लहूलुहान हुआ ईरान में आंदोलन, अब तक 500 से ज्यादा की मौत, 10000 से ज्यादा की गिरफ्तारी, 4 दिन से फोन-इंटरनेट ठप
ईरान में दो हफ्ते से ज्यादा समय से लोगों का प्रदर्शन जारी है. खामेनेई सरकार के खिलाफ जनता सड़कों पर उतरी हुई है. 84 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ईरान में इंटरनेट-फोन सेवा बंद है. वहीं करीब 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
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ईरान खामेनेई शासन को लेकर हो रहा प्रदर्शन भयावह होता जा रहा है. बीते दो हफ्तों में 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं दस हजार से ज्यादा लोगों को जेल में डाल दिया गया है. ये आंदोलन 28 दिसंबर को महंगाई, आर्थिक चुनौती, गिरती करेंसी सहित अन्य मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था. अब इसने इस्लामी निजाम के खिलाफ क्रांति का रूप ले लिया है.
इस बीच अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान अब तक 544 लोग मारे जा चुके हैं. वहीं गिरफ्तार होने वाले लोगों का आंकड़ा 10 हजार के पार जा चुका है. पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि 15 दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन में करीब 115 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि दो हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
ईरान में अब तक 544 लोगों की मौत
इस बीच अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान अब तक 544 लोग मारे जा चुके हैं. वहीं गिरफ्तार होने वाले लोगों का आंकड़ा 10 हजार के पार जा चुका है. पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि 15 दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन में करीब 115 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि दो हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, अब अमेरिकी राइट्स ग्रुप ने देश में बड़े पैमाने पर हो रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच मरने वालों की संख्या 544 बताई है.
ईरान में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स संगठन की न्यूज सर्विस, ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए), ने बताया कि पिछले 15 दिनों में प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 544 लोग मारे गए हैं. इनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं.
10,681 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तारी
एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद 10,681 से ज्यादा लोगों को जेलों में भी भेजा गया है. बता दें, बीते दिन एक वीडियो सामने आई थी, जिसमें प्रदर्शनकारी बच्चों को टारगेट करते हुए विस्फोटक फेंकते हैं. हालांकि, वीडियो में नजर आ रहे बच्चे बाल-बाल बच गए.
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि ईरान ने बातचीत के लिए हामी भरी है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार मामले में हस्तक्षेप के लिए संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार कर रही है. इसलिए ईरान बात करने के लिए तैयार हो गया है.
ईरानी संसद के स्पीकर की अमेरिका को वॉर्निंग
इससे पहले ईरानी संसद के स्पीकर ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिकी सेना दखल देती है तो अमेरिकी मिलिट्री और कमर्शियल बेस को बदले की कार्रवाई का टारगेट माना जाएगा. इससे पहले अमेरिकी मीडिया न्यूयॉर्क टाइम्स ने जानकारी दी थी कि ट्रंप को ईरान के मामले में सैन्य विकल्पों की ब्रीफिंग दी गई थी. ऐसे में ईरान की ओर से बातचीत की पहल की गई है.
जो आंदोलन शुरुआत में आर्थिक मांगों को लेकर खड़ा हुआ था, वो अब धीरे-धीरे राजनीतिक बदलाव की मांग में तब्दील होता जा रहा है. कुछ लोग तो खुलकर इस्लामिक रिपब्लिक को उखाड़ फेंकने की बात कह रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों पर सख्ती, रिजीम को पड़ेगी भारी
सरकार की प्रतिक्रिया शुरू में नरम दिखी. पहले संकेत दिए गए कि प्रदर्शनकारियों की बात सुनी जाएगी. इसी महीने सरकार ने ज्यादातर नागरिकों को करीब 7 डॉलर प्रति माह की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने जनता की “वाजिब शिकायतों” को स्वीकार किया और सेंट्रल बैंक के लिए नए प्रमुख की नियुक्ति भी की गई. लेकिन अब सरकार का रुख सख्त होता दिख रहा है, ठीक वैसा ही जैसा पहले के आंदोलनों के दौरान देखा गया था. इंटरनेट और फोन नेटवर्क बंद किए जा रहे हैं, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हो रही हैं. हालात का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि विदेशी एयरलाइंस ने ईरान के लिए अपनी उड़ानें तक रद्द कर दी हैं.
खामेनेई का लेटेस्ट वीडियो आया सामने
इससे पहले खामेनेई का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वो कहते हैं, "शत्रुओं की तमाम कोशिशों के बावजूद, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आज दुनिया में मजबूत, ताकतवर और खुशहाल है. उन लोगों ने पिछले 40 सालों में हमारे खिलाफ हर संभव एक्शन लेने की पूरी कोशिश की. उन्होंने हम पर सैन्य, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक मोर्चे पर सभी तरह के प्रहार किए, लेकिन वे हार गए और उन्हें कुछ हासिल नहीं हो पाया. आज खुदा का शुक्र है कि ईरान पर इस्लामिक रिपब्लिक का राज है. यह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान है."
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