बिहार को हाई-स्पीड सौगात, बक्सर-भागलपुर कॉरिडोर के मोकामा-मुंगेर खंड को केंद्र की मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बिहार को बड़ी सौगात दी है. बुधवार को कैबिनेट ने बिहार में बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-नियंत्रित मोकामा-मुंगेर खंड के निर्माण को हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) पर मंजूर किया.
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस परियोजना की कुल लंबाई 82.400 किलोमीटर और लागत करीब 4,447 करोड़ रुपए होगी. यह बक्सर से भागलपुर कॉरिडोर का एक खंड है, जो दक्षिणी बिहार की एक महत्वपूर्ण परियोजना है.
बक्सर से पटना जाना हुआ आसान, समय की होगी बचत
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अगर बक्सर से पटना जाते हैं तो पहले से ही एक अच्छा नेटवर्क है और पटना से आगे फतुहा और फतुहा से आगे बेगूसराय तक, यह परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है. कुछ 6 लेन और कुछ 4 लेन की हैं. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुधवार को जिस खंड को मंजूरी दी गई है, वह मोकामा से मुंगेर तक 82 किलोमीटर है, आगे मुंगेर से भागलपुर तक है, जहां पहले से काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के कारण कुल मिलाकर लगभग 1 घंटे का यात्रा समय बचेगा.
#Cabinet approves construction of 4-lane greenfield access-controlled Mokama-Munger section of the Buxar-Bhagalpur High-Speed Corridor in Bihar on Hybrid Annuity Mode (HAM) with a total project length of 82.4 km with an outlay of Rs. 4447.38 Crore
The section passes through or… pic.twitter.com/RQlvtllMqI— PIB India (@PIB_India) September 10, 2025Advertisement
आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) के अनुसार, बक्सर से भागलपुर कॉरिडोर का यह खंड मोखामा, बरहिया, लखीसराय, जमालपुर और मुंगेर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शहरों से होकर गुजरता है या उन्हें कनेक्टिविटी प्रदान करता है, जो आखिर में भागलपुर तक पहुंचता है. पूर्वी बिहार में मुंगेर-जमालपुर-भागलपुर बेल्ट एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र के रूप में उभर रहा है, जो आयुध कारखाने (मौजूदा बंदूक कारखाना और रक्षा मंत्रालय की ओर से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कॉरिडोर के हिस्से के रूप में प्रस्तावित एक और कारखाना), लोकोमोटिव वर्कशॉप (जमालपुर में), फूड प्रोसेसिंग (जैसे, मुंगेर में आईटीसी) और लॉजिस्टिक और वेयरहाउस सेंटर पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.
4-लेन एक्सेस-नियंत्रित कॉरिडोर, डेढ़ घंटे बचाएगा
इस क्षेत्र में भागलपुर, भागलपुरी सिल्क (भागलपुर में प्रस्तावित कपड़ा पारिस्थितिकी तंत्र का विवरण) के नेतृत्व में एक टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स सेंटर भी है. इसके अलावा, बड़हिया फूड पैकेजिंग और प्रोसेसिंग व कृषि-गोदाम के लिए है. इस क्षेत्र में बढ़ती आर्थिक गतिविधि से भविष्य में मोकामा-मुंगेर खंड पर माल ढुलाई और यातायात में वृद्धि होने की उम्मीद है.
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प्रेस विज्ञप्ति में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने कहा कि 4-लेन एक्सेस-नियंत्रित कॉरिडोर, जिसमें जिसमें टोल टैक्स की सुविधा होगी, औसतन 80 किमी प्रति घंटा की वाहन गति और 100 किमी प्रति घंटा की डिजाइन गति के साथ यात्रा समय को लगभग 1.5 घंटे तक कम करेगा. यह यात्री और मालवाहन वाहनों के लिए सुरक्षित, तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा 82.40 किलोमीटर की प्रस्तावित परियोजना से लगभग 14.83 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष रोजगार और 18.46 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे.