सत्ता में आते ही बांग्लादेशी PM तारिक रहमान का बड़ा फैसला, भारतीयों के लिए वीजा सेवा बहाल
बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार भारत के साथ सकारात्मक रिश्तों के संकेत देने लगी है. बांग्लादेश उच्चायोग ने भारतीयों के लिए वीजा सेवाएं फिर से बहाल कर दी हैं.
Follow Us:
बांग्लादेश (Bangladesh) में यूनुस की अंतरिम सरकार से किनारा करते हुए जनता ने तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) पार्टी को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाया. तारिक रहमान ने गद्दी संभालते ही भारत के साथ रिश्ते वापस पटरी पर लाने के संकेत दे दिए हैं. रिश्तों में सुधार की दिशा में पहला कदम उठाते हुए बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए वीजा सेवाएं फिर बहाल कर दी हैं.
यह कदम बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही दिनों बाद उठाया गया है. बांग्लादेश उच्चायोग ने नई दिल्ली में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दीं. यानी दिसंबर 2025 से वीजा सेवाओं पर लगी रोक खत्म हो गई. इस फैसले को दोनों देशों के बीच तनाव कम होने का पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है.
क्यों बंद थी वीजा सेवाएं
भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने पहले ही इस कदम के संकेत दे दिए थे. उन्होंने कहा था नई दिल्ली बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भी सभी वीजा सेवाएं जल्द बहाल करने की तैयारी कर रहा है. वहीं, बांग्लादेश में भारत विरोधी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद भारत विरोधी प्रदर्शन हुए थे. जिसमें कई निर्दौष हिंदुओं को निशाना बनाया गया था. इस हिंसा के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच रिश्तों में तनाव आया. उस समय मोहम्मद यूनुस कार्यवाहक प्रधानमंत्री थे. हिंदुओं पर हमले के बाद दोनों तरफ से वीजा सेवाएं कम कर दी गईं. बांग्लादेश में भारतीयों के लिए वीजा बहाल किए जाने के बाद भारत भी यह कदम उठा सकता है.
यह भी पढ़ें- 4 साल की उम्र में जेल, 17 साल का वनवास… तारिक रहमान के बांग्लादेश की गद्दी तक पहुंचने की कहानी
तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में शामिल हुए थे ओम बिरला
यह भी पढ़ें
BNP की जीत के बाद तारिक रहमान ने 17 फरवरी को प्रधानमंत्री की शपथ ली थी. जिसमें भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला शरीक हुए थे. उन्होंने तारिक रहमान से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक निजी पत्र भी सौंपा. जिसमें उन्हें भारत आने का न्योता दिया गया. PM के इसी निजी पत्र में दोनों देशों के रिश्तों को लेकर खास संदेश छुपा था. इसके बाद बांग्लादेश और भारत दोनों देशों के बीच रिश्तों को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं.
टिप्पणियाँ 0
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें