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‘शिवजी की बारात नहीं, अराजकता की धमाचौकड़ी’, राहुल गांधी के घेराव पर BJP का जवाब, रैली को बताया ‘बर्बादी’

BJP ने सवाल उठाया कि अगर राहुल गांधी के तर्क के अनुसार 2024 के लोकसभा चुनाव अवैध थे, तो उसी चुनाव के आधार पर नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनका पद भी अवैध होना चाहिए.

Image Source- IANS
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BJP on Opposition Rally: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने रामलीला मैदान में हुंकार भरी. INDIA ब्लॉक की कई पार्टियों के बड़े नेताओं ने SIR में गड़बड़ी के आरोपों को दोहराते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. विपक्ष की इस रैली पर BJP ने निशाना साधा है. 

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली में भीड़ जुटने के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया था, लेकिन मैदान में करीब 28 हजार कुर्सियों की ही व्यवस्था की गई थी. इनमें भी 5 से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं. उन्होंने कहा कि इस रैली ने कांग्रेस के दावों की पूरी पोल खोल दी है. 

गलत आंकड़े पेश कर रहे राहुल गांधी- पात्रा 

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संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी SIR को लेकर भी इसी तरह का गलत हिसाब-किताब पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि मतदाताओं के नाम काट दिए गए, लेकिन पार्टी को पहले अपने दावों और जमीनी हकीकत का हिसाब देना चाहिए. 

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उन्होंने कहा कि पूरे मैदान में लगभग 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, जिनमें से 5 से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं. कांग्रेस ने रैली में 10 लाख से अधिक लोगों के आने का दावा किया था, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत रही. 

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उन्होंने राहुल गांधी के शिवजी की बारात वाले तंज पर कहा कि यह शिवजी की बारात नहीं, बल्कि अराजकता की धमाचौकड़ी है. उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों को शिव तांडव और शिवजी की बारात में अंतर पता नहीं है, वह आध्यात्म की बातें करते हैं.’

ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर गलत जानकारी देने का आरोप

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने फरवरी 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यभार संभाला था, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव उनके कार्यभार संभालने से पहले हुए थे. 

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BJP प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि अगर राहुल गांधी के तर्क के अनुसार 2024 के लोकसभा चुनाव अवैध थे, तो उसी चुनाव के आधार पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनका पद भी अवैध होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर चुनाव में कोई गड़बड़ी थी तो राहुल गांधी को तत्काल अदालत में याचिका दाखिल करनी चाहिए थी. आखिर ऐसा क्यों नहीं किया गया?

यह भी पढ़ें- 'ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे ही, मोदी-शाह को भी जाना होगा...', रामलीला मैदान से राहुल गांधी ने भरी हुंकार

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए संबित पात्रा ने कहा कि ट्रिक फोटोग्राफी से कोई नेता नहीं बनता और न ही इस तरह कोई प्रधानमंत्री बन सकता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए मेहनत और पसीना बहाना पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘पीएम का अर्थ सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं होता, बल्कि पी से पसीना और एम से मेहनत भी होता है. पसीने और मेहनत के दम पर ही कोई प्रधानमंत्री बनता है.’

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उन्होंने कांग्रेस और परिवारवादी राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वास्तव में मेहनत की गई होती, जनता के बीच जाकर उनका विश्वास जीता होता तो आज रामलीला मैदान की तस्वीर कुछ और होती. नेतृत्व तस्वीरों और दावों से नहीं, बल्कि मेहनत, संघर्ष और जनता के विश्वास से बनता है.

मोहब्बत की दुकान वाले बयान पर तंज 

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले बयान पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि राहुल गांधी को 'मोहब्बत की दुकान' खोलने का लाइसेंस कब मिलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं. संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए कहा, 

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‘राहुल गांधी जी, यह हिंदुस्तान आपके अब्बू-जान का नहीं है. यह हिंदुस्तान हिंदुस्तानियों का है. यहां चायवाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है.’

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यही परेशानी है कि एक साधारण व्यक्ति लोकतंत्र की सीढ़ियां चढ़कर देश का प्रधानमंत्री कैसे बन गया. BJP प्रवक्ता ने कहा कि देश में लोकतंत्र की ताकत ही है कि आम पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकता है. 

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