‘शंकराचार्य को PM-CM के खिलाफ बोलना शोभा नहीं देता’, माघ मेला विवाद पर RLD महासचिव मलूक नागर का बड़ा बयान, अविमुक्तेश्वरानंद को घेरा

Shankaracharya Controversy: मौनी अमावस्या के दिन स्नान को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव हो गया, जिसके बाद यह विवाद बढ़ता चला गया. अब इस विवाद पर RLD के राष्ट्रीय महासचिव मलूक नागर ने प्रतिक्रिया दी है.

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25 Jan 2026
( Updated: 25 Jan 2026
04:09 PM )
‘शंकराचार्य को PM-CM के खिलाफ बोलना शोभा नहीं देता’, माघ मेला विवाद पर RLD महासचिव मलूक नागर का बड़ा बयान, अविमुक्तेश्वरानंद को घेरा

माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान विवाद दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. अब इस विवाद में कई साधु-संत और राजनेता कूद गई हैं और अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं. इसी कड़ी में अब राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के राष्ट्रीय महासचिव मलूक नागर ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विवाद को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान देना शोभा नहीं देता है. लोकदल के नेता ने पूरे विवाद को जल्द सुलझाने की अपील की. 

पीएम और सीएम के खिलाफ बोलना शंकराचार्य को शोभा नहीं देता’

मलूक नागर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "जहां शंकराचार्य की बात है, वह सुप्रीम कोर्ट में 2022 से मामला विचाराधीन है. उनका अभिषेक नहीं हुआ, फिर भी वह सनातनी हैं और बड़े हैं. उन्हें भी शांति से काम लेना चाहिए. वह जिस तरह के बयान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बारे में दे रहे हैं, वह उन्हें भी शोभा नहीं देता. जिस तरह पुलिस से धक्का-मुक्की हुई, उन्हें आक्रोश को कंट्रोल करके तालमेल बैठाकर आगे बढ़ जाना चाहिए. हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में यह विवाद निपट जाएगा और पहले की तरह सामान्य हो जाएगा”.

मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी साधा निशाना

इसी बीच, एनडीए सरकार के खिलाफ मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर आरएलडी नेता ने कहा, "अध्यक्ष के तौर पर उन्हें (मल्लिकार्जुन खड़गे) कांग्रेस को मजबूत करना चाहिए. वे गलत बयानों से कमजोर कर रहे हैं”. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मलूक नागर ने कहा, "तीन साल तक इनका अध्यक्ष नहीं बना, फिर खड़गे साहब अध्यक्ष बने, जिस दिन बने सनातन धर्म के खिलाफ बोले. गंगा और कुंभ के खिलाफ बोले. आजकल इनकी पार्टी के सभी प्रवक्ता सनातन धर्म के फेवर में बोल रहे हैं. पहले वह कंफ्यूजन दूर करें”.

अपने गिरेबां में झांके मल्लिकार्जुन खड़गे

उन्होंने यह भी कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे दूसरों को नसीहत देने के बजाय अपने गिरेबां में झांक कर देखें. शकील साहब, नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे लोग पार्टी छोड़कर जा रहे हैं. इन नेताओं के जिस तरह के आरोप हैं और राहुल गांधी को दरकिनार कर रहे हैं, ऐसे में वे सबसे पहले अपनी पार्टी को संभालने का काम करें.

लालू परिवार पर भी साधा निशाना

आरएलडी नेता ने राष्ट्रीय जनता दल पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "जब संघर्ष करना पड़ता है, तो कुछ लोग निखर करके आते हैं और फिर देश के लिए काम करते हैं. कुछ लोग टूट जाते हैं और थोड़ा मनोबल टूट जाता है, बिखर जाते हैं. इसी तरह बिहार में लालू प्रसाद यादव परिवार से संबंधित मामला है. वे बहुत दिनों से सत्ता से बाहर हैं. लगातार हार मिल रही है. निराशा में कुछ ऐसी स्थिति है कि वे टूट चुके हैं. इंडिया गठबंधन में पहले कांग्रेस से और अब परिवार में आपस में लड़ रहे हैं”. 

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