रात में मां से बात, सुबह गायब… न शव मिला न CCTV, बीच समुद्र कहां गए मर्चेंट नेवी अफसर सार्थक मोहापात्रा?
बीच समंदर सार्थक का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है. शिप कंपनी सवालों का जवाब नहीं दे रही. आखिर समुद्री यात्रा के बीच जहाज से सार्थक कहां चला गया? लहरों में दफन वो कौनसा राज है जो शिप कंपनी छुपा रही है.
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Merchant Navy Officer Sarthak Mohapatra: ओडिशा का एक होनहार युवा, मर्चेंट नेवी की चमकती वर्दी और फिर अथाह समुद्र के बीच अचानक गुमशुदगी. मॉरीशस से सिंगापुर और चीन की ओर जा रहे जहाज से गायब हुए 23 साल के मर्चेंट नेवी अफसर सार्थक मोहापात्रा का 16 दिन से कोई सुराग नहीं मिल सका है. बीच समंदर सार्थक का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है. सार्थक के अचानक गायब होने से परिवार सदमे में हैं. शिप कंपनी सवालों का जवाब नहीं दे रही. आखिर समुद्री यात्रा के बीच जहाज से सार्थक कहां चला गया? लहरों में दफन वो कौनसा राज है जो शिप कंपनी एंग्लो ईस्टर्न छुपा रही है या ये कोई गहरी साजिश है जो बहुत बड़े रैकेट की ओर इशारा करती है.
ओडिशा के भद्रक जिले के सार्थक मोहापात्रा 3 फरवरी से गायब हैं. वह एंग्लो ईस्टर्न कंपनी के जहाज पर डेक कैटेत के तौर पर तैनात थे. 2 फरवरी तक सब कुछ ठीक था, लेकिन अगली ही सुबह खबर आई कि सार्थक लापता है. जहाज के कैप्टन देवाशीष पटनायक ने परिवार को कॉल कर केवल इतना बताया कि सार्थक अपने कमरे में नहीं मिला. वह सुबह 6.10 बजे कमरे में
गया था. सार्थक को नाश्ते के लिए बुलाया गया तो वह गायब था.
एक रात पहले वीडियो कॉल पर की थी मां से बात
सार्थक के अचानक गायब होने से उनका परिवार सदमे में है और उन्हें किसी बड़ी अनहोनी या साजिश का डर सता रहा है. जहाज की कंपनी और कैप्टन की थ्योरी पर परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं और प्रधानमंत्री मोदी से लेकर विदेश मंत्रालय तक से तत्काल मदद की गुहार लगाई है. मां रश्मिता मोहापात्रा का कहना है कि मर्चेंट नेवी में ब्रेकफास्ट कमरे में नहीं किया जाता. अगर कोई बीमार हो तभी खाना कमरे में जाता है. तो फिर उसे कमरे में ब्रेकफास्ट के लिए क्यों ढूंढा गया?
रश्मिता मोहापात्रा ने यह भी बताया कि 2 फरवरी की रात बेटे सार्थक से वीडियो कॉल पर बात हुई थी, जो हमेशा की तरह ही एक सामान्य कॉल था और सामान्य परिस्थितियां ही दिखा रहा था. ऐसे में परिवार ने आत्महत्या या डिप्रेशन की थ्योरी से इंकार किया है. 16-17 दिन से सार्थक का कुछ पता नहीं चल सका है. वहीं, शिप कंपनी बार-बार बयान बदल रही है.
सिंगापुर पहुंचा परिवार निराश लौटा
सार्थक की मां ने अपने बेटे की तलाश के लिए MEA से लेकर PM मोदी तक गुहार लगाई है. ओडिशा के पूर्व CM नवीन पटनायक ने भी मामले को उठाया है. मां और चाचा संतोष साहू सिंगापुर पहुंचे लेकिन वहां भी उन्हें सार्थक के कमरे में नहीं जाने दिया गया. यहां तक कि परिवार को CCTV और VDR देता भी नहीं दिखाया जा रहा है.
परिवार को केवल दो घंटे के लिए जहाज पर चढ़ने की अनुमति दी गई, जिसके दौरान वे केवल सार्थक के केबिन तक ही पहुंच सके. जब परिवार ने डेक तक पहुंचने की कोशिश की, तो कथित तौर पर जहाज के अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और धमकाया. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्होंने कोशिश जारी रखी तो उन्हें जहाज से फेंक दिया जाएगा.
