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महाराष्ट्र में सूखे का संकट गहराया, CM फडणवीस बोले- 2 दिन में जारी होगा जीआर, किसानों को नहीं होगी फंड की कमी
मुख्यमंत्री फडणवीस ने लातूर जिले में फसलों की हालत को गंभीर बताते हुए कहा कि पिछली बार पड़े सूखे के सालों में बारिश 63 प्रतिशत हुई थी जबकि इस बार यह घटकर 50 प्रतिशत रह गई है.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेगी.
महाराष्ट्र में सूखे पर बड़ा ऐलान
साथ ही, खेती-किसानी के बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में उन सभी पात्र किसानों को फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे.
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यह घोषणा उन्होंने गुरुवार को विदर्भ क्षेत्र के सूखा प्रभावित वाशिम जिले के दौरे के दौरान की, जहां वे फसल के नुकसान और पानी की कमी का जायजा लेने गए थे.
‘सरकार मजबूती से किसानों के साथ खड़ी है’
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मुख्यमंत्री बुधवार को मराठवाड़ा इलाके और सोलापुर जिले के गांवों का दौरा करने के बाद गुरुवार को वाशिम जिले के मसल गांव पहुंचे. उनसे मिलने, अपनी शिकायतों के बारे में ज्ञापन सौंपने और मवेशियों के चारे व पानी की कमी के बारे में जानकारी देने के लिए स्थानीय किसानों की भारी भीड़ जमा हुई.
सीएम ने मसल गांव में किसानों को संबोधित करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकारी तंत्र ग्रामीण राहत कार्यों को प्राथमिकता देगा. उन्होंने कहा, "चिंता न करें; सरकार मजबूती से आपके साथ खड़ी है. हम सूखे के लिए सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेंगे और जिन किसानों को कर्ज माफी योजना का लाभ नहीं मिल पाया था, उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा."
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक मदद के अलावा, राज्य प्रशासन पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने, मवेशियों के लिए चारा बांटने और फसल के नुकसान का आकलन (पंचनामा) तेजी से करने के लिए आपातकालीन उपाय कर रहा है.
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फसल नुकसान का पंचनामा कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा
इससे पहले, बुधवार को मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि फसल के नुकसान का आकलन (पंचनामा) सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि यह कानूनी रूप से जरूरी है. उन्होंने भरोसा दिलाया, "सरकार का किसानों को प्रशासनिक देरी में उलझाने का कोई इरादा नहीं है. आर्थिक मदद सभी को दी जाएगी."
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य खरीफ और रबी दोनों मौसमों में हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है.
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लातूर में हालात गंभीर, बारिश में बड़ी गिरावट
मुख्यमंत्री फडणवीस ने लातूर जिले में फसलों की हालत को गंभीर बताते हुए कहा कि पिछली बार पड़े सूखे के सालों में बारिश 63 प्रतिशत हुई थी जबकि इस बार यह घटकर 50 प्रतिशत रह गई है.
किसानों के लिए राहत के बड़े ऐलान
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उन्होंने लोगों से हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पीने के पानी और पशुओं के चारे की पूरी व्यवस्था करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा, "अगले तीन-चार महीनों में हमें एक-दूसरे का साथ देना होगा और राज्य सरकार पूरी तरह आपके साथ खड़ी है."
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पानी की सप्लाई वाली योजनाओं के बकाया बिलों का भुगतान कर देगी ताकि हर गांव तक पीने का पानी पहुंच सके.
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मुख्यमंत्री फडणवीस ने माना कि मौजूदा हालात 1972 के ऐतिहासिक सूखे से भी ज्यादा गंभीर हैं. उन्होंने फिर से कहा कि सूखे की आधिकारिक घोषणा का आदेश दो दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा और फंड की कोई कमी नहीं होगी.