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KGMU में धर्मांतरण और लव जिहाद गैंग पर करारा प्रहार, लंबे समय से चल रहा था अवैध मजार का गोरखधंधा, चलेगा बुलडोजर

लखनऊ के KGMU परिसर में सरकारी जमीन पर बनीं मजारों को खाली कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है. प्रशासन ने इन मजारों को हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है. अगर तय समयसीमा के अंदर इसे नहीं हटाया जाता है तो फिर बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी.

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24 Jan 2026
( Updated: 24 Jan 2026
09:00 AM )
KGMU में धर्मांतरण और लव जिहाद गैंग पर करारा प्रहार, लंबे समय से चल रहा था अवैध मजार का गोरखधंधा, चलेगा बुलडोजर
केजीएमयू कैंपस में मौजूद अवैध मजारें (स्क्रीनग्रैब)

लखनऊ KGMU में सामने आए लव जिहाद और शोषण के मामले में ताबड़तोड़ एक्शन लिए जा रहे हैं. योगी सरकार केजीएमयू में मौजूद धर्मांतरण गिरोह के जड़ पर वार कर रही है. बीते दिनों सामने आया था कि केजीएमयू कैंपस में कई मजारें हैं, जिस पर काफी बवाल मच गया था. अब सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. आपको बता दें कि लखनऊ परिसर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के तहत बनी मजारों को खाली कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. 

अवैध कब्जे के तहत बनीं मजारों पर चलेगा बुलडोजर!

खबर के मुताबिक इन अवैध मजारों को हटाने के लिए केजीएमयू प्रशासन की ओर से मौके पर नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है. इसमे कहा गया है कि 15 दिनों के भीतर संबंधित लोग स्वयं इन मजारों को हटा लें, अन्यथा प्रशासन की ओर से बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं उस बुलडोजर एक्शन का खर्चा भी उन्हीं लोगं से वसूला जाएगा. 

मालूम हो कि केजीएमयू में अवैध मजारों को लेकर लगातार सरकार हर तरह से कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में प्रशासन अब एक्टिव हो गया और बुलडोजर कार्रवाई का नोटिस दिया है. जानकारी के मुताबिक नोटिस में कहा गया है कि यह निर्माण केजीएमयू परिसर के भीतर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से किया गया है. अगर निर्धारित समय के अंदर ये मजारें नहीं हटाई गईं तो केजीएमयू प्रशासन स्वयं इन्हें हटाने की कार्यवाही स्टार्ट कर देगा.

संवेदनशील जगह पर मजार, हरकत में प्रशासन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस स्थान पर ये मजारें बनी हैं वह पूरी तरह सरकारी जमीन है. बीते दिनों वायरल वीडियो में साफ दिखा कि जहां ये मजारें बनीं है वहां केजीएमयू मेडिसिन विभाग, कस्तूरबा चेस्ट हॉस्पिटल की ओपीडी और रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग मौजूद है. इसके अलावा यहीं पर एंबुलेंसें खड़ी रहती हैं और इलाज से जुड़ी गतिविधियां लगातार चलती रहती हैं. ऐसे संवेदनशील अस्पताल परिसर में इस तरह की अवैध मजारों का अस्तित्व अपने आप में सवाल खड़े करता है.

प्रशासन इस कार्रवाई के संबंध में अब दलील दे रहा है कि इन मजारों की वजह से पार्किंग स्पेस और अस्पताल के विस्तार में भी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे मरीजों के इलाज और सुविधाओं पर असर पड़ रहा है. खबर के मुताबिक ये ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किसी एक मजार तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि केजीएमयू परिसर में बनी तमाम अवैध मजारों पर एक के बाद एक नोटिस लगाए गए हैं.

अवैध कब्जे को हटाने के लिए 15 दिन का समय

नोटिस में यह भी साफ किया गया है कि अगर तय 15 दिनों में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई करेगा और उसका खर्च संबंधित पक्ष से वसूला जाएगा. मौके पर दानपात्र, ताले और अन्य व्यवस्थाएं भी दिखाई दे रही हैं, जिससे यह साफ होता है कि यहां मजार के नाम पर गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था. 

सीएम योगी के सामने उठा था केजीएमयू का मामला

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केजीएमयू में धर्मांतरण और लव जिहाद गैंग की हरकत को लेकर सीएम योगी के समक्ष मुद्दा उठाया गया था और उनके संज्ञान में मामला लाया गया था. महिला आयोग ने भी केजीएमयू से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे. अपर्णा यादव द्वारा केजीएमयू पहुंचकर धर्मांतरण सहित अन्य मामलों को उठाए जाने के बाद यह मुद्दा और राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया. इसी कड़ी में अब अवैध मजारों पर कार्रवाई शुरू की गई है.

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