सार्थक की मां रश्मिता ने जहाज के चालक दल पर उनकी मदद की गुहार को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया है. उनका दावा है कि उनके बेटे को 15 दिनों से ज्यादा समय तक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया. उनका मानना है कि इस दौरान उसके साथ कुछ गंभीर घटना घटी है. रश्मिता ने अपने बेटे को वापस लाने में सहायता के लिए सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग में भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन परिवार को अभी तक आश्वासन ही मिला है. सार्थक कहां है? ये सवाल बरकरार है.
सवाल- आखिरी सुबह 5:40 से 6:15 के बीच क्या हुआ?
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुबह लगभग 5:40 बजे सार्थक को डेक पर देखा गया. करीब 6:15 बजे के आसपास उन्हें अपनी सेवा देनी थी, लेकिन वह नहीं पहुंचे. दावा है कि जब एक क्रू मेंबर उनके केबिन में गया, दरवाज़ा बंद नहीं था, कमरे में कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं थी, केवल मोबाइल और सामान था, लेकिन सार्थक नहीं थे.
परिवार ने क्या आरोप लगाया?
सार्थक मोहपात्रा के परिवार ने आरोप लगाया कि वह किसी बड़ी साजिश का शिकार हुए हैं. परिवार का दावा है कि ये मामला मानव तस्करी की ओर भी इशारा करता है. कुछ साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें मर्चेंट नेवी कर्मचारी संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए और कोई सुराग नहीं मिला. जब परिवार ने डेक तक पहुंचने की कोशिश की, तो कथित तौर पर जहाज के अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और धमकाया, साथ ही चेतावनी दी कि अगर उन्होंने कोशिश जारी रखी तो उन्हें जहाज से फेंक दिया जाएगा.
मां रश्मिता का कहना है कि सार्थक के साथ जहाज पर कुछ बुरा हुआ है. सार्थक को जहाज पर रहने के दौरान गंभीर यातनाएं दी गईं, जिनमें लंबे समय तक भोजन न देना और केवल उनके केबिन में भोजन भेजना शामिल है.
समुद्र में सार्थक की तलाशी
कंपनी का दावा है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है. समुद्र में सार्थक की खोजबीन के लिए सघन तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है. हालांकि परिवार का दावा है कि इस तलाशी अभियान में कई खामियां हैं. घटना 3 फरवरी को हुई थी, जबकि परिवार की अधिकारियों से मुलाकात 15 फरवरी को हुई थी. वे 12 दिनों में CCTV फुटेज की समीक्षा भी नहीं कर पाए. बिना इसकी पुष्टि किए वे तलाशी कैसे चला सकते हैं?
परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि परिवार को सार्थक का सामान बिना जांच के सौंप दिया गया, जबकि यह एक आपराधिक मामला है. उनके पासपोर्ट और पहचान पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इस पूरे मामले में CCTV फुटेज को छुपाना ही बड़े सवाल खड़े करता है. अगर कंपनी की प्रक्रिया पारदर्शी है तो CCTV फुटेज क्यों नहीं दिए जा रहे. क्या सार्थक किसी हादसे का शिकार हुए हैं, या सुसाइड, या कुछ और जो बेहद गंभीर है और किसी गहरी साजिश से जोड़ता है. सार्थक अचानक गायब हुए, न कोई तनाव, न कोई इमरजेंसी कॉल, न समुद्र में गिरने का सबूत. क्योंकि समुद्र में गिरने की घटना में अक्सर तुरंत अलार्म ट्रिगर करती है, लेकिन इस केस में सब कुछ असामान्य सा है. ओडिशा में बैठा सार्थक का परिवार हर समय फोन के पास बैठा बेटे के एक इनपुट का इंतजार कर रहा है, सार्थक मां का इकलौता सहारा था, बेसुध मां ने PM मोदी से अपील कर बेटे के साक्ष्य जुटाने के लिए मदद की गुहार लगाई है. अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार और MEA पर है, ताकि सिंगापुर में सरकारी अधिकारी परिवार तक सार्थक की सही-सही जानकारी के लिए दबाव बना सकें.
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परिवार ने इस मामले में क्रिमिनल जांच की मांग की है. उन्होंने केंद्र सरकार, ओडिशा सरकार, DG शिपिंग और Singapore के Maritime and Port Authority से दखल की मांग भी की है. मौजूदा इनपुट बताते हैं कि जहाज को हॉन्ग-कॉन्ग में डिटेन किया गया है. जहाज के अंदर आखिर कौनसा राज छिपा है जिसमें सार्थक किसी रहस्य ती तरह गायब हो गया.
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