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WEF मंच पर IMF प्रमुख पर भड़के अश्विनी वैष्णव, भारत की AI ताकत को लेकर दिया ऐसा जवाब कि खामोश रह गईं जॉर्जिएवा

WEF के मंच पर अश्विनी वैष्णव ने IMF प्रमुख की टिप्पणी का विरोध करते हुए कहा कि भारत AI ताकत में दूसरे नहीं, बल्कि पहले ग्रुप में शामिल है. उन्होंने तथ्यों के साथ भारत की AI तैयारी और टैलेंट को मजबूत बताते हुए देश के AI विजन का जोरदार बचाव किया.

WEF मंच पर IMF प्रमुख पर भड़के अश्विनी वैष्णव, भारत की AI ताकत को लेकर दिया ऐसा जवाब कि खामोश रह गईं जॉर्जिएवा
Ashwini Vaishnaw / Kristalina Georgieva (File Photo)
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स्विट्जरलैंड में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच से भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ताकत का जोरदार बचाव देखने को मिला. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की एक हाजिर जवाबी सोशल मीडिया से लेकर वैश्विक नीति हलकों तक चर्चा का विषय बन गई है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा को मंच पर दिया गया उनका जवाब न सिर्फ तथ्यों पर आधारित था, बल्कि भारत के AI विजन को भी मजबूती से सामने रखता नजर आया.

दरअसल, यह मामला तब उठा जब जॉर्जिएवा ने भारत को AI ताकत के दूसरे ग्रुप में रखा. इस टिप्पणी पर अश्विनी वैष्णव ने तुरंत और स्पष्ट शब्दों में आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि वैश्विक बेंचमार्क के अनुसार भारत किसी भी तरह से दूसरे ग्रुप में नहीं आता. भारत AI की तैयारी, टैलेंट और इस्तेमाल के मामले में पहले ग्रुप में शामिल होने का पूरा हक रखता है. उनके इस जवाब के बाद मंच पर मौजूद जॉर्जिएवा कुछ पल के लिए शांत नजर आईं.

अश्विनी वैष्णव ने उठाया सवाल 

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने IMF की क्लासिफिकेशन पर सवाल उठाते हुए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठित रिपोर्ट का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता IMF का क्राइटेरिया क्या है, लेकिन स्टैनफोर्ड की रिपोर्ट भारत को AI तैयारी में दुनिया में तीसरे स्थान पर रखती है. उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की रैंकिंग भारत की वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं दिखाती. खास बात यह रही कि यह बात वह उसी मंच से कह रहे थे, जहां IMF प्रमुख खुद मौजूद थीं.

स्टैनफोर्ड रिपोर्ट ने बढ़ाया भारत का आत्मविश्वास

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अश्विनी वैष्णव ने स्टैनफोर्ड की 2025 AI इंडेक्स रिपोर्ट और ग्लोबल AI वाइब्रेंसी टूल के आंकड़े सामने रखे. इन आंकड़ों के अनुसार भारत AI वाइब्रेंसी में दुनिया में तीसरे स्थान पर है. भारत का स्कोर 21.59 है, जबकि पहले स्थान पर अमेरिका 78.6 और दूसरे स्थान पर चीन 36.95 के स्कोर के साथ मौजूद हैं. रिपोर्ट में भारत को AI टैलेंट एक्विजिशन में दुनिया का नंबर 1 देश बताया गया है, जहां 2024 में AI हायरिंग ग्रोथ 33.4 फीसदी रही. वहीं 2015 से 2024 के लंबे समय में AI स्किल पेनेट्रेशन के मामले में भारत दूसरे स्थान पर रहा है. मंत्री ने कहा कि स्टैनफोर्ड भारत को AI पेनेट्रेशन, तैयारी और टैलेंट में तीसरे स्थान पर रखता है, जबकि टैलेंट के मामले में भारत दूसरे पायदान पर है. यह आंकड़े दिखाते हैं कि भारत सिर्फ दावे नहीं कर रहा, बल्कि ठोस प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है.

पांच लेयर्स में भारत की AI रणनीति

अश्विनी वैष्णव ने भारत की AI रणनीति को पांच लेयर्स में समझाया. इसमें एप्लीकेशन लेयर, मॉडल लेयर, चिप लेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर लेयर और एनर्जी लेयर शामिल हैं. उन्होंने बताया कि भारत इन सभी लेयर्स पर एक साथ काम कर रहा है और हर स्तर पर सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं.

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उन्होंने विशेष रूप से एप्लीकेशन लेयर पर जोर दिया और कहा कि इस क्षेत्र में भारत दुनिया का सबसे बड़ा सर्विस सप्लायर बन सकता है. वैष्णव ने स्पष्ट किया कि AI में असली रिटर्न केवल बड़े मॉडल बनाने से नहीं आता, बल्कि एंटरप्राइज के लिए उपयोगी AI एप्लीकेशंस डिलिवर करने से आता है. अधिकांश समस्याएं 20 से 50 बिलियन पैरामीटर्स वाले मॉडल से हल हो सकती हैं और भारत ऐसे कई मॉडल्स का मजबूत बुके तैयार कर रहा है.

व्यावहारिक AI और भारत की बढ़त

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मंत्री ने कहा कि भारत का फोकस AI के व्यावहारिक डिप्लॉयमेंट पर है. भारतीय कंपनियां बिजनेस की जरूरतों को समझकर AI सॉल्यूशंस तैयार कर रही हैं. सरकार की भूमिका AI को अर्थव्यवस्था के हर हिस्से तक पहुंचाने की है. दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत AI के जरिए अपनी विकास गति को और मजबूत कर रहा है. दावोस से दिया गया यह संदेश साफ है कि भारत अब AI की दौड़ में सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि मजबूत दावेदार बन चुका है.

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