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एक्शन में आई योगी सरकार, लापरवाह अधिकारियों की अब खैर नहीं, नोएडा इंजीनियर मौत मामले में अफसरों पर गिरी गाज

Yogi Action After Engineer Death: नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद अब योगी सरकार फुल एक्शन मोड में है और 5 दिनों के भीतर SIT रिपोर्ट सौंपनी की बात कही है.

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21 Jan 2026
( Updated: 21 Jan 2026
02:41 PM )
एक्शन में आई योगी सरकार, लापरवाह अधिकारियों की अब खैर नहीं, नोएडा इंजीनियर मौत मामले में अफसरों पर गिरी गाज

नोएडा में निर्माणाधीन साइट के गहरे गड्ढे में कार गिरने से हुई इंजीनियर की मौत के मामले में बुधवार को SIT ने अपनी तफ्तीश और भी तेज कर दी है. मेरठ जोन के एडीजी (ADG) की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय टीम ने सबसे पहले नोएडा प्राधिकरण के ऑफिस में समीक्षा बैठक की और उसके बाद हादसे वाली जगह का बारीकी से मुआएना किया. 

5 दिनों के अंदर सौंपनी होगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद अब SIT को 5 दिनों के अंदर पूरी रिपोर्ट सौंपनी है. इस प्रकरण में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एम्सड विशटाउन और लोटस ग्रीन कंपनियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है. इसके अलावा एम्सड विशटाउन के संचालक अभय कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है. 

अधिकारियों पर गिरी गाज

इस हादसे ने पुलिस-प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. हादसे के बाद एक जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया. वहीं, कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया गया. प्रशासन ने ये भी साफ़ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों को किसी भी क़ीमत पर अब बख्शा नहीं जाएगा. 

NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण

SIT की जांच में सुरक्षा चूक सामने आने के बाद अब प्रशासन ने जिले के सभी खतरनाक गड्ढों को स्थायी रूप से सुरक्षित करने और वहां रिफ्लेक्टिव लाइट लगाने का फैसला किया है. साथ ही, रेस्क्यू ऑपरेशन की गति बढ़ाने के लिए NDRF और SDRF के जवानों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है. ताकि आपात स्थिति में त्वरित रेस्कयू किया जा सके.

प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

इसके अलावा प्रशासन ने विशेष व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 92055 59204 जारी किया है, ताकि आपात स्थिति में कोई भी ज़रूरतमंद इस नंबर पर संपर्क करके मदद माँग सके. इसके अलावा आसपास के खुले गड्डों की तस्वीर और लोकेशन भी इस नंबर पर साझा किया जा सकता है, और मदद मांगी जा सकती है.

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