बंगाल में BJP के चुनाव प्रचार में डाली बाधा, CRP के अधिकारी ने पहले उल्टे हाथ जड़ा जोरदर थप्पड़, फिर उठा ले गए!
बंगाल में बीजेपी के प्रचार में बाधा डाल रहे TMC कार्यकर्ता की पहले केंद्रीय बलों के अधिकारी ने TMC के ही नेता से फोटो दिखाकर शिनाख्त कराई और फिर ऐसा थप्पड़ जड़ दिया. अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे चुनाव के दिन नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे ही चुनावी सरगर्मी बढ़ती जा रही है. बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ता एक दूसरे पर तमाम तरह के आरोप भी लगा रहे हैं. वहीं सत्ताधारी टीएमसी, खासकर सीएम ममता बनर्जी राज्य चुनाव में भारी मात्रा में केंद्रीय बलों की तैनाती और बख़्तरबंद वाहनों को उतारे जाने को लेकर हमले कर रही हैं.
TMC कार्यकर्ता को पड़ा अर्धसैनिक बल के अधिकारी का जोरदार थप्पड़!
इसी कड़ी में बंगाल का एक वीडियो जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें केंद्रीय बल के एक अधिकारी उल्टे हाथ से TMC के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ते हुए दिख रहे हैं. इस वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है कि क्या एक अधिकारी को ऐसे पिटाई का अधिकार है. वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ये कह रहे हैं कि जिस काम के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है, वो काम वो बखूबी कर रहे हैं.
बंगाल में TMC क्यों लगा रही सुरक्षाबलों की सख्ती पर आरोप?
कहा जा रहा है कि चुनाव आचार संहिता के लगने के बाद से ही राज्य की पुलिस और प्रशासन चुनाव आयोग के अंदर में आ गया है. केंद्रीय बलों ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था अपने हाथों में ले ली है. वहीं पुलिस प्रशासन के हाथ में कुछ रह नहीं गया है, उन्हें बस आयोग के कार्यों और सुरक्षाबलों के कार्यों में असिस्ट करना है. इसलिए लोकल गुटों और TMC के कार्यकर्ताओं की कुछ चल नहीं पा रही है, उन पर तगड़ा एक्शन भी हो रहा है. आपको बता दें कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वो पश्चिम मेदिनीपुर के सबंग का बताया जा रहा है.
कहां की है घटना, कहां पर हुआ TMC के आरोपी कार्यकर्ता का इलाज!
आपको बता दें कि ये कार्रवाई बीजेपी की शिकायत पर हुई है. कहा जा रहा है कि बीजेपी के नेताओं ने आरोप लगाया था कि उनके चुनावी अभियान में बाधा डाला जा रहा है. टीवी9 बांग्ला के अनुसार, ये घटना सबंग विधानसभा क्षेत्र के साराटा क्षेत्र संख्या 6 के छिन इलाके में हुई. बीजेपी के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं का कहना था कि इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय TMC नेताओं ने उनके काम में बाधा डाली और एक कार्यकर्ता पर तो हमला भी किया गया, जिसके बाद केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे और वीडियो के माध्यम से आरोपी की शिनाख्त की और उसका पहले तो वहीं इलाज किया और फिर उसे उठा कर भी ले गए.
केंद्रीय बल के अधिकारी ने TMC कार्यकर्ता को जड़ा थप्पड़
वैसे तो इस वीडियो में बात बंगाली भाषा में हो रही है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल के सबांग में 5वें सरता अंचल के छीन क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी और भाजपा के बीच तीखी झड़प हुई. टीएमसी के एक नेता ने भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को धमकी दी. इसके बाद मोबाइल फोन पर मौजूद एक तस्वीर से मिलान करके व्यक्ति की पहचान करने पर केंद्रीय बलों के जवानों ने टीएमसी नेता को करारा थप्पड़ मारा, इसके बाद वो वहीं बैठ गया.
TMC नेता से ही कराई आरोपी TMC कार्यकर्ता की पहचान!
