Advertisement
'ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे ही, मोदी-शाह को भी जाना होगा...', रामलीला मैदान से राहुल गांधी ने भरी हुंकार
देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए संविधान की सर्वोच्चता और वोट चोरी का मुद्दा उठाया.
Advertisement
Ramlila Maidan Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली आयोजित हुई, जिसमें विपक्षी दलों के कई बड़े नेता, कार्यकर्ता, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधि जुटे हैं. रैली में समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. मंच से कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित विपक्ष के अन्य दिग्गज नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा.
INDIA गठबंधन की रैली को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. विपक्षी दलों की भागीदारी से लेकर चुनाव आयोग, एसआईआर और कारोबारियों की चिंताओं तक, कई मुद्दों पर राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी राय रखी है.
कई साल से हो रही वोट चोरी: राहुल गांधी
Advertisement
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने वहां मौजूद लोगों का आभार जताते हुए कहा कि रामलीला मैदान से जनता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक अपना संदेश पहुंचा दिया है. राहुल गांधी ने इसे देश के किसानों, युवाओं और मजदूरों की आवाज बताते हुए कहा कि संविधान की रक्षा के लिए सभी एकजुट हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी व्यक्ति संविधान से ऊपर नहीं है, बल्कि संविधान सर्वोपरि है. साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि देश में वर्षों से वोट चोरी होती आ रही है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ईवीएम और वोटर लिस्ट के जरिए चुनाव में धांधली हुई है. उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से युवाओं समेत 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए, जिसके चलते 2024 का चुनाव अवैध था. राहुल ने इसे सामान्य चोरी के बजाय देशद्रोह करार देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें जेल भेजने की मांग की.
मोदी-शाह पर राहुल गांधी का निशाना
Advertisement
राहुल गांधी ने कहा कि देश किसी दो-तीन लोगों की मर्जी से नहीं, बल्कि संविधान के मुताबिक चलना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सहयोग के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते. राहुल ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही. अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी कहीं नहीं जा सकते और अगर वे जाना भी चाहें तो विपक्ष उन्हें ऐसा नहीं करने देगा.
हम फरत नहीं करते: राहुल गांधी
Advertisement
राहुल गांधी ने कहा, 'हम नरेंद्र मोदी, अमित शाह या ज्ञानेश कुमार से नफरत नहीं करते. हम नफरत की नहीं, बल्कि प्यार की दुकान खोलने वाले लोग हैं. हम अहिंसा में विश्वास रखने वाले लोग हैं. मेरे लिए कोई भी दुश्मन नहीं है - न नरेंद्र मोदी, न अमित शाह और न ही ज्ञानेश कुमार. लेकिन भारत के हर नागरिक की आवाज़ मेरे लिए सबसे अहम है, यहाँ तक कि धर्म से भी ज़्यादा. यही मेरा धर्म है. हम हिंसा का सहारा नहीं लेंगे, किसी को नुकसान नहीं पहुँचाएंगे और न ही नफरत फैलाएंगे. हम प्यार से काम करेंगे. चाहे कुछ भी हो जाए, हम ऐसा नहीं होने देंगे.'
#WATCH | INDIA bloc mega rally | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "We do not hate Narendra Modi, Amit Shah or Gyanesh Kumar. We are people who open the shop of love, not hatred. We are people of non-violence. For me, there is no enemy. Neither Narendra Modi, nor Amit Shah, nor Gyanesh Kumar. But the voice of every citizen of India is more important to me, even more important than religion. That is my religion. We will not use violence, we will not harm anyone and we will not spread hatred. We will work with love. But we will not let you destroy the Constitution. No matter what happens, we will not let it happen." (Source: ANI/Congress)
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">November 1, 2026
वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर राहुल ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से करीब 13.5 करोड़ लोगों के नाम हटा दिए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 15 फीसदी है. उन्होंने कहा कि हर सात में से एक मतदाता का नाम सूची से बाहर हुआ है. राहुल के मुताबिक, 2024 के चुनाव में NDA और विपक्ष के बीच जीत का अंतर महज 3 फीसदी था, जबकि बाद में 15 फीसदी मतदाताओं के नाम हटाए गए. इसी आधार पर उन्होंने 2024 के चुनाव की वैधता पर सवाल उठाए.
Advertisement
रामलीला मैदान 'हल्दी घाटी' का मैदान बना गया: अखिलेश यादव
वहीं इस रैली को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार पर जमकर निशाना साधा रामलीला मैदान से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'अंगद का पैर' वाले बयान पर पलटवार किया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब जमीन ही नहीं बचेगी तो पैर कहां टिकेगा. अखिलेश ने बदलाव का दावा करते हुए कहा कि रामलीला मैदान लोकतंत्र की 'हल्दी घाटी' बन गया है. उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP की ऐसी विदाई होगी कि उसकी वापसी मुश्किल हो जाएगी.
Advertisement
अखिलेश का 2027 को लेकर BJP पर निशाना
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ का हवाला देते हुए दावा किया कि देश में बदलाव की लहर उठ रही है. उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान लोकतंत्र की 'हल्दी घाटी' बन चुका है और आने वाले समय में परिवर्तन होकर रहेगा. अखिलेश ने BJP पर तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग किसी का स्वागत करते हैं तो विदाई भी उससे बेहतर तरीके से करते हैं. उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में BJP और उसके सहयोगी दलों की ऐसी विदाई होगी कि वे दोबारा सत्ता में नहीं लौट पाएं. रामलीला मैदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह भगवान राम की लीला से जुड़ी जगह है, जहां बुराई का अंत होता है.
Advertisement
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि रामलीला मैदान की इस महारैली में राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया, वोटर लिस्ट और केंद्र सरकार को लेकर तीखे सवाल उठाए. वहीं, 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश के बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. इस रैली के बाद INDIA ब्लॉक और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं.