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मौत के मुंह से लौटे पूर्व मुस्लिम सलीम वास्तिक ने कट्टरपंथियों को फिर ललकारा, 'कुरान' को लेकर भी कह दी बड़ी बात
कुछ कट्टरपंथी तत्वों के हमले के बाद जिंदगी और मौत की जंग लड़ने वाले पूर्व मुस्लिम सलीम वास्तिक ने फिर से कुरान और मुसलमानों को लेकर बड़ी बात कह दी है. उन्होंने इस दौरान कहा कि मैं बोलता रहूंगा.
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बीते महीने 27 फरवरी को यूपी के गाजियाबाद में खुद को पूर्व मुस्लिम बताने वाले मशहूर यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर उन्हीं के घर-ऑफिस में कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया था. इसके बाद सलीम पूरे महीने हॉस्पिटल में भर्ती रहे और जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ी. हालांकि सुखद खबर ये है कि उन्हें होश आ गया और वो अब मीडिया से बातें भी कर रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने एक निजी मीडिया चैनल से बात करते हुए कहा कि उनका इलाज-चेकअप चल रहा है, सब टनाटन है. इतना ही नहीं उन्होंने अपना पूरा प्लान भी बचा दिया.
सलीम वास्तिक ने फिर कट्टरपंथियों को ललकारा!
उन्होंने आगे कहा कि कुल दो गंदे जेहन के लोगों ने पूरी मुस्लिम कौम को बदनाम कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि मैं अपनी मुस्लिम कौम को आगे बढ़ते, पढ़ते, ऑफिसर देखना चाहता हूं, उन्हें जिहादी नहीं देखना चाहता हूं. उन्होंने आगे कहा कि मुझे तो इनसे कोई दिक्कत नहीं है, मेरे तो मेरा खुद का परिवार...चाचा, ताऊ, फूफा, नाना, दादा, मामा सब मुसलमान हैं...मैं उनकी इज्जत चाहता हूं इस भारत के अंदर. वो कब होगी? जब वो ऐसी जिहादी मानसिकता से बाहर आएंगे, पढ़ेंगे, लिखेंगे, नौकरी पे जाएंगे, अच्छे काम करेंगे. ऐसे काम करके इज्जत नहीं बनेगी.
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उन्होंने अपने हमलावरों को ललकारते हुए कहा कि आधे घंटे अगर और रह जाते तो जिंदा नहीं बच पाते. वास्तिक ने ये अपने ऊपर हुए हमले की आपबीती बताते हुए कहा कि मैं जिंदा हूं, चले गए. देखो, मेरा तो कुछ नहीं उखड़ा. थोड़ा बहुत मामूली था यार इतना तो चलता रहता है.
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सलीम वास्तिक ने खुद के ऊपर हमले की बता दी पूरी टाइमलाइन
वहीं 27 फरवरी को हुए इस हादसे के बारे में उन्होंने ये कहा कि वो सोए हुए थे, तभी उनके पास मैसेज आया, जिसे पढ़ते-पढ़ते वो बाहर आए. उन्होंने देखा तो दो लड़के बाहर खड़े हुए. मैंने पूछा हां भाई क्या काम है? कुछ काम है? बोले हां जी कुछ बात करनी है, मैंने कहा बोलो बोलो. मैंने सोचा मेरे पड़ोस के लोग हैं एक दो घर छोड़ के. क्योंकि वही मुल्ला जी था उनमें दोनों के दोनों. मैंने कहा कोई बात नहीं भाई अपने. मैंने कहा आ जाओ. उन्होंने अंदर आते ही एकदम से यहां से वो ब्लेड्स निकाले. वहां और वो ब्लेड्स भी खतरनाक खतरनाक वाले ब्लेड और फटाक से मेरे ऊपर एक इधर हमला कर दिया और एक इधर कर दिया. इतनी देर में मुझे समझ में आ गया ये तो खतरनाक हो रहा है. एक की मैंने गर्दन पकड़ ली. गर्दन पकड़ने के बाद वो हो गया कमजोर. दूसरे वाले ने क्या किया? मेरे ऑफिस पे एक कांच की टेबल रखी थी. वो उठा के मेरे ऊपर मारनी शुरू कर दी. उससे मैं कमजोर हो गया. अकेला था थोड़ी देर आधा घंटा अगर रह जाते तो मेरे साथी आने वाले थे आधे घंटे बाद. जिंदा तो मैं ही नहीं जाने देता.
