Advertisement

दावोस में फडणवीस का बड़ा ऐलान, नवी मुंबई के पास बनेगी 'इनोवेशन सिटी'

Maharashtra: मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत-ईयू शिखर सम्मेलन 27 जनवरी को प्रस्तावित है. यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है, जब वैश्विक बाजार अमेरिका के टैरिफ से जुड़ी उथल-पुथल और भू-राजनीतिक बदलावों के कारण अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं.

Image Source: Social Media

Innovation City: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को नवी मुंबई के पास एक अत्याधुनिक ‘इनोवेशन सिटी’ विकसित करने का ऐलान किया. सरकार का मानना है कि इस परियोजना से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और इनोवेशन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलेगा. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना को वैश्विक निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है.

450 वैश्विक निवेशकों के सामने किया गया ऐलान

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने दुनियाभर से आए करीब 450 निवेशकों के सामने इस इनोवेशन सिटी की योजना प्रस्तुत की है. इन निवेशकों ने इस प्रोजेक्ट में गहरी रुचि दिखाई है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि महाराष्ट्र वैश्विक निवेश के लिए एक मजबूत गंतव्य बनकर उभर रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना के जरिए नई तकनीकों, स्टार्टअप्स और रिसर्च आधारित उद्योगों को एक ही मंच पर लाया जाए.

टाटा ग्रुप करेगा करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस इनोवेशन सिटी में टाटा ग्रुप करीब एक लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 11 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है. टाटा संस पहले ही इस परियोजना के विकास के लिए बड़े निवेश की घोषणा कर चुका है, जिसमें एक अत्याधुनिक डेटा सेंटर भी शामिल होगा. यह निवेश न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि मुंबई और नवी मुंबई को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक नई पहचान भी देग.

मुंबई को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने की तैयारी

देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, इनोवेशन सिटी मुंबई में एक ग्लोबल इनोवेशन इकोसिस्टम स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी. सरकार का उद्देश्य मुंबई को ऐसा शहर बनाना है, जहां दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले उद्यमी और इनोवेटर्स ‘प्लग-एंड-प्ले’ सिस्टम के जरिए आसानी से अपने आइडिया पर काम कर सकें. इससे मुंबई की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता और मजबूत होगी.

मुंबई को सर्कुलर इकोनॉमी में बदलने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस इवेंट के दौरान मुंबई को सर्कुलर इकोनॉमी शहर बनाने की भी घोषणा की गई है. इसके तहत सॉलिड वेस्ट, लिक्विड वेस्ट, मेडिकल वेस्ट, इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट, बिल्डिंग मटेरियल वेस्ट समेत सभी प्रकार के कचरे को रिसोर्स में बदला जाएगा. इस पहल से न सिर्फ कचरे का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि शहर की वायु और जल गुणवत्ता में भी सुधार आएगा.

स्थिर और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनने की दिशा में कदम

फडणवीस ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल अपनाने से मुंबई को एक स्थिर और पर्यावरण के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी. इससे देश की आर्थिक राजधानी को लंबे समय तक टिकाऊ विकास की राह पर आगे बढ़ाया जा सकेगा और जीवन स्तर में भी सुधार होगा.

भारत-ईयू व्यापार समझौते पर भी जोर

इससे पहले डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक के दौरान आईएएनएस से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय कंपनियों को अलग-अलग वैश्विक बाजारों तक पहुंच की जरूरत है, जिसे भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते के जरिए पूरा किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यूरोप भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखता है और यह बात हाल के दिनों में यूरोपीय नेतृत्व के बयानों से साफ झलकती है.

वैश्विक अनिश्चितता के बीच अहम होगा भारत-ईयू शिखर सम्मेलन

मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत-ईयू शिखर सम्मेलन 27 जनवरी को प्रस्तावित है. यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है, जब वैश्विक बाजार अमेरिका के टैरिफ से जुड़ी उथल-पुथल और भू-राजनीतिक बदलावों के कारण अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं. ऐसे में यह शिखर सम्मेलन भारत के लिए निवेश और व्यापार के नए अवसर खोलने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

LIVE
अधिक →