'काशी विश्वनाथ मंदिर जाते तो जाली टोपी वाले उन्हें दौड़ा देते’, ओपी राजभर ने अखिलेश को घेरा, कहा- अली-अली वाले, अब बजरंगबली बोल रहे
अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे पर सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जालीदार टोपी पहनकर 'अली-अली' करने वाले आज बजरंगबली का नाम ले रहे हैं. उन्होंने सपा के सरकार बनाने के दावे पर भी तंज कसा है.
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उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने कहा कि जिनके शासनकाल में काशी की उपेक्षा हुई, वही अखिलेश आज काशी के विकास पर सवाल उठा रहे हैं. मथुरा, अयोध्या और काशी में मंदिर दर्शन नहीं करने को लेकर भी सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर उन्हें किस बात का डर है?
काशी के विकास पर अखिलेश को घेरा
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने कार्यकाल का काशी याद करना चाहिए, तब उन्हें समझ आएगा कि मोदी-योगी राज में काशी में कितना विकास हुआ है. अखिलेश के काशी में मेट्रो चलाने के दावे पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि बेहयाई की भी हद होती है. उन्होंने कहा कि NDA के शासन में विकास की गंगा बह रही है. सपा सरकार बनने के अखिलेश के दावों पर उन्होंने कहा कि न नौ मन गेहूं होगा, न राधे गवने जायेंगी.
’मंदिर जाते तो जालीदार टोपी वाले उन्हें दौड़ा लेते’
राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते अखिलेश जालीदार टोपी पहनकर 'अली-अली' करते थे, लेकिन अब त्रिशूल और चक्र धारण कर 'बजरंगबली' का नाम लेते हैं. वो पहले बताएं कि वह मथुरा क्यों नहीं गए? वो कहते हैं कि राम ही कृष्ण हैं और कृष्ण ही राम हैं, तो दर्शन करने में क्या परेशानी है? अखिलेश अयोध्या जाते हैं, लेकिन हनुमानगढ़ी और भगवान राम के दर्शन नहीं करते. वाराणसी जाने के बावजूद उन्होंने बाबा भोलेनाथ के दर्शन नहीं किए. राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को डर था कि अगर वो मंदिर जाते तो जालीदार टोपी वाले उन्हें दौड़ा लेते.
अरे मित्र @yadavakhilesh जी! सुना है कि आप अगले साल यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ेंगे। ए महाराज, नेता क्या जो चुनाव से भागे? आइये हो जाये दो-दो हाथ। हमको नहीं पता था कि आप इतना टोना-टोटका मानने वाले हैं। वैसे बिना चुनाव लड़े आपका मुख्यमंत्री बन जाना कोई टोना-टोटका नहीं था मित्र! बल्कि रेडीमेड पार्टी के रेडीमेड शहजादा होने के कारण मुख्यमंत्री बन पाए थे। अब जब, लग गया कि लड़ने गए तो मिट्टीपलीत होनी तय है तो लगे मैदान छोड़कर भागने? मित्र अखिलेश जी...ये लाल टोपी वालों की सरकार नहीं है, जब प्रदेश टोना-टोटका वाले चलाया करते थे। नोएडा से लेकर आगरा, अयोध्या और मथुरा तक टोना-टोटका मानने वालों की सरकार को जनता ने 10 साल पहले ही उखाड़ के फेंक दिया है। आज हम लोगों ने मिलकर सारे टोना-टोटका, भूत-प्रेत, पिशाच सब झार दिये हैं। आपके सब भूत प्रेत गायब हैं। वैसे भी! ले दे के एक्कै बार सीएम बन पाए हैं आप...अब आगे अगली पैदाइश तक उम्मीद भी नहीं है। तो कम से कम हिम्मत दिखते हुए किसी एक सीट से लड़ लिये होते। डर गए चुनौती पर। चलिए, बाबा विश्वनाथ आपका कल्याण करें... आपके पास चौराहे पर रुककर मिठाई खाने का समय था, मगर कुछ ही दूर पर उनके दरबार में शीश झुकाने का समय नहीं मिला। कम से कम पास में ही काल भैरव बाबा के दरबार में चले गये होते। वहां आपके सब टोना-टोटका का इलाज हो गया होता...। जय भारत, जय श्रीराम, जय परशुराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव!
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) November 4, 2026
राजभर ने अखिलेश को दी थी चुनौती
आपको बता दें कि बीते दिन भी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे को लेकर उन पर तीखा हमला बोला था. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए राजभर ने लिखा था कि अखिलेश बनारस पधार रहे हैं, मगर अफसोस की बात है कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाने की भी उनकी हिम्मत नहीं हो रही है. उन्होंने सपा प्रमुख को चेतावनी देते हुए कहा कि वे इतनी भी तुष्टिकरण वाली राजनीति न करें कि हिंदू समाज उन्हें धिक्कारने लगे.
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अयोध्या और मथुरा में दर्शन करने में छूटती है अखिलेश की कंपकपी
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कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव के पिछले दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले जब वे अयोध्या गए थे, तब वहां भी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पास से मुंह घुमाकर निकल गए थे. इसी तरह जब वे मथुरा जाते हैं, तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की तरफ देखने से भी उनकी कंपकंपी छूटने लगती है. राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि न जाने क्यों अखिलेश यादव का मन केवल मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है.