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इस दौरान उन्होंने योगी सरकार की जमकर तारीफ की. जिस तरह पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई की गई, जिस तरह पुलिस फुर्ती दिखाते हुए सलीम वास्तिक के घर पहुंची, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और इसके बाद आरोपी जीशान और गुलफाम को ठिकाने लगा दिया गया.
वास्तिक ने आगे कहा:"जो हमारी, जो भारत की...भारत की क्या, जो हमारी यूपी की सरकार है, यूपी की पुलिस है, उसने इतनी ईमानदारी से गलत लोगों को सजा दी. मैं सोच भी नहीं सकता था कि इतनी तेजी से ईमानदारी से किसी को ऐसा करने की सजा मिल सकती है. बल्कि हमारे थाने के जो इंचार्ज साहब हैं, सोलंकी साहब...उन्होंने खुद कोशिश करके उनको एक-एक करके ढूंढा और ढूंढने के बाद पता नहीं मुझे और किस-किस तरीके से क्या कार्रवाई हुई."उन्होंने आगे कहा कि मुझे बचाया हमारी लोनी गाजियाबाद की पुलिस ने. बिल्कुल टाइम पे एंबुलेंस आई. एंबुलेंस को लेके हॉस्पिटल गए. हॉस्पिटल में जाके टाइम से ट्रीटमेंट हो गया. बाकी थोड़ा सख्त जान में हूं तो हो गया. रिकवर हो गया जल्दी. लेकिन ये सब पुलिस हमारी गाजियाबाद लोनी पुलिस अच्छा पुलिस फौरन पहुंच गई थी बहुत तेजी से मुझे पता नहीं किसने फोन किया कैसे किया मुझे नहीं याद...मुझे तो 6 दिन तक कुछ याद ही नहीं रहा...6 दिन मैं बेहोश रहा...पर हमारे जो सोलंकी साहब हैं या थाना इंचार्ज उन्होंने सारी कार्रवाई की.
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कुरान पर भी सलीम वास्तिक ने कह दी बड़ी बात
वहीं अपने मिशन को लेकर उन्होंने आगे कहा कि मुसलमान के वे दुश्मन नहीं हैं, मैंने कभी जिंदगी में मुसलमान के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया. अपनी जिंदगी में जितनी मर्जी वीडियो उठा के देख लो. मैं यह कहता हूं कि कुरान...किताब नहीं है. यह मैंने पढ़ा है और यह फैक्ट है. इसके ऊपर मैंने सैकड़ों डिबेट भी की है. उन डिबेट में मैं विजय रहा हूं. यह हकीकत है. और इससे कोई मुसलमानों से मेरी दुश्मनी नहीं होगी.
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सलीम वास्तिक के हमलावरों को यूपी पुलिस ने कर दिया था ढेर
मालूम हो कि होली से ठीक पहले गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी को भी एनकाउंटर में मार गिराया. मंगलवार देर रात इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में एडिशनल DCP क्राइम पीयूष सिंह की अगुवाई में स्वाट टीम ने कुख्यात आरोपी गुलफाम को मुठभेड़ में ढेर कर दिया. गुलफाम, मुख्य आरोपी जीशान का बड़ा भाई था. इससे पहले बीते रविवार को पुलिस ने जीशान को भी एनकाउंटर में मार गिराया था. 48 घंटे के भीतर दोनों सगे भाइयों के मारे जाने से इलाके में सनसनी फैल गई थी.
यानी कि एक मार्च की रात पुलिस ने जीशान को मुठभेड़ में मार गिराया था. इसके ठीक 48 घंटे बाद, 3 मार्च को गुलफाम भी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया. यानी कि सीएम योगी के नेतृत्व में सरकार ने क्राइम के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत हमलावरों का हिसाब कर दिया.
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27 फरवरी को हुआ था सलीम वास्तिक पर हमला
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आपको बता दें कि 27 फरवरी की सुबह लोनी क्षेत्र में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर दो हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला किया था. घटना के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की. पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने मुख्य आरोपी जीशान पुत्र बुनियाद अली, निवासी सैदनगली, जिला अमरोहा पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. बाद में गुलफाम पर भी इतनी ही राशि का इनाम रखा गया था.