जुमे की नमाज के बाद झड़प, बसों को फूंका, उपद्रवियों ने बरसाए पत्थर, उज्जैन में कैसे भड़की सामुदायिक हिंसा?
तराना इलाके में बवाल के बाद करीब 7 थानों की पुलिस बल तैनात की गई है. यह पूरा विवाद 22 जनवरी की रात एक बस को रास्ता देने को लेकर हुए मामूली झगड़े से शुरू हुआ था.
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Ujjain Violence Update: मध्य प्रदेश के उज्जैन में गुरुवार 22 जनवरी को दो गुटों में विवाद अगले दिन सामुदायिक हिंसा में बदल गया. हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि लोगों ने एक दुकान में आग लगा दी, बसों को फूंक दिया और दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ.
हिंसा उज्जैन जिले के तराना कस्बे में भड़की हिंसा के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. यहां जुमे की नमाज के बाद कथित तौर पर भीड़ ने बसों में आग लगा दी, दुकानों में तोड़फोड़ की और कई जगहों पर पथराव किया. हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद 22 जनवरी की रात एक बस को रास्ता देने को लेकर हुए मामूली झगड़े से शुरू हुआ था. देखते ही देखते यह दो समुदायों के बीच के तनाव में बदल गया, जिसके बाद पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं. अगले दिन यानी शुक्रवार को हालात और बिगड़ गए, जब अज्ञात उपद्रवियों ने दो बसों में आग लगा दी और पथराव कर दहशत फैला दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू किया. इस घटना पर उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि 6 लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया है. SP प्रदीप शर्मा ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
SP प्रदीप शर्मा के मुताबिक, यह घटना सोहेल ठाकुर नाम के युवक पर हुए हमले से जुड़ी है. सोहेल विश्व हिंदू परिषद का नगर मंत्री है. बताया जा रहा है जब वह मंदिर के सामने खड़ा था. तभी मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने उसे टोका, बात बढ़कर कहासुनी तक पहुंच गई और फिर कुछ लोगों ने सोहेल पर हमला कर दिया. जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
इन पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सप्पन मिर्जा, इशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इनमें से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का प्रदर्शन
सोहेल ठाकुर पर हमले के बाद दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे. तनाव उस समय और बढ़ गया, जब हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने तराना थाने का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों का जुलूस निकालने और उनके घर तोड़ने की मांग की. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर धरना दिया और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया.
तनाव के बाद तराना में लगभग 7 थानों की पुलिस तैनात की गई है. तनाव को देखते हुए शुक्रवार को बाजार बंद रहे और संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस गश्त की गई. प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे. पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है और CCTV फुटेज की जांच जारी है. वहीं, सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े कई CCTV फुटेज भी वायरल हो रहे हैं. जिनमें उपद्रवी घरों और मंदिरों के आस-पास तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं. हालांकि इन वीडियोज की सत्यता की पुष्टि का दावा NMF News नहीं करता.
बसंत पंचमी और जुमा एक साथ होने के कारण एहतियात के तौर पर इलाके में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है. मौके पर STF की एक कंपनी और करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात हैं. प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
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