दुनिया के ‘सेंटर स्टेज’ पर भारत, AI समिट की फैमिली फोटो में PM मोदी का मैजिक, क्या है इस तस्वीर का असली संदेश?
विभिन्न देश के राष्ट्रध्यक्षों, मंत्रियों, तकनीकी विशेषज्ञों के साथ पीएम मोदी की फैमिली फोटो महज एक तस्वीर नहीं है, बल्कि यह भारत की बढ़ती ‘सॉफ्ट पावर’ को भी दर्शाता है.
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राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एआई-इम्पैक्ट समिट 2026 के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तस्वीरों की एक श्रृंखला साझा की, जिसमें पीएम मोदी और दुनिया के बड़े और छोटे देशों के माननीय साथ में खड़े थे. सामने आई “फैमिली फोटो” केवल एक औपचारिक समूह तस्वीर नहीं है, बल्कि वैश्विक राजनीति और तकनीकी सहयोग का प्रतीकात्मक दृश्य भी है.
The AI Impact Summit in Delhi has brought together the who’s who from the AI world.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 19, 2026
There is representation from over 100 countries.
There are distinguished participants from every corner of the globe.
Our aim is the same - leveraging the power of AI for the welfare of our… pic.twitter.com/BHkvMOJsVN
AI अब वैश्विक कूटनीति और रणनीति का केंद्र बन चुका है
मंच के मध्य में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके आसपास विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि दिखाई दे रहे हैं. यह तस्वीर बताती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि वैश्विक कूटनीति और रणनीतिक साझेदारी का केंद्र बन चुका है.
At the world’s largest and most historic AI Impact Summit in New Delhi!@LulaOficial@anuradisanayake@ParmelinG@KBM_ALNAHYAN pic.twitter.com/goC20vbKpu
— Narendra Modi (@narendramodi) February 19, 2026
डेटा सुरक्षा और नैतिक मानकों पर वैश्विक सहमति
ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में “फैमिली फोटो” परंपरा का हिस्सा होती है. यह सामूहिक प्रतिबद्धता का दृश्य प्रमाण मानी जाती है. 2026 के इस एआई समिट में एशिया, यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि एआई शासन, डेटा सुरक्षा, नैतिक मानक और नवाचार जैसे मुद्दे अब बहुपक्षीय विमर्श का हिस्सा हैं. तस्वीर में नेताओं की एक साथ मौजूदगी इस बात का संदेश देती है कि तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बावजूद सहयोग की आवश्यकता को खुले दिल से स्वीकारा जा रहा है.
In my address at the Leaders’ Plenary at the AI Impact Summit, emphasised the need to build a global AI ecosystem that is human-centric and sensitive. After all, humanity has always turned disruptions into opportunities and the rise of AI presents yet another such key… pic.twitter.com/xkxhKtaveq
— Narendra Modi (@narendramodi) February 19, 2026
फैमिली फोटो के माध्यम से दुनिया को संदेश
भारत पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आधार, यूपीआई और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जिम्मेदार एआई, समावेशी विकास और मानव-केंद्रित तकनीक की आवश्यकता पर जोर दिया. फैमिली फोटो इसी संदेश का दृश्य विस्तार प्रतीत होती है—जहां विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं और आर्थिक हितों वाले देश एक साझा मंच पर खड़े हैं.
Had a fruitful discussion with His Highness Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan, Crown Prince of Abu Dhabi on the sidelines of the AI Impact Summit in Delhi. We talked about boosting cooperation in futuristic sectors such as AI, supercomputers, investing in data centres… pic.twitter.com/bBQ2hGl0Jv
— Narendra Modi (@narendramodi) February 19, 2026
AI समिट में मेजबानी भारत के वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने का संकेत है
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की तस्वीरें "विज़ुअल डिप्लोमेसी" का हिस्सा होती हैं. अमेरिकी विद्वान डेविड डी. पर्किन्स तो इसे "विजुअल स्टेटमेंट" कहते हैं, यानी जो दिखता है वो बहुत कुछ बयान करता है. ये तस्वीरें यह संकेत देती हैं कि कोई देश किसी उभरते वैश्विक एजेंडा में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है. एआई के क्षेत्र में अमेरिका और चीन जैसी बड़ी शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत का मेजबान के रूप में उभरना उसकी बढ़ती तकनीकी और रणनीतिक हैसियत को दर्शाता है. फैमिली फोटो में विकसित और विकासशील देशों का साथ दिखना यह भी बताता है कि एआई केवल उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का विषय नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ के लिए भी अवसर और चुनौती दोनों है.
सम्मेलन की तस्वीरें सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि देश की साख को बढ़ाने का जरिया है
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अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतकार जोसेफ एस. नाए ने अपनी चर्चित पुस्तक 'सॉफ्ट पावर: द मीन्स टू सक्सेस इन वर्ल्ड पॉलिटिक्स' में "सॉफ्ट पावर" की अवधारणा समझाते हुए कहा है कि किसी देश की छवि, सांस्कृतिक प्रभाव और सार्वजनिक प्रस्तुति उसकी वैश्विक स्थिति को मजबूत करते हैं. नाए के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा तस्वीरें और प्रतीकात्मक क्षण किसी देश की विश्वसनीयता और आकर्षण को बढ़ाते हैं—जो सॉफ्ट पावर का मुख्य तत्व है. हालांकि, प्रतीकात्मक तस्वीरों से आगे वास्तविक महत्व उन समझौतों और साझेदारियों में निहित होता है, जो ऐसे सम्मेलनों के बाद आकार लेते हैं. एआई के क्षेत्र में डेटा साझा करने के नियम, साइबर सुरक्षा सहयोग, अनुसंधान निवेश और नैतिक ढांचे पर सहमति—ये सभी भविष्य में तय करेंगे कि इस समिट का प्रभाव कितना व्यापक होगा.
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