Advertisement

Loading Ad...

UP में RTE नियम बदले, किराए के मकान में रहने वाले बच्चों को नहीं मिलेगा स्कूलों में एडमिशन

RTE Rules: सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रवेश के लिए बच्चे के पते वाले मकान का रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण होना जरूरी होगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिर्फ वास्तव में पात्र और स्थानीय बच्चे ही इस योजना का लाभ ले सकें और फर्जी पते के जरिए होने वाले गलत दाखिलों पर रोक लगाई जा सके.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

RTE School Admission New Rules: शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी आरटीई (RTE) के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के दाखिले को लेकर सरकार ने नियमों में अहम बदलाव किया है. अब जो अभिभावक किराए के मकान में रहते हैं, उनके बच्चों को आरटीई कोटे के तहत निजी स्कूलों में दाखिला नहीं मिलेगा. सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रवेश के लिए बच्चे के पते वाले मकान का रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण होना जरूरी होगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिर्फ वास्तव में पात्र और स्थानीय बच्चे ही इस योजना का लाभ ले सकें और फर्जी पते के जरिए होने वाले गलत दाखिलों पर रोक लगाई जा सके.

यूनिफॉर्म का पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में जाएगा

सरकार ने आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों के लिए यूनिफॉर्म की राशि देने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है. अब यूनिफॉर्म का पैसा स्कूलों के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में भेजा जाएगा. यह भुगतान निदेशालय स्तर से किया जाएगा. इसके लिए अभिभावकों के बैंक खाते का आधार कार्ड से सत्यापन होना अनिवार्य होगा. सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पैसे के दुरुपयोग की संभावना खत्म होगी और सहायता की राशि सही व्यक्ति तक पहुंचेगी.

Loading Ad...

यूपी बोर्ड को लेकर योगी सरकार का सख्त आदेश, अब जूते-मोजे उतरवाकर नहीं होगी परीक्षा

Loading Ad...

2 फरवरी से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन, सीटों की संख्या बढ़ी

राजधानी में संचालित 1,576 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत करीब 21,000 सीटों पर प्रवेश के लिए 2 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी. बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों के दस्तावेजों की ऑनलाइन कॉपी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी. इसके साथ ही संबंधित निजी स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को यूजर आईडी दी जाएगी, जिसके जरिए वे बच्चों के दस्तावेज खुद ऑनलाइन जांच सकेंगे. इससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी.

Loading Ad...

इस बार स्कूल और सीटें दोनों बढ़ीं

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि पिछले साल आरटीई के तहत 1,398 निजी स्कूलों में लगभग 18,000 सीटों पर आवेदन लिए गए थे. इस साल निजी स्कूलों की संख्या भी बढ़ी है और सीटों में भी इजाफा किया गया है. विभाग निजी स्कूलों में पढ़ने वाले आरटीई बच्चों की फीस खुद वहन करता है, जिसके लिए स्कूलों से संबंधित जानकारी और डाटा मांगा गया है, ताकि समय पर भुगतान किया जा सके.

तीन चरणों में होगी आवेदन प्रक्रिया और लॉटरी

Loading Ad...

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन तीन चरणों में होंगे. पहला चरण 2 फरवरी से 16 फरवरी तक चलेगा. दूसरा चरण 21 फरवरी से 7 मार्च तक और तीसरा चरण 12 मार्च से 25 मार्च तक होगा. आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा. पहली लॉटरी 18 फरवरी को, दूसरी लॉटरी 9 मार्च को और तीसरी लॉटरी 27 मार्च को जारी की जाएगी.

आरटीई प्रवेश के लिए जरूरी दस्तावेज

यह भी पढ़ें

आरटीई के तहत उन्हीं बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिलेगा जो शहर के निवासी हों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हों. जिला शिक्षा परियोजना समिति के आदेश के अनुसार प्रवेश के समय तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्र के लिए जॉब कार्ड, चिकित्सा प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जरूरी होंगे, तय मानकों के अनुसार जरूरी दस्तावेज पूरे होने पर ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा.

Loading Ad...
Loading Ad...