दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेड डील, India-EU FTA को लेकर बातचीत खत्म, 2027 में लागू होगा समझौता

भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच  ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’  यानी कि मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हो गई है. इस पर साइन होने के बाद ही ये पूरी दुनिया में ट्रेड की रूप रेखा और दशा-दिशा सब बदलकर रख देगा.

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27 Jan 2026
( Updated: 27 Jan 2026
08:28 AM )
दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेड डील, India-EU FTA को लेकर बातचीत खत्म, 2027 में लागू होगा समझौता
India EU FTA Negotiations Concluded

भारत और यूरोपीय यूनियन के लिए 27 जनवरी का दिन बेहद अहम और ऐतिहासिक बन गया है. दोनों पक्षों के बीच मुक्त व्यापार समझौता को लेकर हो रही बातचीत संप्पन हो गई है. इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भी कहा जा रहा है. इसकी घोषणा मंगलवार को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान की जाएगी.

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, कानूनी जांच (लीगल स्क्रबिंग) के बाद इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे. यह समझौता संतुलित, भविष्य उन्मुख होगा और ईयू के साथ बेहतर आर्थिक एकीकरण में मदद करेगा.

द्विपक्षीय व्यापार के परवान चढ़ने की संभावना
यह डील दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश को गति देगी. मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक यह समझौता अगले वर्ष यानी कि 2027 में किसी भी वक्त या तय वक्त पर लागू कर दिया जाएगा. समझौते के दस्तावेजों की कानूनी जांच में लगभग पांच-छह महीने लगने की संभावना है, जिसके बाद औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे. 

ईयू-भारत शिखर सम्मेलन में FTA पर ऐलान

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन नई दिल्ली में 16वें ईयू-भारत शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं. इस शिखर सम्मेलन में नेताओं के एक संयुक्त ईयू-भारत व्यापक रणनीतिक एजेंडा को अपनाने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य चार प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग बढ़ाना है, जिसे विभिन्न स्तंभों में सक्षम कारकों के जरिए मजबूती दी जाएगी.

रक्षा समझौता के भी होने की संभावना

ये समृद्धि और सततता (Prosperity and Sustainability), प्रौद्योगिकी और नवाचार(Technology and Innovation), सुरक्षा और रक्षा (Security and Defence), तथा संपर्क और वैश्विक मुद्दे Connectivity and Global Issues) कारक हो सकते हैं. इसके साथ ही रक्षा सहयोग पर भी मुहर लग सकती है.  

लंबे समय से FTA का हो रहा था वेट

उच्च स्तरीय ईयू-भारत शिखर सम्मेलन से पहले यूरो न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मार्कोस सेफकोविच ने कहा कि भारत के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता “बहुत करीब” है और यह यूरोपीय कंपनियों के लिए भारतीय बाजार को काफी हद तक खोल सकता है. 

फाइल डेटा चेकिंग के बाद साइन

सेफकोविच ने संभावित समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताया और कहा कि वार्ताकार 'फाइनल डेटा चेक' कर रहे हैं, क्योंकि यूरोपीय संघ भारत के उन ऊंचे आयात शुल्कों को कम कराने की कोशिश कर रहा है, जो कुछ क्षेत्रों में 150 प्रतिशत तक पहुंच जाते हैं.  उन्होंने कहा, “कुछ क्षेत्रों में भारत के टैरिफ 150 प्रतिशत तक हैं. इसलिए अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से यूरोपीय निर्यातकों के लिए पूरी तरह बंद रहे हैं.” उन्होंने आगे जोड़ा, “अब बड़ा फायदा यह होगा कि अर्थव्यवस्था खुलेगी.” 

2 अरब लोग आएंगे इस व्यापार समझौते के दायरे में

सेफकोविच के अनुसार, यह समझौता लगभग 2 अरब लोगों को समेटने वाला एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाएगा और यूरोपीय वस्तुओं पर भारत के कई सीमा शुल्क को समाप्त करेगा, हालांकि सकारात्मक परिणाम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को इससे बाहर रखा जाएगा. 

भारत में काम कर रही हैं 6 हजार यूरोपीय कंपनियां: EU

यूरो न्यूज़ से बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि, “यह अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है,” और बताया कि लगभग 6,000 यूरोपीय कंपनियां पहले से ही भारत में काम कर रही हैं और पिछले एक दशक में दोनों साझेदारों के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है." 

चीन-अमेरिका पर निर्भरता कम करना चाहता है EU

ब्रुसेल्स इस समझौते को अमेरिका और चीन से परे अपने व्यापार संबंधों में विविधता लाने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में देखता है, जबकि भारतीय अधिकारियों ने प्रमुख क्षेत्रों में विदेशी निवेश और वस्तुओं के लिए बाजार खोलने की इच्छा का संकेत दिया है. यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कालास सहित वरिष्ठ ईयू नेताओं ने व्यापार, सुरक्षा और रक्षा सहयोग के क्षेत्र में ईयू-भारत संबंधों में मजबूत गति का संकेत दिया है. 

कालास ने कहा कि ईयू इस अवसर का लाभ उठाकर संबंधों को और गहरा कर रहा है. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “भारत के साथ करीबी सहयोग के लिए मजबूत गति है और हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं. आज नई दिल्ली में होना और गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होना मेरे लिए खुशी और सम्मान की बात है. हमारे गहराते संबंधों के प्रतीक के रूप में, हमारी ईयू नौसैनिक अभियानों, अटलांटा और एस्पाइड्स के कर्मी पहली बार परेड में भाग ले रहे हैं. कल शिखर सम्मेलन में हम ईयू-भारत सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करके अपने संबंधों को आगे बढ़ाएंगे. इससे समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम मिलेंगे.”

India-EU FTA में 18 साल लग गए

ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 में, यूरोपीय संघ की परिषद ने नए रणनीतिक ईयू-भारत एजेंडा और ईयू-भारत संबंधों को और विकसित करने के उसके उद्देश्य का समर्थन किया था. शिखर सम्मेलन में नेता व्यापार पर भी चर्चा करेंगे, उस मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में जिसकी शुरुआत 2007 में हुई थी और जिसे 2022 में फिर से शुरू किया गया. यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देगा और साझा समृद्धि को गति देगा.

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