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि केंद्रीय बलों के एक अधिकारी उन लोगों की पहचान कर रहे हैं, जिन्होंने बीजेपी के चुनावी अभियान में बाधा डाली थी. खबर के मुताबिक अधिकारी ने टीएमसी के एक स्थानीय नेता को बुलाकार उससे यह पुष्टि करने को कहा कि क्या वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वही है? टीएमसी नेता ने जैसे ही सिर हिलाकर इसकी पुष्टि की, अधिकारी ने फौरन उल्टे हाथ से ही उसे एक थप्पड जड़ दिया, जो कि इतना जोरदार था कि वो नीच गिर पड़ा और उठ तक नहीं पा रहा था.
Central Forces SMOKED a TMC leader after identifying him to be disrupting BJP campaigns at Sabang, West Bengal🔥🔥
Don’t mess now in West Bengal as CRPF is watching all activities of Goons. https://t.co/jVQaltpZLa pic.twitter.com/OpL8F5LuUA— Bhakt Prahlad🚩 (@RakeshKishore_l) April 16, 2026
TMC और बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप जारी
अब टीएमसी ने इस पर आरोप लगाया है कि केंद्रीय बलों को ऐसा करने का अधिकार किसने दिया. वहीं बीजेपी का कहना है कि सुरक्षा बल अपना काम कर रहे हैं. इसके बाद घाटाल के बीजेपी उपाध्यक्ष अमूल्य माइती ने कहा कि अगर हमारी अपनी पार्टी के किसी सदस्य ने ऐसा कोई काम किया होता, तो केंद्रीय बलों ने बिल्कुल इसी तरह से जवाब दिया होता.
आपको बता दें कि बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य भर में 2400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान तैनात किए गए हैं. जिनकी कुल संख्या करीब 2 लाख 40 हजार है. यह संख्या पिछली बार से दोगुनी के करीब है. मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में अकेले 2500 जवानों की तैनाती की गई है.
2021 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार अर्धसैनिक बलों की तैनाती दोगुनी से भी ज्यादा है. सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए इस बार महिला अर्धसैनिक कर्मियों की भी बड़ी संख्या में तैनाती की गई है.
बंगाल चुनाव में इस बार कैसी है सुरक्षा व्यवस्था?
- राज्य भर में 2400 से अधिक अर्धसैनिक कंपनियों के जवान तैनात किए गए हैं.
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कुल 2,407 कंपनियों की तैनाती.
- केंद्रीय सशस्त्र बलों की एक कंपनी में 70-80 जवान होते हैं.
- कुल संख्या करीब 2 लाख 40 हजार है, पिछली बार से दोगुनी से भी ज्यादा.
- मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में अकेले 2500 जवानों की तैनाती.
- करीब 20 हजार महिला सुरक्षाकर्मियों (200 कंपनियां) की राज्य में तैनात की गई है.
- जंगीपुर और मुर्शिदाबाद को मिलाकर केंद्रीय बलों की कुल 316 कंपनियां तैनात.
पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में सुरक्षा बलों (केंद्रीय बलों) की तैनाती (कंपनी-वार)
- पूर्व मिदनापुर: 273 कंपनियां
- पश्चिम मिदनापुर: 271 कंपनियां
- बांकुड़ा: 193 कंपनियां
- बीरभूम: 176 कंपनियां
- मालदा: 172 कंपनियां
- पुरुलिया: 151 कंपनियां
- कूचबिहार: 146 कंपनियां
- आसनसोल-दुर्गापुर (कमिश्नरेट): 125 कंपनियां
- जलपाईगुड़ी: 92 कंपनियां
- दक्षिण दिनाजपुर: 83 कंपनियां
- अलीपुरद्वार: 77 कंपनियां
- झाड़ग्राम: 74 कंपनियां
- रायगंज: 71 कंपनियां
- दार्जिलिंग: 61 कंपनियां
- इस्लामपुर: 61 कंपनियां
- सिलीगुड़ी: 44 कंपनियां
- कालिम्पोंग: 21 कंपनियां
- सबसे अधिक तैनाती पूर्व मिदनापुर (273) और पश्चिम मिदनापुर (271) में की गई है
पहाड़ी इलाकों जैसे कालिम्पोंग (21) में सबसे कम बलों की तैनाती की गई है.
बंगाल में दो चरणों में होगा मतदान
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पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों पर इस बार मतदान केवल दो चरणों में कराया जाएगा. पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को बाकी 142 सीटों के लिए आयोजित किया जाएगा. मतगणना और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.
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