हरियाणा: नायब सरकार में गिरा महिला अपराध का ग्राफ, पुलिस का दावा- दुष्कर्म और किडनैपिंग के मामलों में आई भारी कमी
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में महिला विरुद्ध अपराध की वर्कआउट दर लगभग 98 प्रतिशत दर्ज की गई.
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हरियाणा में आपराधिक गतिविधियों में भारी कमी आई है. नायब सैनी सरकार और हरियाणा पुलिस की ओर से चलाए गए अभियानों के सकारात्मक परिणाम देखें गए हैं. इन अभियानों में सघन निगरानी और प्रभावी पुलिसिंग जैसे कदम शामिल थे.
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में हरियाणा में महिलाओं अपराध के डेटा साल 2024 की तुलना में भारी कमी आई है. यहां करीब 16.26 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. ये आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बेहद सजग हैं.
हरियाणा में अपराध का गिरता ग्राफ
- दुष्कर्म के मामलों में लगभग 25 प्रतिशत कमी
- दुष्कर्म के प्रयास के मामलों में 33 प्रतिशत कमी
- छेड़छाड़ के मामलों में करीब 16 प्रतिशत कमी
- पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों में लगभग 10 प्रतिशत की कमी
- अपहरण और किडनैपिंग के मामलों में 17 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
- दहेज हत्या जैसे संवेदनशील अपराधों में 11 प्रतिशत से ज्यादा कमी
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में महिला विरुद्ध अपराध की वर्कआउट दर लगभग 98 प्रतिशत दर्ज की गई. यानी महिलाओं की शिकायत पर फास्ट फॉरवर्ड सुनवाई कर एक्शन लिया गया.
महिला सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता- DGP
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने राज्य में महिला की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता बताया है. DGP अजय सिंघल ने कहा, साल 2025 में महिला अपराध में दर्ज की गई गिरावट इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की योजनाएं, फील्ड एक्शन और तकनीकी उपाय प्रभावी रूप से काम कर रहे हैं.
उन्होंने साल 2026 के महिला सुरक्षा के विजन और अपराध पर लगाम की रणनीति को भी साफ किया. अजय सिंघल ने कहा,
हरियाणा पुलिस का विज़न महिला सुरक्षा को और मजबूत करना है. इसमें अपराध पर लगाम लगाने के साथ-साथ महिलाओं में सुरक्षा, विश्वास और निर्भीकता को जगाना भी शामिल है. पुलिस का विजन इन्हीं पर केंद्रित है.
पुलिसकर्मियों के कार्यों को सराहा
राज्य में महिला अपराध के डेटा में आई कमी पर बात करते हुए DGP अजय सिंघल ने पुलिसकर्मियों की पीठ भी थपथपाई. अजय सिंघल ने कहा, महिलाओं से अपील की कि वे पुलिस की ओर से दी गई सुरक्षा सुविधाओं का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें.
पुलिस ने क्या कदम उठाए
महिला अपराधों को कम करने में पुलिस की सजगता और सख्त एक्शन असरदार साबित हुआ. पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर अपराधियों पर लगाम कसी. जिसमें छेड़छाड़ संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां सिविल ड्रेस में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंडों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर महिला पुलिस टीमों ने मनचलों और असामाजिक तत्वों पर सख्ती दिखाई. महिला पुलिसकर्मी साधारण ड्रेस में तैनात रहीं. ताकि मनचलों की पहचान हो सके. जिससे अपराधियों में खौफ और महिला में सुरक्षा की भावना को बल मिला.
संवाद और ट्रेनिंग से मिला बल
पुलिसकर्मियों ने अपराधियों में खौफ पैदा करने के साथ साथ पीड़ित महिलाओं से संवाद भी स्थापित किया. फीडबैक पर जोर दिया और लगातार केस की मॉनिटरिंग की. इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी गई.
हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए DGP ने लोगों से भी सहयोग की अपील की. इनमें सार्वजनिक स्थलों पर महिला अपराध का विरोध, पुलिस को जानकारी देना, हिंसा की जानकारी देना जैसे कदम उठाने की अपील की, ताकि समय पर हर पीड़ित महिला को मदद मिल सके.
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