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‘राहुल गांधी को राजनीति का ज्ञान नहीं…’, CEC ज्ञानेश कुमार पर छिड़ा घमासान, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा, BJP का पलटवार
राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने प्रेजेंटेशन के जरिए चुनाव में धांधली के आरोप लगाए. जिस पर BJP ने तीखा पलटवार किया है.
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों सवालों के घेरे में हैं. उन पर एकतरफा और अन्य दो चुनाव आयुक्तों की असहमति के बावजूद फैसले लेने के आरोप लग रहे हैं. इसको लेकर बवाल छिड़ा हुआ है. विपक्ष ने भी ज्ञानेश कुमार और BJP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश में सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी) कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के खिलाफ तो काम करती है, लेकिन BJP के खिलाफ ‘गायब’ हो जाती है. राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है.
राहुल गांधी ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा
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राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी. उन्होंने दावा किया कि अब चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्त भी SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जता रहे हैं और ज्ञानेश कुमार को मौजूदा अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं.
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राहुल ने कहा, ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी की है, मैंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन सरकार ने उन्हें कानून से ऊपर कर दिया. उन्होंने कहा,
‘PM मोदी ने ज्ञानेश कुमार को नियुक्त किया. उनके खिलाफ लिखे मेरे लेटर पर कोई कार्रवाई इसलिए नहीं हुई क्योंकि PM, शाह ज्ञानेश कुमार को बचाते हैं. हमारे पास इसके सबूत हैं.’
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मैं तीन साल से 'वोट चोरी' की बात कर रहा हूं और हर बार मैंने सबूत दिए हैं।
— Congress (@INCIndia) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 24, 2026
• दिसंबर 2023 में प्रधानमंत्री मोदी एक नया कानून बनाते हैं, जो ज्ञानेश कुमार को immunity देता है- क्योंकि ज्ञानेश कुमार, मोदी के लिए काम कर रहे थे
• 7 फरवरी 2025 को मैंने महाराष्ट्र में 'वोट चोरी' से… pic.twitter.com/S6vH4JDI4W
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग का सबसे बड़ा दायित्व मतदाता के वोट की रक्षा करना है. अगर वोट सुरक्षित नहीं रहेगा तो संविधान सही ढंग से काम नहीं करेगा, कानूनों की वैधता पर सवाल उठेंगे और लोकतांत्रिक संस्थाओं का महत्व खत्म हो जाएगा. उन्होंने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांगा.
इंदिरा गांधी का जिक्र क्यों किया?
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राहुल गांधी ने कहा कि वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और 50 वर्षों से भारतीय राजनीति को करीब से देख रहे हैं. उनके मुताबिक, भारत में एंटी-इन्कम्बेंसी एक स्वाभाविक राजनीतिक ताकत है, जो हर सरकार के खिलाफ समय के साथ उभरती है. उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध के बाद भारी लोकप्रियता हासिल की थी, लेकिन कुछ ही समय में उनके खिलाफ भी सत्ता विरोधी माहौल बन गया. यही स्थिति कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ भी होती है, लेकिन BJP के मामले में ऐसा नहीं दिखता.
उन्होंने कहा, ‘मैं पूरी निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में धांधली हुई. मेरे पास इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं. यह 99 प्रतिशत नहीं, बल्कि 100 प्रतिशत निश्चित है.’ राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पहले वोट चोरी हुई, फिर कानून चोरी हुई और अब संस्थाओं की चोरी हो रही है.
राहुल के आरोपों पर BJP का पलटवार
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राहुल ने चुनाल आयुक्त और BJP पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके बाद BJP ने उन पर तीखा पलटवार किया है. BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के आरोपों को तथ्यहीन और भ्रम फैलाने वाला बताया.
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर ऐसी पीपीटी पेश की, जिसका स्रोत किसी को पता नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की उम्र 56 साल है और वह दावा करते हैं कि पिछले 50 वर्षों से राजनीति को देख रहे हैं. ऐसे में लगता है कि उन्होंने 5-6 साल की उम्र से ही राजनीति समझनी शुरू कर दी थी.
BJP प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि भारत में एंटी-इनकंबेंसी एक स्थापित राजनीतिक सच्चाई है, लेकिन उन्हें भारतीय राजनीति का इतिहास ही नहीं पता. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस 1967 के बाद कभी सत्ता में नहीं लौटी, जबकि उस समय BJP का अस्तित्व भी नहीं था. पश्चिम बंगाल में 1977 के बाद कांग्रेस सत्ता में नहीं आई, बिहार में 1990 से, उत्तर प्रदेश में 1989 से और ओडिशा में 1999 से कांग्रेस सरकार नहीं बना सकी.
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SIR पर सवाल उठे तो BJP ने दिया जवाब
SIR को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) चुनाव आयोग को किसी भी समय विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने का स्पष्ट अधिकार देती है.
#WATCH | Delhi: BJP National Spokesperson and MP Sudhanshu Trivedi says, "Just a short while ago, Rahul Gandhi once again presented a PPT before you, which usually comes from some unknown, conspicuous, and dubious sources that nobody knows. He has no knowledge of Indian politics.… pic.twitter.com/Dq1z68KDLM
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 24, 2026Advertisement
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उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दावा किया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1960 के तहत फॉर्म-6 में बदलाव किए गए हैं. जबकि ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ. उन्होंने राहुल गांधी के इस आरोप को भी खारिज किया कि फॉर्म में माता-पिता के नाम जोड़ने को लेकर कोई नया प्रावधान किया गया है. BJP प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के आरोप केवल कांग्रेस ही लगा सकती है.
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BJP ने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर लोगों में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके बयान तथ्यों पर आधारित नहीं हैं. इस दौरान, सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि PM मोदी जमीन से जुड़े हैं और राहुल गांधी जमीन से उड़े हैं, यानी कि वो अधिकतर देश के बाहर ही रहते हैं.