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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान, गढ़चिरौली में माओवादियों के अंतिम 44 स्मारक ध्वस्त, आतंक का आखिरी निशान मिटा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान गढ़चिरोली की बदलती वास्तविकता का प्रतीक है. यह भय से विश्वास और हिंसा से विकास की ओर संक्रमण का एक महत्वपूर्ण चरण है.

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19 Feb 2026
( Updated: 19 Feb 2026
01:15 PM )
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान, गढ़चिरौली में माओवादियों के अंतिम 44 स्मारक ध्वस्त, आतंक का आखिरी निशान मिटा
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सुरक्षा बलों ने गढ़चिरौली जिले में माओवादियों द्वारा आतंक के प्रतीक के रूप में स्थापित किए गए अंतिम 44 स्मारकों को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है. मैं इसके लिए गढ़चिरौली के साहसी पुलिस बल को हार्दिक बधाई देता हूं. उनकी कार्रवाई केवल भौतिक संरचनाओं को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की उस मानसिकता पर निर्णायक जीत है जो वर्षों से लोगों के मन में व्याप्त भय से भरी हुई थी.

"गढ़चिरौली में आतंक का अंतिम निशान मिटाया गया"

सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि माओवादियों ने इन स्मारकों को दूरस्थ और अति दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों में आतंक फैलाने और अपनी उपस्थिति प्रदर्शित करने के उद्देश्य से स्थापित किया था. हालांकि, सरकार की निरंतर और दृढ़ माओवादी विरोधी नीति ने गढ़चिरौली की स्थिति में एक बड़ा बदलाव लाया है.

उन्होंने कहा कि सुरक्षा अभियान, आत्मसमर्पण नीति, विकास परियोजनाएं और स्थानीय लोगों का विश्वास बढ़ा है. इसी संदर्भ में, गढ़चिरोली पुलिस बल, सी-60 कमांडो, सीआरपीएफ और विशेष दस्तों के संयुक्त अभियान में लगभग 800 कर्मियों द्वारा एक सुनियोजित तलाशी और निरीक्षण अभियान चलाया गया. बीडीडीएस टीम के निरीक्षण के बाद, विभिन्न वन क्षेत्रों में स्थित इन 44 स्मारकों को नष्ट कर दिया गया.

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उन्होंने कहा कि यह अभियान एतापल्ली, हेदरी, भामरागड, जिमलागट्टा, धनोरा और पेंढारी उपमंडलों में विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में चलाया गया. जहां पहले आतंक के प्रतीक खड़े थे, अब वहां प्रशासन पर भरोसा और विकास की उम्मीद जगी है.

"गढ़चिरोली की धरती पर माओवाद की कोई निशानी बर्दाश्त नहीं"

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान गढ़चिरोली की बदलती वास्तविकता का प्रतीक है. यह भय से विश्वास और हिंसा से विकास की ओर संक्रमण का एक महत्वपूर्ण चरण है.

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट ऐलान है कि गढ़चिरोली की धरती पर माओवाद की कोई निशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कानून का राज स्थापित है, शांति और विकास की राह अडिग है, और जनता की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बल पूरी ताकत और संकल्प के साथ हर मोर्चे पर डटे हुए हैं.

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