दिल्ली से मेरठ की दूरी 55 मिनट में होगी पूरी, PM मोदी ने मेट्रो-रैपिड रेल को दिखाई हरी झंडी, जानें डिटेल
PM मोदी ने मेरठ में मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है. इस दौरान उन्होंने मेट्रो में छात्रों के साथ सफर किया. इस सौगात के बाद 82 किलोमीटर का सफर मात्र 55 मिनट में तय होगा.
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Namo Bharat Metro: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. उन्होंने शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर यात्रियों को ये बड़ी सौगात दी. उद्घाटन के बाद PM मोदी स्कूली बच्चों और डॉक्टरों के साथ मेट्रो में सवार हुए. उन्होंने बच्चों से बातचीत की. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सवार थे.
मेरठ को मिली इस सौगात ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और शहरी परिवहन को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों को बड़ा बढ़ावा मिला है.
रैपिड रेल की शुरूआत के बाद अब दिल्ली से मेरठ की 82.15 किमी दूरी सिर्फ 55 मिनट में पूरी होगी. यह ट्रेन मेरठ मोदीपुरम से शुरू होकर दिल्ली के सराय काले खां तक जाएगी और 13 स्टेशनों से होकर गुजरेगी. पूरे सफर में दो स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे, जबकि बाकी का सफर एलिवेटेड होगा.
12,930 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात
20 फरवरी को बेगमपुल से सराय काले खां के बीच इस रैपिड रेल का ट्रायल रन किया गया था. 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ, नमो भारत भारत की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है. नमो भारत से साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से ज्यादा तेजी से जुड़ पाएंगे. यहां उन्होंने 12,930 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया
PM मोदी ने 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया. साथ ही साथ आरआरटीएस के शेष खंडों का उद्घाटन भी किया, जिनमें दिल्ली में सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक 5 किलोमीटर का हिस्सा और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 21 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है. यह रणनीतिक रूप से एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में स्थित है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को सरलता से जोड़ता है. शुरू होने वाले अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम मेरठ में हैं.
एक ही बुनियादी ढांचे पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो का यह निर्बाध एकीकरण तेज रफ्तार वाली अंतर-शहरी यात्रा और शहर के भीतर सुगम आवागमन के लिए मददगार साबित होगा, जो भारत में एकीकृत शहरी और क्षेत्रीय परिवहन के लिए एक मिसाल कायम करेगा. इससे सड़क यातायात में भीड़ कम होगी और नतीजतन वाहनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में खासी कमी आएगी.
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