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विदेश दौरा, मीटिग, एजेंडा, ECINET पोर्टल को लेकर बड़ा फैसला, SIR का शेड्यूल जारी, डिक्लेरेशन से भी मुक्ति
चुनाव आयोग ने SIR का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. वहीं आयोग में होने वाले बैठकों, कामकाज और अधिकारियों के विदेश दौरे को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है.
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भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार को वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (एसएसआर) का पूरा टाइमलाइन घोषित कर दिया. इस प्रक्रिया का मकसद छूटे हुए और पहली बार वोटर बनने योग्य युवाओं को वोटर लिस्ट में जोड़ना है. इसी बीच चुनाव आयोग के कामकाज के तौर तरीकों और प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव हुआ है.
आयोग के अनुसार, इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट रोल 30 नवंबर तक तैयार कर लिए जाएंगे जबकि फाइनल रोल प्रकाशित करने की अंतिम तारीख 21 जनवरी 2027 तय की गई है. बीच में करीब दो महीने का समय अपील, आपत्ति और उनके निपटारे के लिए रखा गया है.
चुनाव आयोग के कामकाज में बड़ा बदलाव
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आपको बता दें कि SIR को लेकर फैसले के बीच चुनाव आयोग ने 26 सितंबर 2026 की बैठक में कई ऐसे कड़े और बड़े फैसले लिए हैं, जिस पर अमल शुरू हो गया है. आयोग ने सिस्टम को और पारदर्शी बनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं. हालिया फैसले के आधार पर अब चुनाव आयोग की बैठक का एजेंडा पहले से जारी कर दिया जाएगा और मीटिंग के मिनिट्स नोट होंगे और उसे शेयर किया जाएगा.
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चुनाव आयोग के फैसले के मुताबिक अब अगर आपकी वोटर आईडी में कोई गड़बड़ी है या नाम मैप नहीं हुआ है, तो आपको कहीं और जाने की जरूरत नहीं है. BLOs खुद आपके घर आकर दस्तावेज़ ले जाएंगे. यही नहीं, गरीब, बेघर और मजदूर वर्ग के लोगों के लिए आयोग ने स्पेशल हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाने का आदेश दिया है.
विदेश दौरों पर भी शिकंजा: चुनाव आयोग ने बिना इजाजत विदेश दौरे पर जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की नकेल कस दी है. अब कोई भी अधिकारी विदेशी सैर-सपाटे पर या किसी भी तरह के कार्य के लिए बिना आयोग के इजाजत के नहीं जा पाएगा. यही नहीं, हर साल 31 दिसंबर तक सबका परफॉर्मेंस रिपोर्ट (APARs) पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है. आयोग के आदेशों का कड़ाई से पालन करना होगा.
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सिस्टम फुल-प्रूफ, IIT एक्सपर्ट्स की एंट्री: चुनाव आयोग का 'ECINET' पोर्टल और भी हाई-टेक होने जा रहा है. सिस्टम नियमों के मुताबिक काम कर रहा है या नहीं, इसका 'डबल-चेक' करने के लिए IIT/IIIT के विशेषज्ञों की एक कमेटी बनेगी. अब पोर्टल में कोई भी नया बदलाव बिना अधिकारियों की कमेटी (COO) की मंजूरी के नहीं होगा.
अफवाहों पर भी 'फुल स्टॉप': जिस कैबिनेट सचिव को लिखी गई चिट्ठी पर बवाल था, उस पर आयोग ने साफ कर दिया है कि वह कोई नीतिगत मामला नहीं था, बल्कि महज एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति का विवाद था.
चुनाव आयोग ने SIR का शेड्यूल जारी किया
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बिहार और बंगाल समेत देश के 20 राज्यों में स्पेशल रिवीजन (SIR) पूरा हो गया है. गोवा में अधिकारियों ने घर-घर जाकर 97 में से 81 छूटे हुए वोटर्स के फॉर्म भरवाकर रिकॉर्ड बनाया है. अब चुनाव आयोग ने पूरे देश में पहली बार वोट देने वाले युवाओं और छूटे हुए वोटर्स को जोड़ने के लिए एक 'विशेष अभियान' छेड़ने का आदेश जारी कर दिया है.
अब अपने ताजा नोट में चुनाव आयोग ने कहा कि एसएसआर उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा, जहां एसआईआर अभी-अभी पूरा हुआ है या एसआईआर का तीसरा चरण अभी चल रहा है. इससे साफ है कि यह एक साथ पूरे देश में नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से होगा.
आयोग ने कहा, "आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना जैसे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा." वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे पहाड़ी इलाकों में ठंड के मौसम को देखते हुए SIR बाद में शुरू किया जाएगा.
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किस तारीख को क्या होगा?
आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 20 नवंबर तक पोलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण या पुनर्व्यवस्था पूरी करनी होगी. 30 नवंबर तक इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन पूरा होगा. 30 नवंबर से 12 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी. 16 जनवरी 2027 तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा पूरा करना होगा. 21 जनवरी 2027 को इलेक्टोरल रोल का अंतिम प्रकाशन होगा.
दावे और आपत्तियां दाखिल करने और उनके समाधान के लिए करीब दो महीने का समय दिया गया है. चुनाव आयोग ने विस्तृत प्रेस नोट में बीएलओ, डीआरओ, ईआरओ और अन्य मतदान अधिकारियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं. आयोग ने कहा कि संबंधित सीईओ अंतिम प्रकाशन के दिन प्रेस नोट जारी करेंगे.
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आयोग ने बताया, "प्रत्येक सीईओ इस अवधि के दौरान प्रेस नोट जारी करेंगे, जिसमें ईआरओ द्वारा राजनीतिक दलों को दावों और आपत्तियों की साप्ताहिक सूची सौंपे जाने की तस्वीरें भी साझा की जाएंगी. नोट में जनता और राजनीतिक दलों को अपील की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी जाएगी."
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आयोग ने कहा, "सीईओ जनता को अंतिम प्रकाशन और मतदाताओं के विवरण के सारांश के बारे में जानकारी देंगे और अपील की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन करेंगे."
26 और 29 सितंबर को आयोग की ओर से लिए गए कई फैसले
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बता दें कि चुनाव आयोग ने 29 सितंबर को कम से कम 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में छूटे हुए युवा और पहली बार वोटर बनने योग्य मतदाताओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे. अब तारीखों की घोषणा के साथ ही नामांकन प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है.