‘पहले अपने गिरेबान में झांके…’, इस्लामाबाद ब्लास्ट में भारत को घेरने चला था पाकिस्तान, भारत ने कायदे से सुना दिया
भारत ने इस्लामाबाद की इमामबारगाह में हुए आत्मघाती धमाके में अपनी भूमिका के आरोपों को सिरे से खारिज किया. विदेश मंत्रालय ने इन्हें बेबुनियाद और बेतुका बताया, हमले की निंदा की और जानमाल के नुकसान पर दुख जताया.
Follow Us:
भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर कूटनीतिक तल्खी देखने को मिली है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक इमामबारगाह में हुए आत्मघाती बम धमाके के बाद पाकिस्तान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए, जिन्हें भारत ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि ये आरोप न केवल बेबुनियाद हैं बल्कि पूरी तरह बेतुके भी हैं.
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में भारत ने इस दर्दनाक हमले की कड़ी निंदा की और जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस्लामाबाद की इमामबारगाह में हुआ धमाका निंदनीय है और भारत पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है. साथ ही भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक और सामाजिक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए बार-बार दूसरों पर दोष मढ़ने की कोशिश करता है.
अपनी समस्याओं पर ध्यान दें पाकिस्तान: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दो टूक कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वाली समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. भारत ने स्पष्ट किया कि वह आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ है और निर्दोष लोगों की जान लेने वाली किसी भी हिंसा का समर्थन नहीं करता.
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने लगाए थे आरोप
भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि हमले में शामिल आतंकवादी अफगानिस्तान आता-जाता था और इसमें भारत तथा अफगानिस्तान की मिलीभगत है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत सीधे युद्ध की हिम्मत नहीं रखता और प्रॉक्सी के जरिए लड़ाई लड़ रहा है. भारत ने इन सभी बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के आरोप न तो किसी तथ्य पर आधारित हैं और न ही उनका कोई आधार है. जानकारी देते चलें कि यह आत्मघाती बम धमाका नमाज के दौरान इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित इमामबारगाह खदीजा-तुल-कुबरा में हुआ. इस हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 169 लोग घायल हुए हैं. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गईं.
बहरहाल, यह घटना न केवल पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा हालात पर सवाल खड़े करती है, बल्कि भारत-पाकिस्तान संबंधों में पहले से मौजूद तनाव को और गहरा करती नजर आ रही है. भारत ने साफ कर दिया है कि वह बिना सबूत लगाए गए किसी भी आरोप को स्वीकार नहीं करेगा और सच्चाई के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा.
Advertisement
यह भी पढ़ें
Advertisement