'भोलेनाथ, मेरे पापा की दारू छुड़ा दो...', अलीगढ़ के शिव मंदिर में 9 साल की बच्ची ने की महादेव से भावुक प्रार्थना

महाशिवरात्रि से पहले अलीगढ़ के गंभीरपुरा मोहल्ले से एक मार्मिक मामला सामने आया. दिल्ली से नाना-नानी के घर आई 9 साल की बच्ची कांवड़ लेकर मंदिर पहुंची और भगवान शिव से प्रार्थना की कि उसके पिता शराब छोड़ दें.

'भोलेनाथ, मेरे पापा की दारू छुड़ा दो...',  अलीगढ़ के शिव मंदिर में 9 साल की बच्ची ने की महादेव से भावुक प्रार्थना
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देशभर में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि के अवसर पर देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. श्रद्धालु जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं. कोई उपवास रखता है, कोई रातभर जागरण करता है, तो कोई कांवड़ यात्रा कर भगवान शिव को प्रसन्न करने का प्रयास करता है. आस्था और विश्वास का यह संगम हर साल करोड़ों लोगों को एक सूत्र में बांध देता है.

अलीगढ़ से आई भावुक तस्वीर 

इसी आस्था के बीच उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया. गंभीरपुरा मोहल्ले के प्राचीन शिव मंदिर में एक 9 साल की मासूम बच्ची कांवड़ उठाकर पहुंची. उसकी उम्र खेलने-कूदने की थी, लेकिन उसके कदमों में एक अलग ही दृढ़ता थी. वह कोई खिलौना, मोबाइल या नए कपड़े मांगने नहीं आई थी. उसके मन में सिर्फ एक ही प्रार्थना थी कि उसके पिता शराब छोड़ दें और घर में शांति लौट आए.

मासूम ने पिता के लिए महादेव से प्रार्थना 

परिवार के अनुसार, बच्ची दिल्ली से अपने नाना-नानी के घर अलीगढ़ आई हुई थी. घर के माहौल से परेशान यह मासूम कई दिनों से कह रही थी कि वह भगवान शिव से अपने पिता के लिए दुआ मांगेगी. उसकी मौसी कुमकुम ने बताया कि बच्ची ने खुद कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया. सावन और महाशिवरात्रि जैसे पवित्र अवसर पर कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है. मंदिर पहुंचकर बच्ची ने कांपते हाथों से जल चढ़ाया और हाथ जोड़कर कहा, भोलेनाथ मेरे पापा की दारू छुड़ा दो. वह दारू पीकर घर में झगड़ा करते हैं. उसकी आंखों में आंसू थे, लेकिन आवाज में विश्वास साफ झलक रहा था. मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु यह सुनकर भावुक हो उठे. पुजारी ने बच्ची को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सच्चे मन की प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती.

शराब के चलते घर में होते हैं झगड़े 

जानकारी के मुताबिक, बच्ची के पिता शराब की लत से जूझ रहे हैं. घर में आए दिन होने वाले झगड़ों का असर सीधे उसके मन पर पड़ा है. विशेषज्ञों के अनुसार, परिवार में लगातार तनाव और विवाद का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों के मानसिक विकास पर पड़ता है. ऐसे माहौल में पल रहे बच्चे अक्सर डर और असुरक्षा महसूस करते हैं. यह घटना भी उसी पीड़ा की झलक दिखाती है. मंदिर से बाहर निकलते समय जब लोगों ने उससे कांवड़ उठाने का कारण पूछा, तो उसने मासूमियत से कहा कि अगर उसके पापा शराब छोड़ देंगे तो वह रोज मंदिर आएगी. उसकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. मोहल्ले के लोग अब उस बच्ची की मन्नत पूरी होने की दुआ कर रहे हैं. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है.

मासूम बच्चियों ने दिया बड़ा सामाजिक संदेश 

जानकरी देते चलें कि शराब की लत से जुड़े मामलों की संख्या लगातार चिंता का विषय रही है. कई सामाजिक संगठनों का मानना है कि नशे की आदत सिर्फ व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती है. इस नन्ही बच्ची की कांवड़ यात्रा ने एक बड़ा सामाजिक संदेश भी दिया है. उसने दिखा दिया कि कभी-कभी सबसे गहरी बात आंकड़ों या भाषणों से नहीं, बल्कि एक मासूम दिल की पुकार से समझ आती है.

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बताते चलें कि महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर जहां लाखों भक्त अपनी-अपनी मनोकामनाएं लेकर भगवान शिव के दरबार में पहुंचेंगे, वहीं अलीगढ़ की यह बच्ची आस्था और उम्मीद की एक जीवंत मिसाल बन गई है. उसकी प्रार्थना सिर्फ उसके पिता के लिए नहीं, बल्कि उन सभी परिवारों के लिए एक संदेश है जो नशे की वजह से टूट रहे हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या उसकी सच्ची पुकार रंग लाएगी और उसके घर में फिर से खुशियां लौटेंगी.

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