BJP सांसद निशिकांत दुबे बनाएंगे नेहरू-गांधी परिवार पर खास लाइब्रेरी, जानिए इसके पीछे का असली मकसद
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने नेहरू-गांधी परिवार पर फिजिकल और ऑनलाइन लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की है. उनका कहना है कि इसका उद्देश्य इतिहास के उन पहलुओं को सामने लाना है, जो अब तक सही तरह से पेश नहीं किए गए.
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संसद के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. महंगाई, रोजगार और विदेश नीति जैसे मुद्दों के बीच अब राजनीतिक बहस ने एक नया मोड़ ले लिया है. भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने नेहरू-गांधी परिवार को लेकर ऐसी घोषणा की है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. दुबे ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वह नेहरू-गांधी परिवार पर आधारित एक फिजिकल और एक ऑनलाइन लाइब्रेरी बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं.
क्या है लाइब्रेरी वाली बात?
निशिकांत दुबे का कहना है कि इस लाइब्रेरी का उद्देश्य इतिहास के उन पहलुओं को सामने लाना है, जिन्हें उनके मुताबिक अब तक सही तरीके से जनता के सामने नहीं रखा गया. उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता की भूख का आरोप लगाते हुए कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के कई नीतिगत फैसलों से देश को नुकसान उठाना पड़ा. उनके अनुसार यह लाइब्रेरी उन कथित गलतियों, फैसलों और घटनाओं का दस्तावेजी संग्रह होगी, ताकि लोग खुद तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाल सकें.
पाकिस्तान के गठन का जिम्मेदार कौन?
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बीजेपी सांसद ने बताया कि यह विचार अचानक नहीं आया. उन्होंने कहा कि पिछले संसद सत्र में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने जवाहरलाल नेहरू पर चर्चा की बात कही थी. उसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि देश के विभाजन और पाकिस्तान के गठन के लिए आखिर जिम्मेदार कौन था. दुबे ने कश्मीर मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर से जुड़े ऐतिहासिक फैसलों की कीमत आज भी देश चुका रहा है. उनके मुताबिक इन सभी विषयों पर खुली और तथ्य आधारित चर्चा जरूरी है.
नेहरू गाँधी परिवार के कारनामों,उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार,उनकी नीतियों के कारण देश को हुए नुक़सान तथा व्यक्तिगत कार्यकलाप के कारण देश को हुए नुक़सान पर एक पुस्तकालय बनाने का मैंने निर्णय लिया है । आप सभी लोगों से मुझे सहयोग,सुझाव की आवश्यकता है । यह पुस्तकालय आने वाले… pic.twitter.com/vufjkeRDpd
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) February 6, 2026
निशिकंट दुबे ने जनरल करिअप्पा का उदाहरण दिया
निशिकांत दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों में कई बार राजनीति हावी रही. उन्होंने जनरल करिअप्पा का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समिति बनाकर सेना के मनोबल को कमजोर किया गया. इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2008 में कांग्रेस सरकार के दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ हुए समझौते का भी जिक्र किया. दुबे का कहना है कि आज जिन वैश्विक और सामरिक चुनौतियों का सामना भारत कर रहा है, उनकी जड़ें अतीत की उन नीतियों में छिपी हैं.
सोशल मीडिया पर भी BJP सांसद ने किया पोस्ट
इस बीच निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी योजना को लेकर पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा कि नेहरू-गांधी परिवार के कार्यकाल से जुड़े फैसलों, कथित भ्रष्टाचार और उनके प्रभावों को दस्तावेज के रूप में संकलित किया जाएगा. उनका दावा है कि प्रस्तावित लाइब्रेरी आने वाली पीढ़ियों, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बनेगी. इसके लिए उन्होंने आम लोगों से सुझाव और सहयोग भी मांगा है.
कांग्रेस ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
बीजेपी सांसद के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. संसद के भीतर और बाहर कांग्रेस नेताओं ने दुबे के बयान को अपमानजनक बताया. लोकसभा में उनके भाषण के दौरान दिखाई गई किताबों और लगाए गए आरोपों को लेकर विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से शिकायत भी की. कांग्रेस का कहना है कि इस तरह के बयान संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश हैं.
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बताते चलें वर्तमान स्थिति को देखते हुए राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बजट सत्र के बीच इस तरह की घोषणा ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है. एक ओर बीजेपी इसे ऐतिहासिक तथ्यों को सामने लाने की पहल बता रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रही है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह लाइब्रेरी की योजना सिर्फ एक राजनीतिक बयान बनकर रह जाती है या वास्तव में देश की राजनीति और ऐतिहासिक विमर्श में कोई नई बहस छेड़ती है.
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