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दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले CJP नेताओं को सताने लगा गिरफ्तारी का डर, पार्टी के दावे पर क्यों खड़े हो रहे सवाल?
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्तूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है. पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार उसके नेताओं को गिरफ्तार करने की तैयारी में है.
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देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब एक के बाद एक आंदोलन की धमकी दे रही है, या यूं कहें कि सरकार को बार-बार चेतावनी देती नजर आ रही है. फिलहाल सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को अपना प्रमुख मुद्दा बना रखा है. हालांकि, अब पार्टी के शीर्ष नेताओं को गिरफ्तारी का डर भी सताने लगा है.
दरअसल, सीजेपी पार्टी की कोई जायज मांग हो तो उस पर सवाल नहीं होना चाहिए, लेकिन हर मुद्दे पर बिना जांच या ठोस सबूतों के सीधे इस्तीफे की मांग करना कितना उचित है और कितना गलत, यह सवाल भी उठना लाजिमी है. शायद इसी सवाल का जवाब अब सीजेपी को खुद देना चाहिए. इसी बीच पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया है कि सरकार उनकी पार्टी के प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना बना रही है. ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या सीजेपी अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने रखेगी, या फिर हर बार की तरह यह भी सिर्फ सरकार पर दबाव बनाने की एक और चेतावनी बनकर रह जाएगी?
10 अक्तूबर का क्या है CJP का प्लान?
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पार्टी ने 10 अक्तूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है. हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इस प्रदर्शन से पहले सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि सरकार पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार करने की तैयारी में है. हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस जानकारी या प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया है. सौरव दास ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह सोच है कि कथित तौर पर दबाव या कार्रवाई के जरिए देश के युवाओं की आवाज को शांत किया जा सकता है, तो ऐसा नहीं होने वाला. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे 10 अक्तूबर को होने वाले प्रदर्शन को एक बड़े जन-आंदोलन की शुरुआत में बदलने की दिशा में आगे बढ़ें.
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किसकी गिरफ़्तारी का CJP ने किया दावा
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए अपनी बात रखते हुए सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें, अभिजीत, आशुतोष, रत्ना और सीजेपी के अन्य नेताओं को हिरासत में लेने की योजना बना रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता साथ रहें या न रहें, युवाओं को अपनी आवाज बुलंद रखनी चाहिए. हालांकि, सौरव दास के इन आरोपों को लेकर अभी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
तानाशाही वाली हरकतें नहीं चलेंगी- सौरव दास
सौरव दास ने आगे सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की तानाशाही वाली हरकतों से युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती. उन्होंने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि ऐसी कार्रवाई से युवा शांत हो जाएंगे, तो यह उसकी गलतफहमी है. दास ने युवाओं से अपने अधिकारों और भविष्य के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की, चाहे वे खुद उनके साथ हों या नहीं. उन्होंने कहा कि वे जेल जाने या इससे भी गंभीर परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन युवाओं को दबाने की ऐसी कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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बताते चलें कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सामने आई इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ विरोध तेज कर दिया है. सीजेपी लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही है. इससे पहले पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. इसके बाद वह मुंबई में जेल भरो आंदोलन के लिए पहुंचे, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के बाद सीजेपी ने आंदोलन को दिल्ली ले जाने का फैसला किया. अब कॉकरोच जनता पार्टी 10 अक्तूबर को नई दिल्ली में प्रदर्शन करने की तैयारी में है.