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'सनातन के बिना भारत की कल्पना नहीं...', गोरखनाथ मंदिर से CM योगी का बड़ा संदेश, अयोध्या-काशी का भी किया जिक्र
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म भारत का मूल धर्म है और अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन व प्रयागराज की आध्यात्मिक पहचान को समझे बिना भारत को नहीं समझा जा सकता. श्रीगोरखनाथ मंदिर में भागवत कथा के दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपरा की मजबूती का भी जिक्र किया.
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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म भारत का मूल धर्म है. अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और प्रयागराज की समरसता को जिन्होंने नहीं समझा, वे उत्तर प्रदेश और भारत को भी नहीं समझ पाएंगे. भारतीयों की कमी यह रही कि हमने स्वयं को विस्मृत कर दिया, जबकि दुनिया जब अंधकार में जी रही थी, तब भारत के पास सुसभ्य, सुसंस्कृत और समृद्ध परंपरा मौजूद थी.
आपदा के बावजूद कथा में नहीं रुका श्रद्धालुओं का आना
सीएम योगी मंगलवार को श्री गोरखनाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ के सप्तम दिवस श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में भीषण आपदा से जनजीवन प्रभावित होने के बावजूद यहां कथा अनवरत चलती रही. श्रद्धालुओं का आगमन भी नहीं रुका. आपदा भी उनके मार्ग में बाधक नहीं बन पाई, यही भारत की पहचान है.
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गौ माता से सनातन की पहचान
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मुख्यमंत्री योगी ने व्यासपीठ से कथा सुना रहे मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र देवाचार्य का आभार जताया. कहा कि सात दिनों तक उन्होंने कथा के साथ समसामयिक और ज्वलंत विषयों पर होने वाली गोष्ठियों में भी मार्गदर्शन दिया. उनके संदेश व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन की पहचान गौ माता में है. भारतीय परंपरा में पहला ग्रास गौ माता और अंतिम ग्रास श्वान के लिए निकालने की व्यवस्था थी. इसका पालन होता तो गौवंश सड़कों पर नहीं घूमता और निराश्रित कुत्ते राहगीरों को अपना शिकार नहीं बनाते.
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7,700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में 16 लाख से ज्यादा गोवंश
उन्होंने भारतीय नस्ल के गोवंश के संरक्षण और संवर्धन का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार 7,700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में 16 लाख से अधिक गोवंश का पालन कर रही है. किसान अपने घर में निराश्रित गोवंश रखता है तो प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं. चार गोवंश रखने पर यह राशि छह हजार रुपये प्रतिमाह होगी. कुपोषित बच्चे वाले परिवार को गोआश्रय स्थल से ब्याही गाय देने के साथ उसके पालन के लिए भी प्रतिमाह 1,500 रुपये देने की व्यवस्था है.
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
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सीएम योगी ने कहा कि घर में स्थान नहीं होने पर लोग गोशाला में गाय गोद लेकर उसके संरक्षण में सहयोग कर सकते हैं. मुख्यमंत्री योगी ने रासायनिक खाद, केमिकल और पेस्टिसाइड के अत्यधिक प्रयोग को खाद्यान्न के प्रदूषित होने से जोड़ते हुए गौ आधारित प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में गरीबों के उपचार के लिए 1,400 करोड़ रुपए देने पड़े हैं. यह आयुष्मान कार्ड पर खर्च होने वाली राशि से अलग है. उन्होंने भारतीय गोवंश के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही.
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गोवंश संरक्षण में सरकार के साथ समाज की भागीदारी जरूरी
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उन्होंने कहा कि सरकार ने गोवंश संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाया है, लेकिन दूध लेने के बाद गायों को सड़कों पर छोड़ने वालों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. सरकार के प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है. मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की पावन स्मृति में गोरखनाथ पीठ पर कथा का आयोजन होता है. उन्होंने यजमानों, श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े लोगों को बधाई दी. संबोधन के बाद मुख्यमंत्री योगी ने पूजन एवं आरती की.
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बताते चलें कि श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन परंपरा, गोवंश संरक्षण और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर समाज की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया. कार्यक्रम के अंत में उन्होंने पूजन और आरती में हिस्सा लिया.