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कौन हैं विनोद जाखड़? कांग्रेस ने सौंपी NSUI की कमान, जानें उनका अब तक का राजनीतिक सफर

कांग्रेस की छात्र ईकाई NSUI का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ बन गए हैं. राहुल गांधी ने लंबी स्क्रूटनी के बाद उन्हें कमान सौंपी है. राजस्थान से उभरे जाखड़ अब NSUI के नेशनल कैडर को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे.

Rahul Gandhi/ Vinod Jakhad (File Photo)

कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया( NSUI) को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है. लंबी स्क्रूटनी और इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद पार्टी नेतृत्व ने राजस्थान से आने वाले युवा नेता विनोद जाखड़ को यह जिम्मेदारी दी है. संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल (K. C. Venugopal) की ओर से जारी बयान के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने तत्काल प्रभाव से उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी. जाखड़ ने वरुण चौधरी का स्थान लिया है.

कौन हैं विनोद जाखड़?

विनोद जाखड़ (Vinod Jakhad) का जन्म 7 सितंबर 1994 को राजस्थान के जयपुर जिले की विराटनगर तहसील के मेढ गांव में हुआ. वह एक सामान्य दलित परिवार से आते हैं. उनके पिता मिस्त्री का काम करते हैं और मां गृहिणी हैं. चार भाई बहनों में सबसे बड़े विनोद बचपन में ही परिवार के साथ जयपुर आ गए थे. पिता को एक निजी स्कूल में काम मिला, जहां उन्हें मुफ्त शिक्षा का अवसर मिला. साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में पहुंचना उनकी संघर्ष यात्रा को खास बनाता है.

कैसा रहा छात्र राजनीति से राष्ट्रीय मंच तक

जाखड़ का नाम छात्र राजनीति में तब उभरा जब उन्होंने University of Rajasthan में छात्रसंघ चुनाव जीता. वर्ष 2018 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और अध्यक्ष बने. बाद में वह NSUI की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष बनाए गए. फरवरी 2024 में उन्हें प्रदेश की कमान मिली और अब राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है. छात्र हितों के मुद्दों पर मुखर रहने के कारण उनकी अलग पहचान बनी. कई आंदोलनों में सक्रिय भूमिका के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा. उनकी छवि जमीनी नेता की रही है, जो कैंपस की राजनीति को बड़े सामाजिक सवालों से जोड़ने की कोशिश करते हैं.

विनोद जाखड़ की शिक्षा 

विनोद जाखड़ ने राजनीति शास्त्र में बीए और समाज शास्त्र में एमए की पढ़ाई की है. यही अकादमिक पृष्ठभूमि उनके राजनीतिक दृष्टिकोण में भी झलकती है. कांग्रेस के इस फैसले को युवा और दलित नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात यह है कि पहली बार राजस्थान से कोई नेता NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक पहुंचा है.

बताते चलें कि अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती राष्ट्रीय कैडर को मजबूत करना और विश्वविद्यालयों में संगठन का विस्तार करना है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि विनोद जाखड़ अपनी नई भूमिका में छात्र राजनीति को किस दिशा में ले जाते हैं.

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