बंगाल चुनाव से पहले सियासी तूफान,... बजट, तिरुपति लड्डू और फिल्म को लेकर ममता सरकार पर VHP का तीखा हमला
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने पश्चिम बंगाल के बजट, तिरुपति बालाजी मंदिर से जुड़े कथित मामले और एक फिल्म को लेकर अहम बयान दिए हैं. उन्होंने बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए आवंटित राशि तकनीकी विकास, शिक्षा और उद्योग जैसे अहम क्षेत्रों की तुलना में कई गुना अधिक है.
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पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले राज्य का सियासी पारा काफी बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है. एक तरफ राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमलावर है तो वहीं, अब इसी कड़ी में विश्व हिंदू परिषद भी राज्य सरकार के बजट पर सवाल उठाते मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है. विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने पश्चिम बंगाल के बजट, तिरुपति बालाजी मंदिर से जुड़े कथित मामले और एक फिल्म को लेकर अहम बयान दिए हैं.
विनोद बंसल ने क्या कहा?
विनोद बंसल ने पश्चिम बंगाल सरकार के बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए आवंटित राशि तकनीकी विकास, शिक्षा और उद्योग जैसे अहम क्षेत्रों की तुलना में कई गुना अधिक है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल के एक और विभाजन की नींव रख रही हैं. बंसल ने कहा कि अल्पसंख्यकों के नाम पर 'तुष्टीकरण' की नीति अपनाई जा रही है, जिससे हिंदू समाज आहत है. हिंदू समाज के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है और इस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मानसिकता में बदलाव नहीं हुआ तो भविष्य में हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा.
चंद्रबाबू नायडू के बयान का दिया हवाला
इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के एक बयान का हवाला देते हुए विनोद बंसल ने एक गंभीर आरोप को सामने रखा. उन्होंने कहा कि नायडू ने दावा किया है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में, जब उनके चाचा तिरुपति देवस्थानम बोर्ड के चेयरमैन थे, तब तिरुपति बालाजी के लड्डुओं में इस्तेमाल होने वाले घी में कथित तौर पर टॉयलेट साफ करने वाले केमिकल्स मिलाए गए। बंसल ने इसे बेहद गंभीर खुलासा बताया और मामले की गहन जांच की मांग की.
वहीं, फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर भी विहिप प्रवक्ता ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि प्रचार पाने की कोशिश में फिल्म के निर्देशक, निर्माता और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने हिंदू समाज का गंभीर अपमान किया है. उनके अनुसार, इस तरह की फिल्मों से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है और समाज में गलत संदेश जाता है.
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