जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

मैच फिक्सिंग रोकने के लिए BCCI का नया कदम, स्मार्ट गॉगल्स पर लगा प्रतिबंध

एसीएसयू ने पीएमओए में प्रवेश करने वाले खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए डिवाइस जमा कराने के सख्त नियम अनिवार्य करने के साथ ही कहा है कि स्मार्ट आईवियर जमा कराने में किसी भी तरह की लापरवाही या विफलता पर जुर्माना लगाया जाएगा.

Author
29 May 2026
( Updated: 29 May 2026
07:05 PM )
मैच फिक्सिंग रोकने के लिए BCCI का नया कदम, स्मार्ट गॉगल्स पर लगा प्रतिबंध
Image Credits: IANS
Advertisement

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) ने 'खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र' (पीएमओए) के अंदर 'स्मार्ट गॉगल्स' या धूप के चश्मे रखने और इस्तेमाल करने पर सख्त रोक लगा दी है.

यह निर्देश तब आया जब भ्रष्टाचार-रोधी निगरानी संस्था को यह पता चला कि कुछ कंपनियां खिलाड़ियों और टीम के सहयोगी स्टाफ को ऐसे हाई-टेक स्मार्ट चश्मे का प्रचार और बिक्री कर रही हैं, जो उन्नत संचार सुविधाओं से लैस हैं.

स्मार्ट गॉगल्स को माना गया कम्युनिकेशन डिवाइस

Advertisement

बीसीसीआई एसीएसयू के एक आंतरिक संचार के अनुसार, इन उन्नत उपकरणों में ऐसी क्षमताएं हैं जो टूर्नामेंट के सख्त भ्रष्टाचार-रोधी प्रोटोकॉल के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं. ये उपकरण उच्च संचार फीचर्स से लैस हैं. इसमें लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट मैसेज भेजना और पाना, साथ ही मोबाइल डेटा या वाई-फाई नेटवर्क के जरिए ऑडियो और वीडियो कॉलिंग की सुविधाएं शामिल हैं.

इसलिए, पीएमओए के न्यूनतम मानकों के तहत, ऐसे गॉगल्स/चश्मों को 'ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस' और 'कम्युनिकेशन डिवाइस' दोनों के तौर पर वर्गीकृत किया गया है.

नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना

एसीएसयू ने सभी आईपीएल फ्रेंचाइजियों को जारी अपने निर्देशों में कहा, "सूचित किया जाता है कि प्लेयर्स और मैच ऑफिशियल्स एरिया (पीएमओए) के अंदर 'स्मार्ट गॉगल्स' रखना और/या उनका इस्तेमाल करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को निर्देश दिया जाता है कि मैच के दिनों में पीएमओए में प्रवेश करते समय, वे अपने मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच के साथ-साथ ऐसे डिवाइस भी सिक्योरिटी लाइजन ऑफिसर के पास जमा करा दें."

Advertisement

PMOA में पहले से लागू हैं सख्त नियम

एसीएसयू ने पीएमओए में प्रवेश करने वाले खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए डिवाइस जमा कराने के सख्त नियम अनिवार्य करने के साथ ही कहा है कि स्मार्ट आईवियर जमा कराने में किसी भी तरह की लापरवाही या विफलता पर जुर्माना लगाया जाएगा.

हर प्रवेश द्वार पर रहेंगे सुरक्षित बॉक्स

मान्यता और सुरक्षा के मामले में, पीएमओए को स्टेडियम के बाकी हिस्सों से एक अलग क्षेत्र माना जाता है. इस क्षेत्र के हर प्रवेश द्वार पर हर समय सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे. यहां केवल खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, मैच अधिकारी, सपोर्ट कर्मियों और कुछ सीमित व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी, जिन्हें इस क्षेत्र के लिए विशेष मान्यता दी गई है.

आईपीएल के भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के अनुसार, पीएमओए में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति केवल टीम के कुछ सदस्यों को ही है. टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम क्षेत्र में फोन का उपयोग कर सकता है, लेकिन डगआउट में नहीं.

Advertisement

एनालिस्ट अपनी एनालिस्ट टेबल पर अपने कंप्यूटर का उपयोग कर सकता है. खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की चीजें - जैसे फोन, स्मार्टवॉच या कोई अन्य संचार उपकरण - बंद करके स्टेडियम पहुंचने पर टीम के एसएलओ के पास जमा करा दिए जाने चाहिए.

मान्यता प्राप्त स्टाफ—जैसे ड्रेसिंग रूम अटेंडेंट, आईपीएल मैच मैनेजर, कैटरिंग स्टाफ, आदि—पीएमओए में संचार उपकरण नहीं ले जा सकते. उपकरणों को सुरक्षित रूप से रखने के लिए हर प्रवेश द्वार पर सुरक्षित बॉक्स उपलब्ध होंगे.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें