‘हम भी तेरे दादा लगते हैं…’, उत्तराखंड पहुंचे CM योगी का दिखा बाल-प्रेम, बड़े-बुजुर्गों का भी जाना हाल; पैतृक गांव पंचूर में किया रात्रि विश्राम
उत्तराखंड दौरे के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने पैतृक गांव पंचूर में रात्रि विश्राम किया. शनिवार सुबह उन्होंने बुजुर्गों का हालचाल जाना और बच्चों से स्नेहपूर्वक मुलाकात कर उनका दुलार किया.
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उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने पैतृक गांव पंचूर में रात्रि विश्राम किया. शनिवार सुबह उन्होंने अपने गांव के बड़े-बुजुर्गों का हालचाल जाना और बच्चों को दुलार किया. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बालप्रेम उमड़ आया. उन्होंने गांव के बच्चों पर अपना स्नेह बरसाया, उनसे बातचीत की और उन्हें चॉकलेट भी दी. सीएम योगी ने एक बच्चे को अपनी गोद में लेकर उसे प्रेम से खिलाया. बच्चों ने भी सहज भाव से मुख्यमंत्री से बातचीत की. इस दौरान, गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सेल्फी भी ली.
CM योगी ने परिजनों भी मुलाकात की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने परिजनों से भी मिले, सभी का कुशलक्षेम जाना. सीएम योगी की विनम्रता, सरलता व सहजता देखकर स्थानीय लोग भी भाव-विभोर हो गए। इसके बाद अपने गांव में भ्रमण पर निकले मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों व परिचितों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को दुलार किया.
गांव के बच्चों से मिले CM योगी
भ्रमण के दौरान मार्ग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बच्चे ने फूल भेंट किया तो उन्होंने मासूम को खाने का सामान दिया. बच्चे ने वह सामान वहां खड़े अपने दादा को दे दिया. इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए प्यार भरे शब्दों में बच्चे से कहा, 'हम भी तेरे दादा लगते हैं.’ गांव में भ्रमण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीणों को गांव में रहने और खेतीबाड़ी करने के लिए प्रेरित किया.
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को उत्तराखंड दौरे पर रहे. इस दौरान उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के बिथ्याणी क्षेत्र में स्थित जनता इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. नई शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है.
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