Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

जापान ओपन 2026: पीवी सिंधु बनीं चैंपियन, अकाने यामागुची को हराकर रचा इतिहास

सिंधु ने दूसरे गेम की शुरुआत भी शानदार ढंग से की. उन्होंने पहले 6-3 की बढ़त बनाई और फिर इस बढ़त को बढ़ाकर 8-3 कर दिया. जापानी शटलर ने लगातार चार प्वाइंट जीतकर सिंधु की रफ्तार को कुछ देर के लिए रोका, लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ी 11-7 की बढ़त के साथ मिड-गेम ब्रेक में पहुंची.

Image Credit: Badminton Photo/IANS
Loading Ad...

पूर्व वर्ल्ड चैंपियन और दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट शटलर पीवी सिंधु ने रविवार को जापान ओपन सुपर 750 के खिताब को अपने नाम किया. दो साल में यह सिंधु का पहला बीडब्ल्यूएफ टूर खिताब है.  

पीवी सिंधु ने फाइनल मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपनी जानी-पहचानी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी अकाने यामागुची को शिकस्त दी. सिंधु ने टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिम्नेजियम में चार बार की चैंपियन यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया. इसके साथ ही, सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं.

सात साल का इंतजार हुआ खत्म

Loading Ad...

यह पूर्व वर्ल्ड चैंपियन का दिसंबर 2024 में सैयद मोदी टूर्नामेंट जीतने के बाद पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है. इसके साथ ही, इस जीत के साथ ही सिंधु का सुपर 750 या उससे ऊपर का खिताब जीतने का सात साल का इंतजार भी खत्म हो गया. सिंधु को शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ किस्मत का भी साथ मिला. प्री-क्वार्टर फाइनल में सिंधु ने वर्ल्ड नंबर 5 हान यू को हराया, तो क्वार्टर फाइनल और फिर सेमीफाइनल में उनकी विपक्षी खिलाड़ी चोटिल होने की वजह से मैच से हट गईं.

Loading Ad...

पहले गेम में शानदार वापसी

सिंधु ने फाइनल मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की. उन्होंने लगातार शुरुआती दो प्वाइंट हासिल किए और तीसरे प्वाइंट के लिए सफल चैलेंज लेकर 3-0 की बढ़त बना ली. हालांकि, जापान की अकाने यामागुची ने जल्द ही बेहतरीन वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया. इसके बाद सिंधु ने यामागुची की कुछ गलतियों का फायदा उठाया और 9-7 की बढ़त बनाई, लेकिन यामागुची ने दबाव में बेहतरीन खेल दिखाया और लगातार चार प्वाइंट जीतकर मुकाबले का रुख बदल दिया. मिड-गेम इंटरवल तक उन्होंने बढ़त हासिल कर ली.

Loading Ad...

खेल दोबारा शुरू होने के बाद सिंधु का अंदाज बिल्कुल अलग नजर आया. वह अपने अटैक में कहीं ज्यादा आक्रामक दिखीं; उन्होंने यामागुची को बैकफुट पर धकेला और अपनी बढ़त को 16-12 तक पहुंचाया. दोनों खिलाड़ियों में से कोई भी हार मानने को तैयार नहीं था और स्कोर 17-17 पर बराबर हो गया. हालांकि, भारतीय स्टार ने इसके बाद लगातार चार प्वाइंट हासिल करते हुए पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया.

दूसरे गेम में नहीं दिया कोई मौका

सिंधु ने दूसरे गेम की शुरुआत भी शानदार ढंग से की. उन्होंने पहले 6-3 की बढ़त बनाई और फिर इस बढ़त को बढ़ाकर 8-3 कर दिया. जापानी शटलर ने लगातार चार प्वाइंट जीतकर सिंधु की रफ्तार को कुछ देर के लिए रोका, लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ी 11-7 की बढ़त के साथ मिड-गेम ब्रेक में पहुंची.

Loading Ad...

भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

ब्रेक के बाद पूर्व वर्ल्ड चैंपियन यामागुची थोड़ी दबाव में नजर आईं. सिंधु ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए तेज खेल दिखाया और जल्द ही 14-7 की मजबूत बढ़त बना ली. इसके बाद भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और 16-12 के स्कोर के साथ मुकाबले में अपनी बढ़त कायम रखी. यामागुची ने पांच प्वाइंट जीतकर वापसी की कोशिश की और अंतर को कम करके 18-17 कर दिया. हालांकि, सिंधु ने तेजी से तीन मैच प्वाइंट के मौके बनाए और 21-17 से गेम को अपने नाम करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया.

Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...