CM योगी के नेतृत्व में दसवें दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर, बंगाल व अन्य प्रदेशों के सैकड़ों कारीगर निर्माण कार्य में जुटे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र बनाने के निरंतर प्रयास हो रहे हैं. पर्यटन विभाग द्वारा की जा रही ये तैयारियां न केवल श्रद्धालुओं को अद्वितीय अनुभव देंगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों को भी रोजगार का अवसर प्रदान करेंगी.
Follow Us:
रामनगरी में दसवें दीपोत्सव पर ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा कि मानो त्रेता युग लौट आया हो. श्रद्धालु राम की पैड़ी पर पहुंचते ही ‘पुष्पक विमान’ और ‘राम दरबार’ को देखकर स्तब्ध रह जाएंगे. पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे ये दोनों भव्य निर्माण सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के कालखंड का जीवंत अनुभव बनने वाले हैं.
योगी सरकार की दीपोत्सव को भव्य बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही. मोक्ष एडवर्टाइजिंग एंड इवेंट्स मैनेजमेंट कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार पुष्पक विमान की लंबाई 30 फीट, चौड़ाई 12 फीट और ऊंचाई 16 फीट रखी गई है. राम दरबार 30 गुणा 20 फीट क्षेत्र में बन रहा है, जिसकी ऊंचाई लगभग 20 फीट होगी. दोनों संरचनाएं प्लाई कैनवास मटेरियल से तैयार की जा रही हैं. बंगाल सहित अन्य राज्यों के कुशल कारीगर रात-दिन मेहनत कर रहे हैं, ताकि हर बारीक नक्काशी और आकार सटीक बने. इसके साथ रामायण थीम पर आधारित तीन नावें भी तैयार हो चुकी हैं, जो सरयू नदी पर तैरती हुई पूरे दृश्य को और रोमांचक बना देंगी. पुष्पक विमान को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की लंका विजय के बाद अयोध्या वापसी के प्रसंग की अनुभूति हो सके.
कदमों को सहारा, आस्था को उड़ान, व्हीलचेयर से आसान हुए दीपोत्सव और सरयू आरती के दर्शन
सरयू की लहरों पर दीयों की परछाईं लेकर तैरेंगी नावें
जब दीपों की रोशनी में पुष्पक विमान जगमगाने लगेगा और राम दरबार में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण तथा हनुमान जी की उपस्थिति का आभास होगा, तो लगेगा जैसे कोई प्राचीन चित्र जीवित हो उठा हो.
यह भी पढ़ें
अद्वितीय अनुभाव के साथ मिल रहा रोजगार का अवसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र बनाने के निरंतर प्रयास हो रहे हैं. पर्यटन विभाग द्वारा की जा रही ये तैयारियां न केवल श्रद्धालुओं को अद्वितीय अनुभव देंगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों को भी रोजगार का अवसर प्रदान करेंगी. राम की पैड़ी पर खड़े होकर जब श्रद्धालु पुष्पक विमान और राम दरबार को देखेंगे, तो उनके मन में वही भक्ति और विस्मय जागेगा जो सदियों पहले इस धरती पर रहा होगा.