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राजधानी एक्सप्रेस आग हादसा: हूटर बजते ही दौड़ पड़ी टीम, 15 मिनट का एक्शन प्लान और ऐसे बची 68 यात्रियों की जान
Trivandrum Delhi Rajdhani Express Fire Accident: देखते ही देखते आग पूरे कोच में फैल गई, ऊंची लपटों से धुएं का गुबार छा गया. हादसा सुबह 5 बजकर 15 मिनट पर हुआ, उस वक्त ज्यादातर यात्री सो रहे थे.
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मध्य प्रदेश के रतलाम के पास रविवार सुबह राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने के बाद हड़कंप मच गया. आग राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 कोच और उससे सटे सेकेंड लगेज कम गार्ड वैन में लगी. हालांकि रेलवे कर्मचारियों की फुर्ती और जवानों की मुस्तैदी से सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बचा ली गई.
महज 15 मिनट के एक्शन प्लान से रेलवे की टीम सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रही. इस प्रोसेस में लगभग 15 मिनट में की गई तुरंत आपातकालीन निकासी में अहम भूमिका निभाई.
जानें पूरा घटनाक्रम
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दरअसल, रविवार सुबह करीब 5 बजकर 15 मिनट पर कोटा मंडल में त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) के 2 कोच में आग लग गई थी. हादसा लूणी रीछा-विक्रमगढ़ आलोट (मध्य प्रदेश) स्टेशन के बीच हुआ. जो रतलाम स्टेशन से लगभग 110 किलोमीटर दूर है. उस समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे.
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गार्ड ने तुरंत आग को देखा और लोको पायलट को सूचना दी, जिसके बाद तेज रफ्तार ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया. रेलवे को इस हादसे की जानकारी कोटा जंक्शन पर हूटर बजने से मिली. इसके तुरंत बाद राहत और बचाव के लिए टीम मौके से रवाना हो गईं. आग लगने की खबर गार्ड ने सबसे पहले लोको पायलट को दी थी, इसके बाद ट्रेन को रुकवाई गई.
ऊंची लपटों के बीच टीम ने कैसे पाया काबू?
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शुरुआत में कोच के नीचे के हिस्से से घना धुआं निकलता दिखाई दिया और कुछ ही पलों में आग तेजी से फैल गई, जिसने थर्ड एसी और उससे सटे एसएलआर कोच को अपनी चपेट में ले लिया. आग की ऊंची लपटें काफी दूर से दिखाई दे रही थीं. हालांकि इन भयावह हालातों में भी टीम ने सूझबूझ का परिचय दिया. आग को ट्रेन के दूसरे हिस्से में फैलने से रोकने के लिए कोच को करीब 20 मिनट बाद अलग कर दिया गया था. कोटा मंडल के अलावा आसपास के स्टेशन से भी रेलवे कर्मचारियों को मौके पर बुलाया गया. स्थानीय प्रशासन की मदद भी ली गई. कुछ समय के लिए टीम ने यात्रियों को तुरंत दूसरे कोच में शिफ्ट किया. इसके बाद रेलवे पुलिस और रेलवे कर्मचारी आग से जूझते हुए यात्रियों को सुरक्षित निकालने में जुट गए.
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दमकल विभाग की टीमें और वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, जिनमें रतलाम मंडल रेल प्रबंधक भी शामिल थे, मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की. इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई बंद कर दी गई और क्षतिग्रस्त दोनों कोचों को ट्रेन से अलग कर दिया गया. वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार, इस घटना में किसी यात्री या रेलवे कर्मचारी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है लेकिन इससे रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ. नई दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर कई ट्रेनों, जिनमें मुंबई जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी शामिल है, इन्हें कई स्टेशनों पर रोका गया जबकि बाद में ट्रैक को साफ किया गया. शुरुआती रिपोर्ट में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. हालांकि आग लगने के असल कारणों की जांच के लिए विस्तृत जांच की जा रही है.