सीएम नायब सैनी का बड़ा ऐलान, हरियाणा में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम और हॉस्टल बनेगा
Haryana: प्रदेश में जल्द ही सुगम्य दिव्यांग स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा, जहां दिव्यांग खिलाड़ियों को न केवल अभ्यास की बेहतर सुविधा मिलेगी बल्कि आवासीय व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी. इस घोषणा को दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक अहम और सकारात्मक कदम माना जा रहा है.
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Haryana: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में मंगलवार से स्पेशल ओलंपिक्स भारत एथलेटिक्स चैंपियनशिप की शुरुआत हो गई है. इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया. उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांग खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और एक बड़ी घोषणा की.उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्द ही सुगम्य दिव्यांग स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा, जहां दिव्यांग खिलाड़ियों को न केवल अभ्यास की बेहतर सुविधा मिलेगी बल्कि आवासीय व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी. इस घोषणा को दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक अहम और सकारात्मक कदम माना जा रहा है.
27 राज्यों के 500 से ज्यादा खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
यह चैंपियनशिप 7 फरवरी तक चलेगी, जिसमें देश के 27 राज्यों से आए 500 से अधिक दिव्यांगजन खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. प्रतियोगिता के दौरान एथलेटिक्स की कई स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं. स्पेशल ओलंपिक्स भारत, बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाला एक राष्ट्रीय खेल संगठन है, जिसे वर्ष 2001 से भारत सरकार की मान्यता प्राप्त है. कार्यक्रम की अध्यक्षता स्पेशल ओलंपिक्स भारत की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा ने की, जबकि हरियाणा के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री गौरव गौतम विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
स्पेशल ओलंपिक्स सिर्फ खेल नहीं, एक वैश्विक आंदोलन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स केवल पदक जीतने की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक आंदोलन है जो दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास, सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर देता है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है.
हरियाणा सरकार का खेलों पर बड़ा निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ने पिछले 11 वर्षों में खेलों की आधारभूत संरचना पर 989 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. मौजूदा वित्त वर्ष में भी खेलों के विकास के लिए 60 करोड़ रुपये की राशि दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस अवधि में 16,418 खिलाड़ियों को कुल 683 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की है, जिससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है.
खिलाड़ियों के लिए नर्सरी, नौकरी और प्रोत्साहन
हरियाणा सरकार ने खिलाड़ियों को 15,634 खेल उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं और प्रदेश भर में 1,472 खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं. इन नर्सरियों में 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को हर महीने 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. इसके साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए 550 पद सृजित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है.
खेल और खिलाड़ियों की पहचान बना हरियाणा
स्पेशल ओलंपिक्स भारत की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा कि हरियाणा केवल वीर जवानों और किसानों की धरती नहीं, बल्कि खेल और खिलाड़ियों की भूमि भी है. उन्होंने हरियाणा सरकार की खेल नीति की जमकर सराहना की. साथ ही, दिव्यांग सशक्तिकरण और दिव्यांग कौशल विकास योजनाओं के लिए केंद्रीय बजट में राशि बढ़ाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का आभार जताया.
मानवीय मूल्यों का भी उत्सव है यह आयोजन
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खेल एवं युवा मामलों के मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का उत्सव है. उन्होंने खेलों के लिए केंद्रीय बजट में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार का धन्यवाद किया और हरियाणा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी. उद्घाटन समारोह में भाजपा हरियाणा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ और पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर भी उपस्थित रहे.
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