन कालनेमि के तहत देहरादून से दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था. इन्हें ISBT बस अड्डे से अरेस्ट किया गया था. आरोप है कि ये महिलाएं देहरादून में अवैध रूप से पिछले 6 महीनों से रह रही थी. इनके पास से पुलिस को बांग्लादेशी की आईडी भी मिली थी.
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